पंकज कपूर ने समझाया आजकल कैसी फिल्में देखना चाहते हैं दर्शक? बोले- मेरे लिए कहानी की भावनाएं हैं सबसे जरूरी
Pankaj Kapur: दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर ने बताया कि ये दर्शकों पर निर्भर करता है कि वो कहानी को कैसे देखते हैं और उसका क्या निष्कर्ष निकालते हैं। जानिए आजकल के दर्शकों को लेकर अभिनेता ने क्या कुछ कहा…
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विस्तार
पंकज कपूर की गिनती इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकारों में होती है। वो कम मगर दमदार फिल्मों व किरदारों में नजर आते हैं। हाल ही में पंकज कपूर सौरभ शुक्ला के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जब खुली किताब’ में नजर आए हैं। इस बीच पंकज कपूर ने मौजूदा वक्त में दर्शकों की रुचि को लेकर बात की। उन्होंने समझाया कि अजकल दर्शक कहानियों और विषयों को किस तरह से देखते और समझते हैं। पंकज कपूर ने तर्क दिया कि हर कोई हिंसक फिल्म देखकर हत्या करने की इच्छा नहीं रखता।
फिल्म का नजरिया दर्शकों के दृष्टिकोण पर निर्भर करता है
जूम के साथ बातचीत में पंकज कपूर ने बताया कि कहानी की भावनाओं को दिखाना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण था। फिर, यह मेरे दर्शकों पर निर्भर करता है कि वे उस विषय से क्या निष्कर्ष निकालना चाहते हैं।
कुछ लोग इसे उस तरह से ले सकते हैं जिसके बारे में लेखक, निर्देशक या अभिनेताओं ने भी कभी सोचा नहीं होगा। यह किसी विषय के प्रति हर व्यक्ति के दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई फिल्म सुपरहिट हो जाती है और वह बेहद हिंसक फिल्म है, तो क्या हम यह कहना चाह रहे हैं कि दर्शकों में बैठा हर व्यक्ति हत्या करना चाहता है?
क्या हम यह कहना चाह रहे हैं कि हर व्यक्ति के हाथ में चाकू है और वह लोगों के पेट और चेहरे पर वार करना चाहता है? ऐसा नहीं है। हो सकता है कि वे इससे यह निष्कर्ष निकालें कि ऐसा नहीं होना चाहिए।
सौरभ शुक्ला द्वारा निर्देशित ‘जब खुली किताब’ एक मूल नाटक पर आधारित है। जिसमें सौरभ शुक्ला ही प्रमुख भूमिका में नजर आते हैं। लेकिन फिल्म में पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया मुख्य भूमिकाओं में हैं।
यह फिल्म 6 मार्च से ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम कर रही है। यह फिल्म एक ऐसे दंपत्ति की कहानी है, जिनका लंबे समय से चला आ रहा वैवाहिक जीवन एक रहस्य के उजागर होने से बिखर जाता है। फिल्म में अपारशक्ति खुराना, समीर सोनी, नौहीद साइरुसी और मानसी पारेख भी अहम भूमिकाओं में हैं।
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