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Kalyan Chatterjee: 81 साल के दिग्गज बंगाली अभिनेता का निधन, सत्यजीत रे की 'प्रतिद्वंद्वी' से मिली थी पहचान
Mon, 08 Dec 2025 09:22 AM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Mon, 08 Dec 2025 09:22 AM IST
सार
Kalyan Chatterjee Death: बंगाली अभिनेता कल्याण चटर्जी अब इस दुनिया में नहीं रहे। 81 साल की उम्र में लंबी बीमारी के चलते उन्होंने जीवन को अलविदा कह दिया।
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कल्याण चटर्जी
- फोटो : एक्स
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विस्तार
भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा, खासकर बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री के लिए 8 दिसंबर 2025 का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। चार दशक से अधिक समय तक अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले दिग्गज अभिनेता कल्याण चटर्जी का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे इस अनुभवी कलाकार ने कोलकाता के सरकारी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने पूरे बंगाल, बॉलीवुड और थियेटर जगत को शोक से भर दिया है।
चार सौ से ज्यादा फिल्मों में अमिट छाप
कल्याण चटर्जी उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने सह-कलाकार के रूप में भी अपनी मज़बूत पहचान बनाई। उन्होंने करीब 400 से भी अधिक फिल्मों में काम किया- कभी हास्य तो कभी संवेदनशील किरदार निभाते हुए उन्होंने दर्शकों को अपना मुरीद बना लिया। 1968 में रिलीज हुई उनकी पहली फिल्म 'आपनजन' के साथ शुरू हुआ यह सफर आगे जाकर कई प्रतिष्ठित फिल्मों तक पहुंचा।
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चार सौ से ज्यादा फिल्मों में अमिट छाप
कल्याण चटर्जी उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने सह-कलाकार के रूप में भी अपनी मज़बूत पहचान बनाई। उन्होंने करीब 400 से भी अधिक फिल्मों में काम किया- कभी हास्य तो कभी संवेदनशील किरदार निभाते हुए उन्होंने दर्शकों को अपना मुरीद बना लिया। 1968 में रिलीज हुई उनकी पहली फिल्म 'आपनजन' के साथ शुरू हुआ यह सफर आगे जाकर कई प्रतिष्ठित फिल्मों तक पहुंचा।
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कल्याण चटर्जी
- फोटो : एक्स
सत्यजीत रे के ‘प्रतिद्वंद्वी’ से मिली नई पहचान
कल्याण चटर्जी उन कलाकारों में से थे जिन्हें महान फिल्मकार सत्यजीत रे के साथ काम करने का मौका मिला। सत्यजीत रे की फिल्म प्रतिद्वंद्वी ने उन्हें एक सशक्त कलाकार के रूप में स्थापित किया। इसके बाद धन्यी मेये, दुई पृथिबी, सबुज द्वीपर राजा, बैशे श्राबोन जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएँ आज भी दर्शकों की स्मृतियों में दर्ज हैं। बांग्ला सिनेमा से आगे बढ़कर उन्होंने हिन्दी फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुजॉय घोष की लोकप्रिय थ्रिलर कहानी में उनका छोटा लेकिन प्रभावी किरदार दर्शकों को आज भी याद है।
टीवी और ओटीटी की दुनिया में भी चमका सितारा
कल्याण चटर्जी ने केवल फिल्मों तक अपने अभिनय को सीमित नहीं रखा। टीवी धारावाहिकों, वेब सीरीज और थिएटर में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कल्याण चटर्जी ने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लिया था, जहां से उन्होंने अभिनय की बारीकियों को समझा और उसे सिनेमा की दुनिया में बखूबी उतारा।
लंबी बीमारी के बाद दुनिया को कहा अलविदा
बीते कुछ महीनों से वह विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। उम्र से जुड़ी परेशानियां और टाइफॉइड ने उनकी स्थिति को गंभीर बना दिया था। अंततः रविवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार ने जानकारी दी कि उनका अंतिम संस्कार कोलकाता के केवड़ातला श्मशान घाट में किया गया।
कल्याण चटर्जी उन कलाकारों में से थे जिन्हें महान फिल्मकार सत्यजीत रे के साथ काम करने का मौका मिला। सत्यजीत रे की फिल्म प्रतिद्वंद्वी ने उन्हें एक सशक्त कलाकार के रूप में स्थापित किया। इसके बाद धन्यी मेये, दुई पृथिबी, सबुज द्वीपर राजा, बैशे श्राबोन जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएँ आज भी दर्शकों की स्मृतियों में दर्ज हैं। बांग्ला सिनेमा से आगे बढ़कर उन्होंने हिन्दी फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुजॉय घोष की लोकप्रिय थ्रिलर कहानी में उनका छोटा लेकिन प्रभावी किरदार दर्शकों को आज भी याद है।
टीवी और ओटीटी की दुनिया में भी चमका सितारा
कल्याण चटर्जी ने केवल फिल्मों तक अपने अभिनय को सीमित नहीं रखा। टीवी धारावाहिकों, वेब सीरीज और थिएटर में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कल्याण चटर्जी ने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लिया था, जहां से उन्होंने अभिनय की बारीकियों को समझा और उसे सिनेमा की दुनिया में बखूबी उतारा।
लंबी बीमारी के बाद दुनिया को कहा अलविदा
बीते कुछ महीनों से वह विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। उम्र से जुड़ी परेशानियां और टाइफॉइड ने उनकी स्थिति को गंभीर बना दिया था। अंततः रविवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार ने जानकारी दी कि उनका अंतिम संस्कार कोलकाता के केवड़ातला श्मशान घाट में किया गया।