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बीआरडी : ट्रामा सेंटर में इंटर्न ने नर्सिंग स्टाफ को पीटा, हंगामा
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गुलरिहा (गोरखपुर)। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार की दोपहर में इंटर्न और पुरुष नर्स के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंटर्न ने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रामा सेंटर में स्टाफ नर्स की पिटाई कर दी। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसके बाद पुरुष और महिला नर्स आक्रोशित हो गए और प्राचार्य कार्यालय पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। कार्रवाई की मांग को लेकर करीब साढ़े चार घंटे तक प्रदर्शन किया। मामले में प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। वहीं, पीड़ित नर्स जयप्रकाश ने गुलरिहा पुलिस को तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे महिला सर्जरी वार्ड नंबर चार में कार्यरत एक इंटर्न छात्र ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी सर्जरी में पहुंचकर बिना पूछे एक इंजेक्शन (दवा) ले जाने लगा। ड्यूटी पर तैनात पुरुष नर्स ने कहा कि अपने काम भर का दवा सिरिंज में भरकर ले जाइए। आरोप है कि इतने पर इंटर्न आगबबूला होकर गाली देते हुए बोला-पहचानते नहीं हो कौन हैं। इस पर नर्स ने कहा कि वह नहीं पहचानता है।
इतने पर इंटर्न ने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद मारपीट हो गई। थोड़ी देर बाद इंटर्न ने फोन करके अपने 20 से 25 साथियों को बुला लिया और नर्स को पीटने लगा। बीचबचाव में ड्यूटी पर कार्यरत एक दूसरे पुरुष नर्स को भी पीटने का आरोप है। इसके बाद सभी महिला व पुरुष नर्स सैकड़ों की संख्या में प्राचार्य कार्यालय पहुंचकर कार्यवाहक प्राचार्य को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग करने लगे। आश्वासन न मिलने पर प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। हंगामा करीब साढ़े चार घंटे तक चला।
वायरल वीडियो में इंटर्न एक स्टाफ नर्स को बुरी तरह से पीटते नजर आ रहे हैं। बीच-बचाव करने वाले कुछ और पुरुष नर्सों को भी पीटा गया। इससे नाराज महिला और पुरुष नर्सों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच काम प्रभावित रहा। हालांकि, बीआरडी प्रशासन का दावा है कि काम प्रभावित नहीं हुआ। स्टाफ नर्स जयप्रकाश ने पुलिस को दी तहरीर में मारपीट और चेन लूटने का भी आरोप लगाया है।
मूर्ति के पास बैठकर प्रदर्शन
स्टाफ नर्स महिला और पुरुष बीआरडी कैंपस में लगी बाबा राघव दास की मूर्ति के नीचे बैठकर विरोध जता रहे थे। रात आठ बजे तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी था। हालांकि, बताया जा रहा है कि ड्यूटी के बाद सभी स्टाफ नर्स विरोध करने मूर्ति के पास बैठे थे। घटना के विरोध में कुछ स्टाफ नर्सों ने काम बंद कर दिया। इसकी वजह से मरीज परेशान हो गए। प्रदर्शन की वजह से बोतल बदलने से लेकर मरीजों को इंजेक्शन लगाना, दवा देना और ड्रेसिंग जैसे काम प्रभावित हुए हैं। हालांकि, यह काम केवल सर्जरी वार्ड में प्रभावित हुआ है।
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तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिल्पा ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें ऑर्थो विभाग के एचओडी डॉ. पवन प्रधान, सर्जरी के डॉ. योगेश पाल और मेट्रन शोभा सिंह को शामिल किया गया है। डॉ. शिल्पा ने बताया कि कमेटी को तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जो आरोपी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी आ चुके हैं मामले
नर्स की हुई थी पिटाई
जून 2018 में जूनियर डॉक्टरों की दबंगई का मामला सामने आया था। तब ऑर्थो विभाग के एक जेआर ने नर्स की पिटाई कर दी थी। इसके बाद दूसरे नर्स भड़क गए थे और सभी ने कार्य बहिष्कार कर दिया था।
