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हेल्थ इंश्योरेंस ठगी : गैंगस्टर एक्ट का आरोपी अफजल अंसारी गिरफ्तार
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गोरखपुर। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित डिसेंट हॉस्पिटल में सामने आए 1.80 करोड़ रुपये की इंश्योरेंस ठगी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविवार को गैंगस्टर एक्ट के आरोपी आयुष चिकित्सक डॉ. अफजल अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी गगहा क्षेत्र के नर्रे बुजुर्ग गांव का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसके पास केवल आयुष की डिग्री थी, इसके बावजूद वह खुद को एमबीबीएस सर्जन बताकर अस्पताल में इलाज करता था। यही नहीं वह फर्जी मरीजों की फाइलों पर स्वयं हस्ताक्षर करता था, जिनके आधार पर बीमा कंपनियों से मोटी रकम का क्लेम पास कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉ. अफजल अंसारी लंबे समय से इस संगठित गिरोह में शामिल था और बीमा एजेंटों और अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि बिना इलाज के ही मरीजों को भर्ती दिखाकर क्लेम की रकम हड़पी जाती थी।
यह मामला तब उजागर हुआ जब नौ सितंबर 2025 को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने गोरखपुर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डिसेंट हॉस्पिटल और एपेक्स हॉस्पिटल में फर्जी मरीज भर्ती कराकर बीमा क्लेम निकाला जा रहा है। जांच में सामने आया था कि कई मरीजों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, उनके बैंक खाते खोले गए और करीब 1 करोड़ 80 लाख 672 रुपये की रकम निकाल ली गई। जांच में यह भी सामने आया कि एपेक्स हॉस्पिटल नाम का अस्पताल वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं था, जबकि डिसेंट हॉस्पिटल के रिकॉर्ड में कई संदिग्ध फाइलें पाई गईं थीं।
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एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार आरोपी गगहा क्षेत्र के नर्रे बुजुर्ग गांव का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसके पास केवल आयुष की डिग्री थी, इसके बावजूद वह खुद को एमबीबीएस सर्जन बताकर अस्पताल में इलाज करता था। यही नहीं वह फर्जी मरीजों की फाइलों पर स्वयं हस्ताक्षर करता था, जिनके आधार पर बीमा कंपनियों से मोटी रकम का क्लेम पास कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉ. अफजल अंसारी लंबे समय से इस संगठित गिरोह में शामिल था और बीमा एजेंटों और अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि बिना इलाज के ही मरीजों को भर्ती दिखाकर क्लेम की रकम हड़पी जाती थी।
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यह मामला तब उजागर हुआ जब नौ सितंबर 2025 को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने गोरखपुर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डिसेंट हॉस्पिटल और एपेक्स हॉस्पिटल में फर्जी मरीज भर्ती कराकर बीमा क्लेम निकाला जा रहा है। जांच में सामने आया था कि कई मरीजों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, उनके बैंक खाते खोले गए और करीब 1 करोड़ 80 लाख 672 रुपये की रकम निकाल ली गई। जांच में यह भी सामने आया कि एपेक्स हॉस्पिटल नाम का अस्पताल वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं था, जबकि डिसेंट हॉस्पिटल के रिकॉर्ड में कई संदिग्ध फाइलें पाई गईं थीं।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।