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Ambala News: ईएसआई डिस्पेंसरी बदहाल... बाहर बोर्ड लगा न अंदर बैठने की जगह, दरक रहीं दीवारें
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अंबाला छावनी के महेश नगर स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में टूटा बैंच, बैंच के नीचे लगी इंटरलॉकिंग टाइ
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- पांच साल से खराब पड़ा जेनरेटर, जमीन पर रिकार्ड के लगे ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के महेश नगर में किराए के भवन में चल रही ईएसआई डिस्पेंसरी बदहाल है। किसी मरीज को यहां पहुंचना हो तो उसे डिस्पेंसरी ढूंढने में ही पसीने छूट जाएंगे। डिस्पेंसरी के बाहर कोई ऐसा साइन बोर्ड नहीं लगा जिससे दूर से इसकी पहचान हो सके।
बाहर लगे एक पुराने बोर्ड पर जंग लग चुका है जिस पर लिखा पढ़ना नामुमकिन है। एक साइन बोर्ड खराब जनरेटर के पास कपड़े से ढका हुआ पड़ा है। वहीं दवाई वितरण खिड़की के पास लोहे की मेज के नीचे इंटरलॉकिंग टाइलें लगाकर मेज को ऊंचा उठाया हुआ है जिसे देख व्यवस्था की लाचारी झलकती है।
11 लोगों का स्टाफ
वर्ष 2012 से चल रही इस डिस्पेंसरी की दीवारों में अब दरारें आ रही हैं। डिस्पेंसरी में दो डॉक्टर, तीन फार्मासिस्ट और क्लर्क सहित करीब 11 लोगों का स्टाफ है लेकिन उनके बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जगह की कमी के के कारण जरूरी बिल और फाइलें, रिकॉर्ड अलमारी की जगह जमीन पर रखे हुए हैं और ढेर लगे हैं। मरीजों के बैठने के लिए जो लकड़ी का बेंच है, वह भी टूट रहा है।
एक्स-रे के लिए काट रहे चक्कर
डिस्पेंसरी में रोजाना करीब 70 मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन उन्हें लैब की सुविधाओं के नाम पर मायूसी हाथ लगती है। यहां न एक्सरे की सुविधा है और न अल्ट्रासाउंड की। मरीजों को मजबूरन सिविल अस्पताल या पैनल के अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके अलावा पिछले पांच साल से जेनरेटर खराब पड़ा है जिसे ठीक कराने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। कई मरीज इलाज और दवाओं के लिए तो कई महीनों से बिल पास कराने के लिए धक्के खा रहे हैं।
तीन महीने से बिल नहीं हो रहा पास : रामपाल
छावनी के सेक्टर-34 निवासी रामपाल ने बताया कि उनके पिता नेपाल का 16 जनवरी को पंचकूला अस्पताल में इलाज हुआ था और उनके दिल में स्टंट डाले गए थे। तीन महीनों से वह बिल पास करवाने के लिए कभी इस डिस्पेंसरी तो कभी पंचकूला के चक्कर काट-काट रहे हैं। चार दिनों से तो वह लगातार यहां आ रहे हैं लेकिन स्टाफ एक बार में यह नहीं बताता कि कौन से कागजात चाहिए। हर बार एक नई कमी निकाल दी जाती है। अब कह रहे हैं कि स्टंट का रैपर फाइल में लगाकर लाओ। जानकारी के अभाव के कारण मुझे फिर से पंचकूला अस्पताल जाना पड़ेगा। यहां मरीजों की सुविधा के नाम पर सिर्फ परेशानी मिल रही है।
डिस्पेंसरी में स्पेस की कमी है, बैठने के लिए जगह कम है। पांच साल से जेनरेटर बंद पड़ा है, इसे चालू करवाने के लिए लिखा हुआ है। इसके अलावा डिस्पेंसरी शिफ्ट करने के लिए भी उच्च अधिकारियों को लिखा हुआ है।
