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'मेरे लिए लोहड़ी सिर्फ त्योहार नहीं है’, माही गिल ने साझा की बचपन की यादें; बताया क्यों लिया था काम से ब्रेक?

Kiran Jain किरण जैन
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:57 PM IST
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सार

Mahie Gill On Lohri: अभिनेत्री माही गिल ने अपने जीवन में लोहड़ी के त्योहार के महत्व को समझाया। साथ ही उन्होंने बताया कि बचपन में वो किस तरह से लोहड़ी मनाती थीं। जानिए अब कैसे इस त्योहार को मनाती हैं माही और करियर से क्यों लिया था उन्होंने ब्रेक?

Mahie Gill Interview On Lohri Shares Her Childhood Memories And Talks About Family Daughter And Career
माही गिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाबी संस्कृति का रंग, आग की गर्माहट और परिवार के साथ जश्न का नाम है लोहड़ी। यह त्योहार सिर्फ मौसम के बदलाव का नहीं बल्कि रिश्तों, परंपराओं और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। लोहड़ी के इस खास मौके पर अभिनेत्री माही गिल ने अमर उजाला से अपने बचपन की यादों से लेकर मां बनने के अनुभव, करियर से लिए गए ब्रेक और दमदार कमबैक तक अपनी जिंदगी के कई खूबसूरत पहलुओं पर खुलकर बात की।

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आपके बचपन की लोहड़ी से जुड़ी कौन सी यादें आज भी दिल के सबसे करीब हैं?
लोहड़ी की बात की जाए तो मेरे लिए यह त्योहार सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि मेरी जिंदगी की बहुत प्यारी यादों से जुड़ा हुआ है। जब मैं छोटी थी और चंडीगढ़ में रहती थी तब लोहड़ी का मतलब होता था परिवार का साथ, घर की गर्माहट और ढेर सारी खुशियां। आज वक्त बदल गया है। मेरी फैमिली अमेरिका में रहती है और मैं कभी मुंबई तो कभी गोवा में होती हूं, लेकिन बचपन की वह लोहड़ी आज भी मेरे दिल के बहुत करीब है।

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लोहड़ी वाले दिन घर में एक अलग ही रौनक होती थी। सब लोग मिलकर आग जलाते थे। रेवड़ियां और गजक बांटी जाती थीं। सबसे पहले पूजा होती थी और फिर पूरा परिवार एक साथ बैठता था। अगर किसी घर में शादी की पहली लोहड़ी होती या बच्चे की पहली लोहड़ी होती तो पूरा परिवार वहीं पहुंच जाता था। नॉर्थ इंडिया में लोहड़ी का बहुत महत्व है और मेरी जिंदगी में भी इसका एक खास स्थान रहा है। मम्मी, पापा, भाई-बहन सभी साथ होते थे। आज भले ही हर साल यह मुमकिन न हो, लेकिन वह पल और वह एहसास आज भी मेरे दिल में वैसे ही बसे हुए हैं। लोहड़ी मेरे लिए परिवार, परंपरा और अपनों के साथ होने की खुशी का त्योहार है।

Mahie Gill Interview On Lohri Shares Her Childhood Memories And Talks About Family Daughter And Career
माही गिल - फोटो : इंस्टाग्राम-@mahieg

आपके हिसाब से लोहड़ी जैसे त्योहार हमारी परंपराओं को आज की पीढ़ी तक कैसे जोड़ते हैं?
मेरे लिए लोहड़ी हमेशा से बहुत खास रही है। शायद यही वजह है कि मैंने अपने करियर में भी पंजाबी संस्कृति को पूरी ईमानदारी और गर्व के साथ स्क्रीन पर दिखाने की कोशिश की है। लोहड़ी जैसे त्योहार आज भी हमारी परंपराओं को जिंदा रखते हैं और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जोड़ने का काम करते हैं।
आज भी लोहड़ी को उतने ही प्यार और सम्मान के साथ मनाया जाता है। मैं गोवा में रहती हूं, जहां लोहड़ी का कल्चर नहीं है, लेकिन वहां भी बहुत सारी पंजाबी फैमिलीज हैं जो लोहड़ी जरूर मनाती हैं। उस दिन हम आग जलाते हैं, प्रार्थना करते हैं और अपनी परंपराओं को याद करते हैं। एक मां होने के नाते मेरे लिए यह और भी जरूरी हो गया है। मेरी बेटी पंजाब में नहीं पली बढ़ी है, लेकिन मैं चाहती हूं कि वह अपनी संस्कृति को जाने, महसूस करे और उससे जुड़ी रहे। इसलिए मैं आज भी लोहड़ी मनाती हूं, ताकि मेरी बेटी भी समझ सके कि हमारी जड़ें कहां से जुड़ी हैं और हमारी परंपराएं कितनी खूबसूरत हैं।

