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रॉकी हैंडसम बॉक्स ऑफिस पर नाकाम, जॉन अब्राहम को सबक
रवि बुले/अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 29 Mar 2016 07:57 PM IST
सार
- फिल्म के निर्माण की बागडोर जॉन ने जहां पूरी तरह निर्देशक निशिकांत कामत के हाथों में सौंप दी, वहीं रणनीति के लिए फिल्म पीआर तथा मार्केटिंग कंपनियों पर भरोसा कर बैठे।
- जानकारों के मुताबिक रॉकी हैंडसम जॉन के लिए सबक है कि अगर वह निर्माता के रूप में सफलता बरकरार रखना चाहते हैं तो सारी बातों पर खुद नियंत्रण रखें। निर्देशक, मार्केटिंग और पीआर के भरोसे न बैठें।
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विस्तार
रॉकी हैंडसम की बॉक्स ऑफिस नाकामी ने जॉन अब्राहम की निर्माता के रूप में भविष्य की योजनाओं को धक्का पहुंचाया है। फिल्म से उन्हें आर्थिक घाटा तो हुआ ही, उनकी ऐक्शन स्टार छवि को भी नुकसान पहुंचा है।
निर्माता के रूप में विक्की डोनर (2012) से बेहतरीन शुरुआत करने वाले जॉन अब्राहम ने दूसरी फिल्म मद्रास कैफे (2013) से बहुत मुनाफा भले नहीं कमाया लेकिन तारीफें खूब बटोरी थीं। लोगों को लगा था कि बॉलीवुड में ऐसे निर्माता ने कदम रखा है, जिसे दर्शकों की नब्ज पढ़नी आती है। दोनों फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले थे।
खास बात यह थी कि जॉन इन फिल्मों में खुद स्क्रिप्ट, मेकिंग तथा प्रमोशन की रणनीति पर ध्यान दे रहे थे। परंतु सफलताओं के बाद वह शिथिल पड़ गए और बीते शुक्रवार को रॉकी हैंडसम की रिलीज के साथ नतीजा सामने आ गया।
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इस फिल्म के निर्माण की बागडोर जॉन ने जहां पूरी तरह निर्देशक निशिकांत कामत के हाथों में सौंप दी, वहीं रणनीति के लिए फिल्म पीआर तथा मार्केटिंग कंपनियों पर भरोसा कर बैठे। जिस मीडिया ने उन्हें पहली दो फिल्मों में खूब सराहा, उससे उन्होंने दूरी बना ली। 30 करोड़ के निर्माण और 12 करोड़ के प्रचार-प्रसार के बजट वाली फिल्म पहले सप्ताहांत में ही बैठ चुकी और जॉन अब्राहम परेशान हैं।
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निर्माता के रूप में विक्की डोनर (2012) से बेहतरीन शुरुआत करने वाले जॉन अब्राहम ने दूसरी फिल्म मद्रास कैफे (2013) से बहुत मुनाफा भले नहीं कमाया लेकिन तारीफें खूब बटोरी थीं। लोगों को लगा था कि बॉलीवुड में ऐसे निर्माता ने कदम रखा है, जिसे दर्शकों की नब्ज पढ़नी आती है। दोनों फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले थे।
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खास बात यह थी कि जॉन इन फिल्मों में खुद स्क्रिप्ट, मेकिंग तथा प्रमोशन की रणनीति पर ध्यान दे रहे थे। परंतु सफलताओं के बाद वह शिथिल पड़ गए और बीते शुक्रवार को रॉकी हैंडसम की रिलीज के साथ नतीजा सामने आ गया।
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इस फिल्म के निर्माण की बागडोर जॉन ने जहां पूरी तरह निर्देशक निशिकांत कामत के हाथों में सौंप दी, वहीं रणनीति के लिए फिल्म पीआर तथा मार्केटिंग कंपनियों पर भरोसा कर बैठे। जिस मीडिया ने उन्हें पहली दो फिल्मों में खूब सराहा, उससे उन्होंने दूरी बना ली। 30 करोड़ के निर्माण और 12 करोड़ के प्रचार-प्रसार के बजट वाली फिल्म पहले सप्ताहांत में ही बैठ चुकी और जॉन अब्राहम परेशान हैं।
