{"_id":"69bf03df724ca254fa0e3b1d","slug":"change-in-weather-sunshine-brings-smiles-to-farmers-faces-ambala-news-c-36-1-amb1001-160150-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: मौसम में बदलाव, धूप निकलने से किसानों के खिले चेहरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: मौसम में बदलाव, धूप निकलने से किसानों के खिले चेहरे
विज्ञापन
राजेश कुमार।
विज्ञापन
जलबेड़ा। दो दिनों से चल रही बूंदाबांदी व ठंडे मौसम के बाद शनिवार को मौसम में बदलाव नजर आया। किसानों का कहना है कि धूप निकलने से गेहूं को फायदा पहुंचेगा। शनिवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम रहकर 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक तीन एमएम बारिश भी दर्ज की गई।
अब दो और पश्चिमी विक्षोभ आएंगे
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 26 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। जिसमें पहला पश्चिमी विक्षोभ 22 मार्च को आ सकता है। इसके आंशिक प्रभाव से 23 मार्च से 25 मार्च के दौरान राज्य में बीच बीच में आंशिक बादलवाई देखने को मिल सकती है। हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने की संभावना है। इस के बाद दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 25 मार्च रात्रि को आने की संभावना है, जिसके आंशिक प्रभाव से राज्य में 26 व 27 मार्च को बीच बीच में आंशिक बादलवाई, हवा चलने तथा कहीं कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान बीच बीच में हवा में बदलाव आने से दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव न होने व रात तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
गेहूं में बीमारी आने का रहता है भय
किसान विजय कुमार, अजय कुमार, रामधन व महावीर ने बताया कि इस मौसम में गेहूं के लिए धूप भी उतनी ही जरूरी है, जितना ठंडा मौसम। ज्यादा ठंड के चलते भी गेहूं में बीमारी आने का भय बना रहता है। धूप के कारण गेहूं की बालियां भी लहलहाती नजर आईं। वहीं दूसरी तरफ मंडी में भी सफाई आदि कार्य करने के लिए समय मिल गया, जो किसान अपनी भीगी हुई सरसों को शेड के नीचे गिराकर पलटी देकर सुखा रहे थे, उन्होंने भी सरसों को खुले में गिराकर सुखाना शुरू कर दिया है।
फोटो-39
किसान राजेश कुमार ने बताया कि उनके एक एकड़ में से साढ़े 9 क्विंटल सरसों निकली है। सरकारी खरीद न होने के कारण वह 5500 में प्राइवेट ही बेचकर आए हैं। किसान का कोई भी अनाज जब मंडी में चला जाता है तो उसके रखरखाव की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी व आढ़तियों की बनती है, लेकिन खराब मौसम के कारण चिंता सताती रहती है कि कहीं अनाज खराब न हो जाए।
फोटो-40
किसान मनजीत सिंह ने बताया कि यदि मौसम ठीक रहा तो सात दिन में उनकी गेहूं की फसल पक कर तैयार हो जाएगी। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद है। कोशिश करेंगे की नमी के बिना गेहूं ही मंडी में लेकर जाएं ताकि उसे बिकने में कोई परेशानी न हो।
Trending Videos
अब दो और पश्चिमी विक्षोभ आएंगे
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 26 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। जिसमें पहला पश्चिमी विक्षोभ 22 मार्च को आ सकता है। इसके आंशिक प्रभाव से 23 मार्च से 25 मार्च के दौरान राज्य में बीच बीच में आंशिक बादलवाई देखने को मिल सकती है। हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने की संभावना है। इस के बाद दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 25 मार्च रात्रि को आने की संभावना है, जिसके आंशिक प्रभाव से राज्य में 26 व 27 मार्च को बीच बीच में आंशिक बादलवाई, हवा चलने तथा कहीं कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान बीच बीच में हवा में बदलाव आने से दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव न होने व रात तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गेहूं में बीमारी आने का रहता है भय
किसान विजय कुमार, अजय कुमार, रामधन व महावीर ने बताया कि इस मौसम में गेहूं के लिए धूप भी उतनी ही जरूरी है, जितना ठंडा मौसम। ज्यादा ठंड के चलते भी गेहूं में बीमारी आने का भय बना रहता है। धूप के कारण गेहूं की बालियां भी लहलहाती नजर आईं। वहीं दूसरी तरफ मंडी में भी सफाई आदि कार्य करने के लिए समय मिल गया, जो किसान अपनी भीगी हुई सरसों को शेड के नीचे गिराकर पलटी देकर सुखा रहे थे, उन्होंने भी सरसों को खुले में गिराकर सुखाना शुरू कर दिया है।
फोटो-39
किसान राजेश कुमार ने बताया कि उनके एक एकड़ में से साढ़े 9 क्विंटल सरसों निकली है। सरकारी खरीद न होने के कारण वह 5500 में प्राइवेट ही बेचकर आए हैं। किसान का कोई भी अनाज जब मंडी में चला जाता है तो उसके रखरखाव की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी व आढ़तियों की बनती है, लेकिन खराब मौसम के कारण चिंता सताती रहती है कि कहीं अनाज खराब न हो जाए।
फोटो-40
किसान मनजीत सिंह ने बताया कि यदि मौसम ठीक रहा तो सात दिन में उनकी गेहूं की फसल पक कर तैयार हो जाएगी। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद है। कोशिश करेंगे की नमी के बिना गेहूं ही मंडी में लेकर जाएं ताकि उसे बिकने में कोई परेशानी न हो।

राजेश कुमार।