- डाॅ. सननंदन मेनवाल, ईएसआई डिस्पेंसरी, महेश नगर, छावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के महेश नगर में किराए के भवन में चल रही ईएसआई डिस्पेंसरी बदहाल है। किसी मरीज को यहां पहुंचना हो तो उसे डिस्पेंसरी ढूंढने में ही पसीने छूट जाएंगे। डिस्पेंसरी के बाहर कोई ऐसा साइन बोर्ड नहीं लगा जिससे दूर से इसकी पहचान हो सके।
बाहर लगे एक पुराने बोर्ड पर जंग लग चुका है जिस पर लिखा पढ़ना नामुमकिन है। एक साइन बोर्ड खराब जनरेटर के पास कपड़े से ढका हुआ पड़ा है। वहीं दवाई वितरण खिड़की के पास लोहे की मेज के नीचे इंटरलॉकिंग टाइलें लगाकर मेज को ऊंचा उठाया हुआ है जिसे देख व्यवस्था की लाचारी झलकती है।
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11 लोगों का स्टाफ
वर्ष 2012 से चल रही इस डिस्पेंसरी की दीवारों में अब दरारें आ रही हैं। डिस्पेंसरी में दो डॉक्टर, तीन फार्मासिस्ट और क्लर्क सहित करीब 11 लोगों का स्टाफ है लेकिन उनके बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जगह की कमी के के कारण जरूरी बिल और फाइलें, रिकॉर्ड अलमारी की जगह जमीन पर रखे हुए हैं और ढेर लगे हैं। मरीजों के बैठने के लिए जो लकड़ी का बेंच है, वह भी टूट रहा है।
एक्स-रे के लिए काट रहे चक्कर
डिस्पेंसरी में रोजाना करीब 70 मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन उन्हें लैब की सुविधाओं के नाम पर मायूसी हाथ लगती है। यहां न एक्सरे की सुविधा है और न अल्ट्रासाउंड की। मरीजों को मजबूरन सिविल अस्पताल या पैनल के अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके अलावा पिछले पांच साल से जेनरेटर खराब पड़ा है जिसे ठीक कराने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। कई मरीज इलाज और दवाओं के लिए तो कई महीनों से बिल पास कराने के लिए धक्के खा रहे हैं।
तीन महीने से बिल नहीं हो रहा पास : रामपाल
छावनी के सेक्टर-34 निवासी रामपाल ने बताया कि उनके पिता नेपाल का 16 जनवरी को पंचकूला अस्पताल में इलाज हुआ था और उनके दिल में स्टंट डाले गए थे। तीन महीनों से वह बिल पास करवाने के लिए कभी इस डिस्पेंसरी तो कभी पंचकूला के चक्कर काट-काट रहे हैं। चार दिनों से तो वह लगातार यहां आ रहे हैं लेकिन स्टाफ एक बार में यह नहीं बताता कि कौन से कागजात चाहिए। हर बार एक नई कमी निकाल दी जाती है। अब कह रहे हैं कि स्टंट का रैपर फाइल में लगाकर लाओ। जानकारी के अभाव के कारण मुझे फिर से पंचकूला अस्पताल जाना पड़ेगा। यहां मरीजों की सुविधा के नाम पर सिर्फ परेशानी मिल रही है।
डिस्पेंसरी में स्पेस की कमी है, बैठने के लिए जगह कम है। पांच साल से जेनरेटर बंद पड़ा है, इसे चालू करवाने के लिए लिखा हुआ है। इसके अलावा डिस्पेंसरी शिफ्ट करने के लिए भी उच्च अधिकारियों को लिखा हुआ है।
- डाॅ. सननंदन मेनवाल, ईएसआई डिस्पेंसरी, महेश नगर, छावनी

अंबाला छावनी के महेश नगर स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में टूटा बैंच, बैंच के नीचे लगी इंटरलॉकिंग टाइ