Saif Ali Khan: भोपाल में सैफ अली खान की 15 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान? जानिए पाकिस्तान से क्या है संबंध
सैफ अली खान की करोड़ों की संपत्ति उनकी मां, बहन और रिश्तेदारों के नाम पर है। पटौदी परिवार ने अपनी 100 एकड़ से ज्यादा की संपत्ति का 80 फीसदी हिस्सा दूसरे लोगों को बेच दिया है।
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बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पटौदी परिवार की शहर में 15,000 करोड़ रुपये की पैतृक संपत्ति है, जिस पर लगी रोक अब हटा ली गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने संपत्ति पर लगी रोक हटा ली है, जिससे सरकार के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। अपील की अवधि भी 13 जनवरी को समाप्त हो गई है। अब सरकार नवाब मंसूर अली खान पटौदी और उनके परिवार की भोपाल स्थित संपत्ति पर कब्जा ले सकती है, जिसकी 80 प्रतिशत जमीन पहले ही बिक चुकी है।
सैफ पर हमला
यह घटना उस मामले की चल रही जांच के बीच हुई है, जिसमें अभिनेता को एक व्यक्ति ने बेरहमी से चाकू मार दिया था। बांग्लादेशी आदमी उनके घर पर घुसा और डकैती की कोशिश के दौरान सैफ पर चाकू से हमला कर दिया। अभिनेता को गंभीर चोटें आईं थीं और लीलावती अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था। वहीं, अभिनेता अस्पताल से घर आ चुके हैं और मामले की जांच जारी है।
80 फीसदी हिस्सा दूसरे लोगों को बेचा
फिलहाल सैफ अली खान की करोड़ों की संपत्ति उनकी मां, बहन और रिश्तेदारों के नाम पर है। पटौदी परिवार ने अपनी 100 एकड़ से ज्यादा की संपत्ति का 80 फीसदी हिस्सा दूसरे लोगों को बेच दिया है। पटौदी परिवार के पास भोपाल से लेकर चिकलोद तक संपत्ति है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर खंडपीठ) ने शत्रु संपत्ति मामले में अभिनेता सैफ अली खान, उनकी मां शर्मिला टैगोर, बहनों सोहा और सबा अली खान व पटौदी की बहन सबीहा सुल्तान को अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपनी बात रखने का आदेश दिया है।
परिवार की ओर से नहीं किया गया कोई दावा
जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने 30 दिन में अपीलीय अधिकारी के समक्ष मामला पेश करने को कहा था, जो 13 जनवरी को खत्म हो गया और परिवार की ओर से कोई दावा नहीं किया गया। अब परिवार के पास एकमात्र विकल्प डिवीजन बेंच में आदेश को चुनौती देना है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ पटौदी परिवार की ही भोपाल में शत्रु संपत्ति है, बल्कि कई अन्य लोग भी हैं, जो पाकिस्तान चले गए, लेकिन अपनी संपत्ति भारत में छोड़ गए। आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए भोपाल के डीएम कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा, 'हम अभी भी आदेश की समीक्षा कर रहे हैं, देखते हैं कि हम इसमें क्या कर सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।'