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माही गिल - फोटो : इंस्टाग्राम @mahieg

लोहड़ी नई शुरुआत और शुक्रगुजारी का प्रतीक है। इस समय आप अपनी जिंदगी और करियर में किन बातों के लिए सबसे ज्यादा आभारी हैं?
अगर मैं अपनी जिंदगी और करियर की बात करूं तो मैं दोनों के लिए दिल से आभारी हूं। सच कहूं तो भगवान ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मुझे एक बहुत ही अच्छी फैमिली मिली है। एक समझदार और सपोर्टिव पति है और मेरी बेटी अब 9 साल की हो चुकी है। मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी वही है।
मैंने जानबूझकर कुछ साल का ब्रेक लिया था। करीब चार से छह साल तक मैंने शूटिंग नहीं की क्योंकि मैं उस वक्त अपनी बेटी को पूरा समय देना चाहती थी। उसका बचपन, उसका बड़ा होना और उसकी सोच का विकसित होना मेरे लिए बहुत जरूरी था। उस समय मैंने करियर से ज्यादा उसे प्राथमिकता दी और मुझे आज इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।
अब जब वह थोड़ी बड़ी और समझदार हो गई है, तो मैंने फिर से काम शुरू किया है। 2026 मेरे लिए एक नई शुरुआत जैसा है। मैंने फिर से शूटिंग शुरू कर दी है और काम भी बहुत अच्छे से चल रहा है। सेट पर अच्छा माहौल है, लोग अच्छे हैं, दोस्त अच्छे हैं और परिवार का साथ हमेशा मेरे साथ है। इन सबके लिए मैं भगवान की बहुत आभारी हूं और इस वक्त अपने जीवन में बहुत संतुष्ट और खुश हूं।

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माही गिल - फोटो : इंस्टाग्राम @mahieg

लंबे ब्रेक के बाद जब आप दोबारा सेट पर पहुंचीं, उस पहले दिन का एहसास कैसा था?
करीब चार साल बाद जब मैं फिर से सेट पर लौटी, तो दिल में थोड़ी घबराहट थी। इतने लंबे वक्त तक कैमरे का सामना नहीं किया था, लेकिन यह ब्रेक मेरा अपना फैसला था, क्योंकि उस समय मेरी फैमिली मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।
'रक्तांचल' की शूटिंग मेरे लिए बहुत खास रही। जैसे ही कैमरा ऑन हुआ और मैंने डायलॉग बोले, मुझे एहसास हुआ कि अभिनय मुझसे कहीं गया नहीं है। पूरी टीम के सपोर्ट ने मेरी सारी घबराहट दूर कर दी। उस दिन मुझे समझ आया कि सही समय पर लिया गया ब्रेक और सही समय पर की गई वापसी बहुत मायने रखती है। यह मेरे कमबैक की एक नई और खूबसूरत शुरुआत थी।

लोहड़ी का जश्न आपके लिए कितना मस्ती भरा होता है। वो कौन सी चीजें हैं, जिनके बिना आपकी लोहड़ी अधूरी रह जाती है?
मेरे लिए लोहड़ी का मतलब है आग के चारों ओर जश्न, पंजाबी गानों पर डांस और दिल खोलकर अच्छा खाना। मैं दुनिया में कहीं भी रहूं, लेकिन लोहड़ी के दिन आग के पास पंजाबी गानों पर डांस करना मेरे लिए जरूरी होता है। पुराने फ्लेवर वाले पंजाबी गाने हों। पहले पूजा हो, फिर डांस और फिर मस्ती।
वैसे तो मैं रोजाना डाइट फॉलो करती हूं, लेकिन लोहड़ी वाले दिन थोड़ा सब चलता है। उस दिन अच्छे खाने का मजा लेना बनता है। खाने की बात करें तो सरसों का साग तो जरूर बनता है। चाहे मैं गोवा में ही क्यों न हूं, मैं पंजाब से साग मंगवाती हूं और मुंबई से बाकी सामान। इसके साथ गाजर का हलवा भी बनता है। मेरे लिए लोहड़ी बिना इन स्वादों के अधूरी है।

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