{"_id":"6a0a2d67f5d0463fda00542c","slug":"450-instructors-were-honored-at-gambhirnath-auditorium-mp-ravi-kishan-distributed-symbolic-cheques-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-1324449-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक समाज के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक समाज के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 18 May 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह के दौरान सांसद रवि किशन व अन्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के सम्मान में रविवार को गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन जुड़कर शिक्षकों की भूमिका को समाज निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही देश का भविष्य तैयार करता है और सभी शिक्षकों को पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में जिले के 450 अनुदेशकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 75 जिलों के अनुदेशकों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि सरकार लगातार शिक्षक हित में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय 24,850 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले सप्ताह से अनुदेशकों और उनके पूरे परिवार को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।
गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा ही बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है और शिक्षक समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। इस दौरान सांसद ने प्रतीकात्मक रूप से 17 हजार रुपये का चेक वितरित कर अनुदेशकों को सम्मानित किया।
मेयर डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसी सोच के तहत अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया गया है। इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। इस अवसर पर प्रभारी डीआईओएस, बीएसए सहित बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिले के 450 अनुदेशकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 75 जिलों के अनुदेशकों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि सरकार लगातार शिक्षक हित में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय 24,850 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले सप्ताह से अनुदेशकों और उनके पूरे परिवार को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा ही बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है और शिक्षक समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। इस दौरान सांसद ने प्रतीकात्मक रूप से 17 हजार रुपये का चेक वितरित कर अनुदेशकों को सम्मानित किया।
मेयर डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसी सोच के तहत अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया गया है। इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। इस अवसर पर प्रभारी डीआईओएस, बीएसए सहित बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।