पाखंड छोड़ गुरु रविदास की वाणी अपनाएं : लक्ष्मीप्रकाश
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बराड़ा के टंगैल स्थित आश्रम में समागम के दौरान मुख्यतिथि को सम्मानित करते आयोजक। प्रवक्ता