फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Corruption in 17-crore project in Ambala Action against 16 individuals after three-year probe

Haryana: अंबाला में 17 करोड़ की योजना में भ्रष्टाचार, तीन साल की जांच के बाद 16 के खिलाफ; महकमे में मचा हड़कंप

Fri, 31 Jul 2026 09:29 AM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Fri, 31 Jul 2026 09:29 AM IST
सार

एसीबी की जांच में आया कि विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उन लोगों को योजना का लाभ दिया गया, जो इसके हकदार ही नहीं थे। नियमों के मुताबिक, आवेदन मिलने के बाद तहसील कल्याण अधिकारी को मौके पर जाकर मकान का भौतिक निरीक्षण करना होता है।

विज्ञापन
Corruption in 17-crore project in Ambala Action against 16 individuals after three-year probe
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अंबाला जिले में गरीब परिवारों के हकों पर डाका डालकर सरकारी धन की सरेआम बंदरबांट करने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीपीएल और अनुसूचित जाति के परिवारों के कच्चे मकानों की मरम्मत के लिए चलाई गई डॉ. भीमराव आंबेडकर मकान नवीनीकरण अनुदान योजना में अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत से 17 करोड़ रुपये का बड़ा गोलमाल किया गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तीन साल तक चली गहन जांच के बाद गुरुवार को इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

विज्ञापन


बिना निरीक्षण बांटे गए करोड़ों रुपये
एसीबी की जांच में आया कि विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उन लोगों को योजना का लाभ दिया गया, जो इसके हकदार ही नहीं थे। नियमों के मुताबिक, आवेदन मिलने के बाद तहसील कल्याण अधिकारी को मौके पर जाकर मकान का भौतिक निरीक्षण करना होता है। लेकिन अधिकारियों ने धरातल पर उतरे बिना ही, सिर्फ कागजों में हवा-हवाई मकान दिखाकर आवेदन स्वीकृत कर दिए। यह पूरा खेल वर्ष 2018-19 से 2021-22 के बीच खेला गया। इस अवधि में 3,922 लाभार्थियों को आरटीजीएस के जरिये 17 करोड़ 3 लाख 34 हजार रुपये की राशि जारी की गई।
विज्ञापन


एजेंटों ने पास रखे एटीएम कार्ड, काटा मोटा कमीशन
इस बड़े गोरखधंधे की जांच हरियाणा के मुख्य सचिव के निर्देश पर 15 जून 2022 को शुरू हुई थी। इसी बीच साहा निवासी रामस्वरूप की शिकायत ने मामले की परतें खोल दीं। जांच में सामने आया कि एजेंटों ने ही लाभार्थियों के बैंक खाते खुलवाए, लेकिन उनके एटीएम कार्ड अपने पास गिरवी रख लिए। जैसे ही सरकार से अनुदान खाते में आता, एजेंट अपना मोटा कमीशन निकालकर ही कार्ड लाभार्थियों को सौंपते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुदान राशि बढ़ते ही तेज हुई धांधली
सरकार ने वर्ष 2018 में इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये और फिर 2021 में इसे 80 हजार रुपये कर दिया था। जांच में स्पष्ट हुआ है कि जैसे-जैसे सरकार ने अनुदान राशि बढ़ाई, अधिकारियों और दलालों की भूख भी बढ़ती गई और धांधली का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा।

इन अधिकारियों और एजेंटों पर गिरी गाज
विजिलेंस ने इस घोटाले में तत्कालीन जिला कल्याण अधिकारी कमल कुमार, वर्तमान जिला कल्याण अधिकारी शीशपाल, तत्कालीन तहसील कल्याण अधिकारी (बराड़ा) दीपिका और रुमाल कौर, जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय की उप अधीक्षक सुषमा समेत कई कर्मचारियों पर शिकंजा कसा है। इसके अलावा सतीश कुमार उर्फ रवि, समीर बक्शी उर्फ मन्नू और जसविंद्र सिंह उर्फ बिंदर जैसे एजेंटों पर भी केस दर्ज किया गया है।


इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
इन सभी पर धारा 120-बी आपराधिक साजिश, 409 लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग, 420 धोखाधड़ी, 467 मूल्यवान दस्तावेज की जालसाजी, 468 धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी, 471 जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी) और 13(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। तहरीर में आरोप है कि अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंटों ने मिलकर योजना की पात्रता शर्तों को दरकिनार किया। एजेंट लाभार्थियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे और अनुदान राशि जमा होते ही कथित कमीशन निकालने के बाद कार्ड वापस करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed