{"_id":"6a5fdcaf67859ea2c60b5963","slug":"stolen-car-belonging-to-bjp-leaders-brother-recovered-from-gopalganj-bihar-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1392943-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सॉफ्टवेयर से लॉक खोलकर उड़ाई थी लक्जरी गाड़ी, तीन आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सॉफ्टवेयर से लॉक खोलकर उड़ाई थी लक्जरी गाड़ी, तीन आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- भाजपा नेता के भाई की चोरी गाड़ी बिहार के गोपालगंज से बरामद
- 2057 सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और टोल रिकॉर्ड की मदद से पुलिस ने खोला राज
गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र से भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई की लक्जरी गाड़ी (स्कॉर्पियो) चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर बिहार के गोपालगंज जिले से चोरी गई गाड़ी बरामद की गई गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से कुछ ही मिनटों में वाहन का लॉक खोलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस बुधवार को मामले का पर्दाफाश कर सकती है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा निवासी भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई अभयनंदन यादव की गाड़ी 11 जुलाई को भोर में घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि बदमाश एक कार से पहुंचे थे। उन्होंने गाड़ी का लॉक खोलने के बाद उसे भटहट, कुशीनगर होते हुए बिहार की ओर ले गए। मामले के पर्दाफाश के लिए शाहपुर पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की पांच टीमें गठित की गईं।
जांच के दौरान पुलिस ने गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार तक के मार्ग पर लगे 2057 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा मोबाइल फोन की लोकेशन, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। मुखबिर से मिले इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिले साक्ष्यों के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि घटना का पर्दाफाश बुधवार को किया जा सकता है।
विज्ञापन
--
गोपालगंज से बरामद हुई गाड़ी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बिहार के गोपालगंज जिले से चोरी गाड़ी बरामद कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये वाहन का लॉक खोलकर कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस अब उस कार की तलाश कर रही है, जिससे आरोपी वारदात करने पहुंचे थे। साथ ही गिरोह के अन्य गुर्गों की पहचान करने और प्रदेश व आसपास के जिलों में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
- 2057 सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और टोल रिकॉर्ड की मदद से पुलिस ने खोला राज
गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र से भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई की लक्जरी गाड़ी (स्कॉर्पियो) चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर बिहार के गोपालगंज जिले से चोरी गई गाड़ी बरामद की गई गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से कुछ ही मिनटों में वाहन का लॉक खोलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस बुधवार को मामले का पर्दाफाश कर सकती है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा निवासी भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई अभयनंदन यादव की गाड़ी 11 जुलाई को भोर में घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि बदमाश एक कार से पहुंचे थे। उन्होंने गाड़ी का लॉक खोलने के बाद उसे भटहट, कुशीनगर होते हुए बिहार की ओर ले गए। मामले के पर्दाफाश के लिए शाहपुर पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की पांच टीमें गठित की गईं।
विज्ञापन
जांच के दौरान पुलिस ने गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार तक के मार्ग पर लगे 2057 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा मोबाइल फोन की लोकेशन, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। मुखबिर से मिले इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिले साक्ष्यों के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि घटना का पर्दाफाश बुधवार को किया जा सकता है।
विज्ञापन
गोपालगंज से बरामद हुई गाड़ी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बिहार के गोपालगंज जिले से चोरी गाड़ी बरामद कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये वाहन का लॉक खोलकर कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस अब उस कार की तलाश कर रही है, जिससे आरोपी वारदात करने पहुंचे थे। साथ ही गिरोह के अन्य गुर्गों की पहचान करने और प्रदेश व आसपास के जिलों में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।