क्या है फिल्म की नाकामी का कारण
फिल्म की नाकामी का कारण यह है कि इसमें न मनोरंजन था और न सिनेमाई कलात्मकता/वैचारिकता, जो निर्माता जॉन की पिछली दो फिल्मों में थी। चुनिंदा ‘धनात्मक’ समीक्षाएं छोड़ दें तो रॉकी हैंडसम को हर तरफ नकारात्मक समीक्षाएं मिली। इससे भी बढ़ कर दर्शकों ने फिल्म को खारिज कर दिया।
अब इसके लिए कुछ दोष इन दिनों चल रहे टी-20 विश्व कप क्रिकेट को दिया जा रहा है। परंतु यह ठीक नहीं क्योंकि रॉकी हैंडसम के साथ ही रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म बैटमैन वर्सेज सुपरमैन ने अच्छा परफॉर्म किया है। जबकि 18 मार्च को रिलीज हुई कपूर एंड संस अपने दूसरे सप्ताहांत में भी कमाई के मामले में रॉकी हैंडसम से ज्यादा पीछे नहीं रही।
जॉन को होली, गुड फ्राइडे से लेकर रविवार तक का चार दिन लंबा वीकेंड मिला था और उन्होंने गुरुवार की शाम को ही पेड प्रिव्यू रखे थे। इसके बावजूद उन्हें निराशा मिली। पेड प्रिव्यू में फिल्म ने 1.70 करोड़ रुपये के करीब कलेक्शन किया। जबकि शुक्रवार से रविवार तक उसका कलेक्शन क्रमशः पांच, साढ़े चार और चार करोड़ रुपये के लगभग रहा। पेड प्रिव्यू समेत फिल्म सप्ताहांत में केवल 15 करोड़ रुपये कमा सकी।
नकारात्मक प्रचार की वजह से नए सप्ताह में इसकी सफलता के मौके चमत्कार पर टिके हैं। जो नामुमकिन है क्योंकि ट्रेड में सोमवार शाम तक यह खबर आ गई कि दिन में दर्शकों के अभाव की वजह से रॉकी हैंडसम के करीब 50 फीसदी शो रद्द करने पड़े।
अब इसके लिए कुछ दोष इन दिनों चल रहे टी-20 विश्व कप क्रिकेट को दिया जा रहा है। परंतु यह ठीक नहीं क्योंकि रॉकी हैंडसम के साथ ही रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म बैटमैन वर्सेज सुपरमैन ने अच्छा परफॉर्म किया है। जबकि 18 मार्च को रिलीज हुई कपूर एंड संस अपने दूसरे सप्ताहांत में भी कमाई के मामले में रॉकी हैंडसम से ज्यादा पीछे नहीं रही।
जॉन को होली, गुड फ्राइडे से लेकर रविवार तक का चार दिन लंबा वीकेंड मिला था और उन्होंने गुरुवार की शाम को ही पेड प्रिव्यू रखे थे। इसके बावजूद उन्हें निराशा मिली। पेड प्रिव्यू में फिल्म ने 1.70 करोड़ रुपये के करीब कलेक्शन किया। जबकि शुक्रवार से रविवार तक उसका कलेक्शन क्रमशः पांच, साढ़े चार और चार करोड़ रुपये के लगभग रहा। पेड प्रिव्यू समेत फिल्म सप्ताहांत में केवल 15 करोड़ रुपये कमा सकी।
नकारात्मक प्रचार की वजह से नए सप्ताह में इसकी सफलता के मौके चमत्कार पर टिके हैं। जो नामुमकिन है क्योंकि ट्रेड में सोमवार शाम तक यह खबर आ गई कि दिन में दर्शकों के अभाव की वजह से रॉकी हैंडसम के करीब 50 फीसदी शो रद्द करने पड़े।
धड़ाम होने का असली कारण तो ये है
अब खबर है कि फिल्म के बुरे हाल पर जॉन बेहद निराश हैं। फिल्म ने जॉन की होली बिगाड़ दी क्योंकि पेड प्रिव्यू के बाद से ही उनके पास अच्छी राय नहीं पहुंच रही थी। जॉन जानते हैं कि अच्छी समीक्षाओं से क्या लाभ होता है, अतः उनकी उम्मीद शुक्रवार पर टिकी थी। मगर नकारात्मक समीक्षाओं के साथ उनकी आशा ध्वस्त हो गई। रॉकी हैंडसम की नाकामी ने निर्माता के रूप में जॉन की भविष्य की योजनाओं को कठिन मोड़ पर ला खड़ा किया है।
