{"_id":"65d30a51ddacabe651010c5c","slug":"gorakhpur-zoo-rescue-team-saved-life-of-maharajganj-leopard-2024-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: चिड़ियाघर की रेस्क्यू टीम ने बचाई महाराजगंज के तेंदुए की जान, ट्रैप में फंस गया था पैर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: चिड़ियाघर की रेस्क्यू टीम ने बचाई महाराजगंज के तेंदुए की जान, ट्रैप में फंस गया था पैर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:29 PM IST
विज्ञापन
सार
उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद उसे दोबारा देईभार के सिंहरहना ताल के पास के जंगल में छोड़ दिया गया। यहां घना जंगल होने के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में पीने का पानी भी उपलब्ध है। अब तेंदुआ अपने प्राकृतिक वास में सुरक्षित और स्वतंत्र है।
सोहट में शिकार के ट्रैप में फंसा एक नर अवयस्क तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन
विस्तार
सोहागीबरवां वन्य जीव प्रभाव में निचलौल रेंज के सोहट ग्राम सभा के खेत में किसान द्वारा लगाए ट्रैप में एक नर अवयस्क तेंदुए का एक पैर फंस गया था। जिससे उसकी जान जोखिम में पड़ गई। इसको बचाने के लिए महाराजगंज वन विभाग ने प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव को गोरखपुर प्राणी उद्यान की रेस्क्यू टीम भेजने का अनुरोध किया। चिड़ियाघर की टीम ने पहुंचकर तेंदुए की जान बचाई।
Trending Videos
तेंदुए के फंसने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ भी इकट्ठी हो गई। गोरखपुर से डॉ. योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्राणी उद्यान की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां पर स्थानीय पशुपालन विभाग और वन विभाग की मदद से तेंदुए को ट्रेंकुलाइजर का प्रयोग करते हुए ट्रैप से मुक्त कर पिंजरे में बंद कर सुरक्षित कर लिया गया। डॉ. योगेश ने बताया कि स्वास्थ्य जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद उसे दोबारा देईभार के सिंहरहना ताल के पास के जंगल में छोड़ दिया गया। यहां घना जंगल होने के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में पीने का पानी भी उपलब्ध है। अब तेंदुआ अपने प्राकृतिक वास में सुरक्षित और स्वतंत्र है।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में महाराजगंज के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यूएन सिंह, एसडीओ आरसी मलिक, श्यामदेऊरवा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार जायसवाल, डॉ. दिलीप, क्षेत्रीय वन अधिकारी सुनील राव समेत वन विभाग के विभिन्न अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा।