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UP : रामगढ़ताल में चलेगी 50 सीटर एसी फेरी; जलमार्ग से जुड़ेंगे चिड़ियाघर, कन्वेंशन सेंटर और नया सवेरा
Thu, 20 Aug 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:42 AM IST
सार
प्रस्तावित फेरी सेवा आरकेबीके जंक्शन, गोरखपुर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एवं एलीट क्लब, नया सवेरा, प्रस्तावित बैंबू रेस्टोरेंट, चिड़ियाघर और सहारा एस्टेट के पास बनने वाली नई जेट्टी को जोड़ेगी। इससे लोग सड़क के बजाय ताल के रास्ते इन स्थानों तक पहुंच सकेंगे। करीब 1800 एकड़ में फैले रामगढ़ताल के पर्यटन को इससे नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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रामगढ़ताल पर बनी जेट्टी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रामगढ़ताल की सैर अब और खास होने जा रही है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ताल पर 50 यात्रियों की क्षमता वाली वातानुकूलित फेरी सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए ई-निविदा जारी कर दी गई है। करीब 2.59 करोड़ रुपये की परियोजना से दो फ्लोटिंग जेट्टी बनाई जाएंगी जो ताल के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ेंगी।
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प्रस्तावित फेरी सेवा आरकेबीके जंक्शन, गोरखपुर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एवं एलीट क्लब, नया सवेरा, प्रस्तावित बैंबू रेस्टोरेंट, चिड़ियाघर और सहारा एस्टेट के पास बनने वाली नई जेट्टी को जोड़ेगी। इससे लोग सड़क के बजाय ताल के रास्ते इन स्थानों तक पहुंच सकेंगे। करीब 1800 एकड़ में फैले रामगढ़ताल के पर्यटन को इससे नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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फेरी में यात्रियों की सुरक्षा, नेविगेशन और सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम होंगे। ताल में दो फ्लोटिंग जेट्टी बनाई जाएंगी। प्रत्येक जेट्टी पर टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और शौचालय की सुविधा होगी। फेरी और जेट्टी का डिजाइन व निर्माण भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के दिशा-निर्देशों और पोत सुरक्षा मानकों के अनुसार होगा।
10 साल तक संचालन करेगी चयनित एजेंसी
ई-निविदा के जरिये चयनित एजेंसी फेरी और जेट्टी का निर्माण, संचालन और रखरखाव 10 साल तक करेगी। अवधि को पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। एजेंसी को टिकटिंग, फेरी पर खान-पान और विज्ञापन का अधिकार मिलेगा। टिकट की दर जीडीए तय करेगा। लाइसेंस अवधि पूरी होने पर सभी संसाधनों का स्वामित्व जीडीए के पास लौट आएगा।
ई-निविदा के जरिये चयनित एजेंसी फेरी और जेट्टी का निर्माण, संचालन और रखरखाव 10 साल तक करेगी। अवधि को पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। एजेंसी को टिकटिंग, फेरी पर खान-पान और विज्ञापन का अधिकार मिलेगा। टिकट की दर जीडीए तय करेगा। लाइसेंस अवधि पूरी होने पर सभी संसाधनों का स्वामित्व जीडीए के पास लौट आएगा।
180 दिन में शुरू करनी होगी सेवा
एजेंसी का चयन खुली और प्रतिस्पर्धी ई-निविदा के जरिए लीस्ट कॉस्ट सिलेक्शन प्रक्रिया से होगा। एजेंसी की नियुक्ति के 180 दिनों के भीतर फेरी और दोनों जेट्टी को तैयार कर सेवा शुरू करनी होगी। परियोजना की अनुमानित विकास लागत 2.59 करोड़ रुपये है, जिसे निर्माण अवधि में जीडीए चयनित एजेंसी को उपलब्ध कराएगा।
एजेंसी का चयन खुली और प्रतिस्पर्धी ई-निविदा के जरिए लीस्ट कॉस्ट सिलेक्शन प्रक्रिया से होगा। एजेंसी की नियुक्ति के 180 दिनों के भीतर फेरी और दोनों जेट्टी को तैयार कर सेवा शुरू करनी होगी। परियोजना की अनुमानित विकास लागत 2.59 करोड़ रुपये है, जिसे निर्माण अवधि में जीडीए चयनित एजेंसी को उपलब्ध कराएगा।
पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, फेरी सेवा शुरू होने से रामगढ़ताल के आसपास के पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ लोगों को घूमने का नया विकल्प मिलेगा। इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय दुकानदारों, खान-पान और आतिथ्य कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, फेरी सेवा शुरू होने से रामगढ़ताल के आसपास के पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ लोगों को घूमने का नया विकल्प मिलेगा। इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय दुकानदारों, खान-पान और आतिथ्य कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
रामगढ़ताल गोरखपुर की अनमोल धरोहर है। एसी फेरी सेवा से शहरवासियों और पर्यटकों को ताल को जलमार्ग से एक नए नजरिए से देखने का अवसर मिलेगा। यह रामगढ़ताल को एक संपूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है: अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए