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महेश भट्ट का ओशो को छोड़ना पड़ा महंगा, रातों-रात छोड़ना पड़ा था घर; पूजा भट्ट ने सुनाया डरावना किस्सा

Wed, 08 Jul 2026 11:28 AM IST
संदेश मेहरा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: संदेश मेहरा Updated Wed, 08 Jul 2026 11:28 AM IST
सार

Pooja Bhatt: एक्ट्रेस पूजा भट्ट ने अपने परिवार से जुड़ा एक चौंकाने वाला किस्सा शेयर किया है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा। 

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Pooja Bhatt Reveals How They Hid In A Safe Place After Mahesh Bhatt Flushed Oshos Mala
पूजा भट्ट और महेश भट्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूजा भट्ट ने खुलासा किया कि जब उनके पिता महेश भट्ट ने ओशो (रजनीश) का साथ छोड़ने का फैसला लिया, तो हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उनके परिवार को रातों-रात पुणे के एक सेफ हाउस में जाना पड़ा था।

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पूजा भट्ट ने याद किए तनाव भरे दिन
साइरस सेज के पॉडकास्ट में इस घटना को याद करते हुए पूजा ने बताया कि महेश भट्ट एक समय पर ओशो के बहुत बड़े फॉलोअर थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस रास्ते को छोड़ने का फैसला किया।

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उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता रजनीश कल्ट का हिस्सा थे। उन्होंने अपनी माला गले से उतारी और उसे टॉयलेट में फ्लश कर दिया। इसके बाद उन्हें बैन कर दिया गया। वो एक तरह से ‘आउटलॉ’ बन गए थे।’

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पूजा ने आगे बताया, ‘मुझे याद है कि विनोद खन्ना के जरिए मेरी मां को एक मैसेज मिला था- ‘भगवान बहुत गुस्से में हैं। भगवान महेश को खत्म कर देंगे।’ उस समय मैं छोटी थी और हमें आधी रात को पुणे के एक सेफ हाउस में ले जाया गया था।’

Pooja Bhatt Reveals How They Hid In A Safe Place After Mahesh Bhatt Flushed Oshos Mala
महेश भट्ट - फोटो : सोशल मीडिया

महेश भट्ट ने क्यों छोड़ा ओशो का साथ?
महेश भट्ट पहले भी अपनी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में खुलकर बात कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि अपने शुरुआती फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद वो जवाब तलाश रहे थे।

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो ‘स्पिरिचुअल सुपरमार्केट’ में पहुंच गए थे। उन्होंने कहा था, ‘मैं ओशो रजनीश के पास गया, जो पुणे के एक करिश्माई गुरु थे। मैंने खुद को पूरी तरह उन्हें समर्पित कर दिया… केसरिया कपड़े पहनता था और दिन में पांच बार ध्यान करता था।’

लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वो अंदर से जैसा महसूस कर रहे हैं, वो बाहर से दिखा नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मैं अभी भी ईर्ष्या महसूस करता हूं, लेकिन पवित्र बातें बोल रहा हूं… मैं खुद को ढोंगी महसूस करने लगा था। मैं दुनिया और खुद से झूठ नहीं बोल सकता।’

महेश भट्ट ने बताया कि इसी वजह से उन्होंने माला फेंक दी। उन्होंने अपने दोस्त विनोद खन्ना से कहा था, ‘ये सब बेकार है, मैं बेवकूफ हूं।’

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विनोद खन्ना ने नहीं छोड़ा साथ
जहां महेश भट्ट ने यह रास्ता छोड़ दिया, वहीं विनोद खन्ना ने ओशो का साथ जारी रखा और बाद में ओरेगन स्थित उनके आश्रम में भी रहने चले गए थे।
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