जूनियर डॉक्टरों ने की थी बदसलूकी
अक्तूबर 2018 में जूनियर डॉक्टरों ने संविदा पर तैनात नर्स के साथ बदसलूकी की थी। उसको जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके बाद नाराज नर्सों ने प्रदर्शन किया था। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
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जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे महिला सर्जरी वार्ड नंबर चार में कार्यरत एक इंटर्न छात्र ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी सर्जरी में पहुंचकर बिना पूछे एक इंजेक्शन (दवा) ले जाने लगा। ड्यूटी पर तैनात पुरुष नर्स ने कहा कि अपने काम भर का दवा सिरिंज में भरकर ले जाइए। आरोप है कि इतने पर इंटर्न आगबबूला होकर गाली देते हुए बोला-पहचानते नहीं हो कौन हैं। इस पर नर्स ने कहा कि वह नहीं पहचानता है।
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इतने पर इंटर्न ने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद मारपीट हो गई। थोड़ी देर बाद इंटर्न ने फोन करके अपने 20 से 25 साथियों को बुला लिया और नर्स को पीटने लगा। बीचबचाव में ड्यूटी पर कार्यरत एक दूसरे पुरुष नर्स को भी पीटने का आरोप है। इसके बाद सभी महिला व पुरुष नर्स सैकड़ों की संख्या में प्राचार्य कार्यालय पहुंचकर कार्यवाहक प्राचार्य को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग करने लगे। आश्वासन न मिलने पर प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। हंगामा करीब साढ़े चार घंटे तक चला।
वायरल वीडियो में इंटर्न एक स्टाफ नर्स को बुरी तरह से पीटते नजर आ रहे हैं। बीच-बचाव करने वाले कुछ और पुरुष नर्सों को भी पीटा गया। इससे नाराज महिला और पुरुष नर्सों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच काम प्रभावित रहा। हालांकि, बीआरडी प्रशासन का दावा है कि काम प्रभावित नहीं हुआ। स्टाफ नर्स जयप्रकाश ने पुलिस को दी तहरीर में मारपीट और चेन लूटने का भी आरोप लगाया है।
मूर्ति के पास बैठकर प्रदर्शन
स्टाफ नर्स महिला और पुरुष बीआरडी कैंपस में लगी बाबा राघव दास की मूर्ति के नीचे बैठकर विरोध जता रहे थे। रात आठ बजे तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी था। हालांकि, बताया जा रहा है कि ड्यूटी के बाद सभी स्टाफ नर्स विरोध करने मूर्ति के पास बैठे थे। घटना के विरोध में कुछ स्टाफ नर्सों ने काम बंद कर दिया। इसकी वजह से मरीज परेशान हो गए। प्रदर्शन की वजह से बोतल बदलने से लेकर मरीजों को इंजेक्शन लगाना, दवा देना और ड्रेसिंग जैसे काम प्रभावित हुए हैं। हालांकि, यह काम केवल सर्जरी वार्ड में प्रभावित हुआ है।
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तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिल्पा ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें ऑर्थो विभाग के एचओडी डॉ. पवन प्रधान, सर्जरी के डॉ. योगेश पाल और मेट्रन शोभा सिंह को शामिल किया गया है। डॉ. शिल्पा ने बताया कि कमेटी को तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जो आरोपी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी आ चुके हैं मामले
नर्स की हुई थी पिटाई
जून 2018 में जूनियर डॉक्टरों की दबंगई का मामला सामने आया था। तब ऑर्थो विभाग के एक जेआर ने नर्स की पिटाई कर दी थी। इसके बाद दूसरे नर्स भड़क गए थे और सभी ने कार्य बहिष्कार कर दिया था।
जूनियर डॉक्टरों ने की थी बदसलूकी
अक्तूबर 2018 में जूनियर डॉक्टरों ने संविदा पर तैनात नर्स के साथ बदसलूकी की थी। उसको जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके बाद नाराज नर्सों ने प्रदर्शन किया था। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
