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शहीदी स्मारक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बेजोड़ नमूना : आशीष
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अंबाला छावनी में तैयार हुए शहीद स्मारक का अवलोकन करते गुजरात से आए अधिकारी। प्रवक्ता
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गुजरात के जनजातीय विकास विभाग के निदेशक ने किया अवलोकन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। गुजरात सरकार के जनजातीय विकास विभाग के निदेशक एवं आईएएस अधिकारी आशीष कुमार शनिवार को अंबाला पहुंचे। उन्होंने अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 1857 की आजादी की पहली लड़ाई के अंतरराष्ट्रीय शहीदी स्मारक का दौरा किया। उन्होंने स्मारक में डिजिटल तकनीक, आर्ट एग्जीबिशन और डिजाइन के माध्यम से अनसंग शहीदों की गाथाओं को जीवंत करने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शहीदी स्मारक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बेजोड़ नमूना है।
आशीष कुमार ने स्मारक के प्रत्येक तल का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल माध्यमों से आजादी की लड़ाई का बखूबी वर्णन किया गया है।
स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी ने ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्मारक की विशेषताओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में इंटरप्रिटेशन सेंटर, ओपन एयर थिएटर, ऑडिटोरियम, मेमोरियल टॉवर और डिजिटल गैलरी जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, आर्किटेक्ट, आर्ट एवं डिजाइन सलाहकार और कार्य टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। गुजरात सरकार के जनजातीय विकास विभाग के निदेशक एवं आईएएस अधिकारी आशीष कुमार शनिवार को अंबाला पहुंचे। उन्होंने अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 1857 की आजादी की पहली लड़ाई के अंतरराष्ट्रीय शहीदी स्मारक का दौरा किया। उन्होंने स्मारक में डिजिटल तकनीक, आर्ट एग्जीबिशन और डिजाइन के माध्यम से अनसंग शहीदों की गाथाओं को जीवंत करने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शहीदी स्मारक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बेजोड़ नमूना है।
आशीष कुमार ने स्मारक के प्रत्येक तल का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल माध्यमों से आजादी की लड़ाई का बखूबी वर्णन किया गया है।
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स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी ने ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्मारक की विशेषताओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में इंटरप्रिटेशन सेंटर, ओपन एयर थिएटर, ऑडिटोरियम, मेमोरियल टॉवर और डिजिटल गैलरी जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, आर्किटेक्ट, आर्ट एवं डिजाइन सलाहकार और कार्य टीम के सदस्य मौजूद रहे।
