पहली फिल्म की बातें करते भावुक हुईं रानी मुखर्जी, रिलीज के दिन हुई थी पिता की बाईपास सर्जरी
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अपनी पहली हिंदी फिल्म राजा की आएगी बरात की 23 वीं वर्षगांठ पर रानी मुखर्जी ने एक छोटी कहानी साझा की जो निश्चित रूप से हर किसी के दिल को छू जाएगी। इस मर्मस्पर्शी स्मृति को साझा करते हुए रानी कहती हैं, “राजा की आएगी बारात की सबसे यादगार स्मृति उसकी रिलीज का दिन था। मेरे पिताजी राम मुखर्जी को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। हालांकि वह उस दिन ऑपरेशन के लिए राजी नहीं थे क्योंकि वह मेरी पहली फिल्म की रिलीज का इंतजार करना चाहते थे। वास्तव में उस वक्त मैंने ही कहा था कि उन्हें सर्जरी के लिए ले जाया जाना ज्यादा जरूरी था।”
रानी बताती हैं, “मेरे पिता को सर्जरी के लिए ले जाया गया और इसके बाद वह अगले दो दिन तक आईसीयू में बेहोश रहे। जब उन्हें होश आया और वह थोड़े ठीक हुए तो उन्होंने सबसे पहले यही पूछा कि क्या फिल्म रिलीज हो गई और वह कैसी चल रही है। मुझे याद है कि उस दिन जब मैं उन्हें घर वापस ले गई तो उन्होंने जोर देकर कहा कि वे बांद्रा के मशहूर सिनेमा घर गेइटी गैलेक्सी जाकर दर्शकों के साथ फिल्म देखना चाहते हैं। वह व्हीलचेयर पर थियेटर गए और वहां दर्शकों की प्रतिक्रियाएं देखते रहे। वह उस दिन एक छोटे बच्चे की तरह रो रहे थे। राजा की आएगी बारात से जुड़ी यह मेरी एक ऐसी याद है, जिसे मैं पूरे जीवन में कभी नहीं भूलूंगी। गौरतलब है कि 18 अक्टूबर 1996 को रिलीज हुई फिल्म राजा की आएगी बारात का निर्देशन अशोक गायकवाड़ ने किया था।