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Ambala News: थाने से धक्के मारकर निकालने की शिकायत पर भड़के मंत्री, सीसीटीवी फुटेज तलब
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अंबाला सिटी। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को पंचायत भवन में आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक न्याय व अन्य विभागों के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने एजेंडे के तहत 13 शिकायतों को सुना। उन्होंने इनमें से आठ शिकायतों का मौके पर समाधान किया और पांच के समाधान के लिए कमेटी का गठन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में एक महिला फरियादी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए मंत्री को शिकायत दी। महिला ने उन्हें बताया कि जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने गई थी, तो पुलिसकर्मियों ने सुनवाई करने के बजाय उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से संबंधित एफआईआर का नंबर मांगा और सच्चाई का पता लगाने के लिए थाने की सीसीटीवी फुटेज तलब करने के सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने दो टूक कहा कि जनता के साथ थानों में इस तरह का दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान जिले भर से आए फरियादियों ने मंत्री के सामने अपना दुखड़ा सुनाया। बैठक के दौरान मंत्री बेदी पूरे एक्शन में नजर आए और आमजन की शिकायतों पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। बैठक में जमीन विवाद, नाम कटने और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े कई अहम मामले सामने आए। बिजली निगम से जुड़ी एक शिकायत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिजली कनेक्शन लेने का मामला सामने आया, जिस पर मंत्री ने जांच के आदेश दिए। वहीं, एक अन्य पारिवारिक संपत्ति विवाद में बुआ के नाम पर जमीन की वसीयत और नंबरदार की गवाही को लेकर भी गहन चर्चा हुई। बेदी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव के हर व्यक्ति की सही पहचान सुनिश्चित करना नंबरदार की जिम्मेदारी है। यदि कोई बाहर से आकर रह रहा है या दस्तावेजों में हेरफेर हो रही है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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ठेकेदार को 1 दिसंबर तक का अल्टीमेटम, पुलिया निर्माण को भी हरी झंडी
विकास कार्यों की धीमी गति पर भी कैबिनेट मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। एक निर्माण कार्य के लटके होने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को 1 दिसंबर तक काम पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जल निकासी और रास्ते की समस्या से जुड़े एक अन्य मामले में 4 फुट और 8 फुट के रास्ते का विवाद सामने आया। मंत्री ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द हाइड्रोलिक डेटा उपलब्ध कराए। रिपोर्ट के आधार पर फिजिबिलिटी चेक करके यह तय किया जाएगा कि वहां पानी निकासी के लिए दो पाइप डाले जाएं या एक बड़ी पुलिया का निर्माण किया जाए।
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इस दौरान जिले भर से आए फरियादियों ने मंत्री के सामने अपना दुखड़ा सुनाया। बैठक के दौरान मंत्री बेदी पूरे एक्शन में नजर आए और आमजन की शिकायतों पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। बैठक में जमीन विवाद, नाम कटने और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े कई अहम मामले सामने आए। बिजली निगम से जुड़ी एक शिकायत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिजली कनेक्शन लेने का मामला सामने आया, जिस पर मंत्री ने जांच के आदेश दिए। वहीं, एक अन्य पारिवारिक संपत्ति विवाद में बुआ के नाम पर जमीन की वसीयत और नंबरदार की गवाही को लेकर भी गहन चर्चा हुई। बेदी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव के हर व्यक्ति की सही पहचान सुनिश्चित करना नंबरदार की जिम्मेदारी है। यदि कोई बाहर से आकर रह रहा है या दस्तावेजों में हेरफेर हो रही है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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ठेकेदार को 1 दिसंबर तक का अल्टीमेटम, पुलिया निर्माण को भी हरी झंडी
विकास कार्यों की धीमी गति पर भी कैबिनेट मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। एक निर्माण कार्य के लटके होने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को 1 दिसंबर तक काम पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जल निकासी और रास्ते की समस्या से जुड़े एक अन्य मामले में 4 फुट और 8 फुट के रास्ते का विवाद सामने आया। मंत्री ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द हाइड्रोलिक डेटा उपलब्ध कराए। रिपोर्ट के आधार पर फिजिबिलिटी चेक करके यह तय किया जाएगा कि वहां पानी निकासी के लिए दो पाइप डाले जाएं या एक बड़ी पुलिया का निर्माण किया जाए।
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