अभिनेता रघुबीर यादव अपने करियर में एक से एक नायाब फिल्मों का काम फैंस के दिलों पर राज करते हैं। अब एक्टर इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल, एक्टर का तलाक का मामला काफी बिगड़ गया है। एक्टर की वाइफ ने हाल ही में कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं। मालूम हो कि रघुबीर यादव और उनकी पत्नी पूर्णिमा खरगा लंबे समय से अलग रह रहे हैं। अब हाल ही में पूर्णिमा ने कहा कि उन्हें एलिमनी के पैसे नहीं मिल रहे हैं। इस बारे में रघुबीर यादव ने कोई प्रतिक्रिया दी है। खबरों की मानें तो रघुबीर यादव के वकील का इस मामले पर कहना ही पूर्णिमा अधिक पैसे की मांग कर रही हैं। लेकिन पूर्णिमा का कहना है रघुबीर उनको पैसे देना नहीं चाहते हैं, वह इसके लिए उनको परेशान कर रहे हैं। उनके अनुसार रघुबीर जानबूझकर ये सब कर रहे। रघुबीर मेंटेनेंस की रकम नहीं चुका रहे हैं।
आरोप: 'रघुबीर यादव की वजह से गहने गिरवी रखकर चला रही हूं खर्च', अभिनेता पर पत्नी ने लगाया आरोप
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एक इंटरव्यू में पूर्णिमा ने कहा है कि वह समय से घर का किराया भी नहीं दे पा रही हैं। यह काफी शर्मिदा करने वाला है। पूर्णिमा ने कहती हैं, ‘पिछले साल, ऐसा समय आया था जब मुझे पांच महीने तक एलिमनी नहीं मिली थी। इस देरी की वजह से मैं यारी रोड स्थित घर का किराया समय पर नहीं दे पाई और मुझे काफी भला-बुरा सुनना पड़ा। मैं लोन पर जी रही हूं। साथ ही मुझे अपना सोना गिरवी रखना पड़ा। इस साल भी मैं चार महीने का किराया नहीं दे पाई। कोर्ट में तारीख से दो महीने पहले मुझे 80 हजार दिए गए थे।
वहीं, रघुबीर यादव की वकील शालिनी देवी कहती हैं, ‘पूर्णिमा बहुत ज्यादा पैसे मांग रही हैं। यही वजह है कि एलिमनी केस इतने सालों से चला आ रहा है। रघुबीर 71 साल के हैं और पूर्णिमा को यह बात समझनी चाहिए।‘ बीते वर्ष फरवरी में पूर्णिमा ने अपने पति को लेकर कुछ चौंकाने वाले आरोप भी लगाए। उनके अनुसार रघुबीर का अभिनेत्री नंदिता दास के साथ अफेयर रह चुका है और मौजूदा समय में वह अभिनेता संजय मिश्रा की पत्नी रोशनी आचार्य के साथ रह रहे हैं।
गौरतलब है कि पूर्णिमा और रघुबीर ने साल 1988 में शादी की थी हालांकि साल 1995 से वे दोनों अलग रह रहे थे। दोनों का एक बेटा भी है। वर्ष 1988 में जब इन दोनों की शादी हुई, तब पूर्णिमा पेशे से एक अंतर्राष्ट्रीय कथक नर्तकी थीं, और रघुवीर एक संघर्षरत अभिनेता थे। पूर्णिमा के अनुसार उन्होंने रघुबीर के लिए अपना करियर छोड़ दिया, और रघुबीर के करियर पर ध्यान दिया। धीरे-धीरे रघुबीर कामयाबी की सीढ़िया चढ़ते गए, और दूसरी अपनी पत्नी और बच्चे को भूल गए। साल 1995 में पत्नी पूर्णिमा और अपने पांच साल के बच्चे को छोड़कर रघुबीर चले गए, जिसके बाद उन्होंने फिर कभी मुड़कर नहीं देखा।
पूर्णिमा ने अपनी याचिका में कहा था कि 80 के दशक की शुरुआत में वह प्रसिद्ध पंडित बिरजू महाराज के सानिध्य में कथक की शिक्षा ले रही थीं। साथ ही दुनिया भर में वह कथक के शो भी कर रही थीं। रघुवीर से उनकी मुलाकात नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में हुई। छह महीने के मेल-मिलाप के बाद 1988 में जबलपुर के उनके एक गांव में दोनों से शादी कर ली। चूंकि शादी अचानक हुई, इसलिए कोई निमंत्रण कार्ड सबूत के तौर पर नहीं है, लेकिन उनके पास शादी के कुछ फोटो सबूत हैं।