जानकारों के अनुसार विक्की डोनर की सफलता के बाद ने करीब आधा दर्जन फिल्मों की योजनाएं बनाई थीं। जिनमें में फुटबॉल और कुश्ती से जुड़ी दो महंगी फिल्में थीं। मद्रास कैफे से बड़ा आर्थिक लाभ न होने के बाद वे फिल्में रुक गईं। जॉन को आशा थी कि रॉकी हैंडसम की सफलता के बाद वह अपनी प्रोडक्शन कंपनी का काम आगे बढ़ा सकेंगे। परंतु अब ऐसा नहीं दिख रहा। जानकार मानते हैं कि रॉकी हैंडसम का प्रचार और मार्केटिंग रणनीति खराब रही।
जॉन की फिल्मों के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ फायदेमंद रहे हैं। जॉन और उनकी टीम जानती थी कि मल्टीप्लेक्सों का अंग्रेजीदां दर्शक बैटमैन वर्सेज सुपरमैन देखने जाएगा, इसके बावजूद उन्होंने अपने मजबूत क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्हें लग रहा था कि रॉकी हैंडसम के कोरियन फिल्म के रीमेक के नाम पर मल्टीप्लेक्स में दर्शक खिंचा आएंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ। मल्टीप्लेक्सों में तो जॉन को धक्का लगा ही, अपने मजबूत इलाकों में भी वह ढह गए।
1900 थियेटरों में रिलीज होने वाली रॉकी हैंडसम 1300 थियेटरों में लगी हॉलीवुड फिल्म से कमाई के मामले में पहले ही सप्ताहांत में पिछड़ गई। बैटमैन वर्सेज सुपर मैन ने पहले सप्ताहांत में करीब 27 करोड़ का कलेक्शन किया। जो जॉन की फिल्म से करीब 12 करोड़ रुपये अधिक है। जानकारों के मुताबिक रॉकी हैंडसम जॉन के लिए सबक है कि अगर वह निर्माता के रूप में सफलता बरकरार रखना चाहते हैं तो सारी बातों पर खुद नियंत्रण रखें। निर्देशक, मार्केटिंग और पीआर के भरोसे न बैठें।
जानकारों के अनुसार विक्की डोनर की सफलता के बाद ने करीब आधा दर्जन फिल्मों की योजनाएं बनाई थीं। जिनमें में फुटबॉल और कुश्ती से जुड़ी दो महंगी फिल्में थीं। मद्रास कैफे से बड़ा आर्थिक लाभ न होने के बाद वे फिल्में रुक गईं। जॉन को आशा थी कि रॉकी हैंडसम की सफलता के बाद वह अपनी प्रोडक्शन कंपनी का काम आगे बढ़ा सकेंगे। परंतु अब ऐसा नहीं दिख रहा। जानकार मानते हैं कि रॉकी हैंडसम का प्रचार और मार्केटिंग रणनीति खराब रही।
जॉन की फिल्मों के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ फायदेमंद रहे हैं। जॉन और उनकी टीम जानती थी कि मल्टीप्लेक्सों का अंग्रेजीदां दर्शक बैटमैन वर्सेज सुपरमैन देखने जाएगा, इसके बावजूद उन्होंने अपने मजबूत क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्हें लग रहा था कि रॉकी हैंडसम के कोरियन फिल्म के रीमेक के नाम पर मल्टीप्लेक्स में दर्शक खिंचा आएंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ। मल्टीप्लेक्सों में तो जॉन को धक्का लगा ही, अपने मजबूत इलाकों में भी वह ढह गए।
1900 थियेटरों में रिलीज होने वाली रॉकी हैंडसम 1300 थियेटरों में लगी हॉलीवुड फिल्म से कमाई के मामले में पहले ही सप्ताहांत में पिछड़ गई। बैटमैन वर्सेज सुपर मैन ने पहले सप्ताहांत में करीब 27 करोड़ का कलेक्शन किया। जो जॉन की फिल्म से करीब 12 करोड़ रुपये अधिक है। जानकारों के मुताबिक रॉकी हैंडसम जॉन के लिए सबक है कि अगर वह निर्माता के रूप में सफलता बरकरार रखना चाहते हैं तो सारी बातों पर खुद नियंत्रण रखें। निर्देशक, मार्केटिंग और पीआर के भरोसे न बैठें।