{"_id":"6a516f4c2e65c13c520658f4","slug":"six-children-rescued-from-karmabhumi-express-ambala-news-c-36-1-amb1001-166042-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कर्मभूमि एक्सप्रेस से छह बच्चों को छुड़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कर्मभूमि एक्सप्रेस से छह बच्चों को छुड़ाया
Sat, 11 Jul 2026 03:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 11 Jul 2026 03:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला। एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन के टोल-फ्री नंबर पर मिली गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला युवा विकास संगठन, अंबाला और आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त टीम ने बाल तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया। टीम ने कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान 6 बच्चों को रेस्क्यू किया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि रेस्क्यू किए गए बच्चे बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। इनमें से 3 बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के अमृतसर में नाशपाती के बागों में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। वहीं, अन्य 2 बच्चों को भी मजदूरी के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर भेजा जा रहा था। सभी बच्चों को जिला युवा विकास संगठन की टीम ने सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मद्देनजर अपनी निगरानी में लिया। मेडिकल प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चों को तत्काल प्रभाव से चिल्ड्रन होम भेजने का आदेश दिया, जहां उनकी काउंसिलिंग की जाएगी। फिलहाल, संगठन और पुलिस की टीम बच्चों के परिजनों से संपर्क साधने के प्रयास कर रही है। संवाद
विज्ञापन
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि रेस्क्यू किए गए बच्चे बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। इनमें से 3 बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के अमृतसर में नाशपाती के बागों में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। वहीं, अन्य 2 बच्चों को भी मजदूरी के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर भेजा जा रहा था। सभी बच्चों को जिला युवा विकास संगठन की टीम ने सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मद्देनजर अपनी निगरानी में लिया। मेडिकल प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चों को तत्काल प्रभाव से चिल्ड्रन होम भेजने का आदेश दिया, जहां उनकी काउंसिलिंग की जाएगी। फिलहाल, संगठन और पुलिस की टीम बच्चों के परिजनों से संपर्क साधने के प्रयास कर रही है। संवाद
विज्ञापन