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Ambala News: 12 घंटे पहले हो चुकी थी निरवैर की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:58 AM IST
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Nirvair had died 12 hours earlier.
घर में पसरा मातम। इंटरनेट
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा, बोरवेल में गिरते ही सिर, छाती व दोनों टखनों पर आई थी चोटें
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। बोरवेल में गिरे निरवैर को सुरक्षित बाहर निकालने की तमाम दुआएं और कोशिशें आखिरकार नाकाम साबित हुईं। बुधवार को सिटी के नागरिक अस्पताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुमित व डॉ. शैलजा के बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। डॉक्टरों के मुताबिक 21 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब निरवैर का शव बाहर निकाला गया तो उसकी मौत करीब 12 घंटे पहले ही हो चुकी थी। मौत की मुख्य वजह पानी में डूबना और शरीर पर आई गंभीर चोटें हैं। बोरवेल के भीतर गिरने पर मासूम के सिर, छाती और दोनों टखनों पर गंभीर चोटें आई थीं। फेफड़ों में पानी भर जाने और इन चोटों के असर के कारण मासूम बच नहीं पाया।



खेत मालिक व 2 ठेकेदारों पर प्राथमिकी

इस हादसे के बाद अंबाला सिटी सदर थाना पुलिस ने खेत मालिक हरनेक व उसके दो ठेकेदार दिलप्रीत, बलजीत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई बोरवेल को खुला छोड़ने की लापरवाही बरतने की धारा 106 के तहत की गई है। यह कार्रवाई गुरदीप सिंह की तहरीर पर हुई। गुरदीप सिंह ने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह करीब 5:40 बजे उनके ताया करनैल सिंह (60) खेतों में पानी देने गए थे। सुबह करीब 6:15 बजे गुरदीप अपने भाई मंजीत सिंह व उनके साढ़े तीन साल के बेटे निरवैर सिंह को साथ लेकर ताया के लिए खाना देने खेतों में पहुंचे थे तो निरवैर बोरवेल में गिर गया था। पुलिस को दी तहरीर में गुरदीप सिंह ने बताया कि गांव के ही हरनेक सिंह ने अपने खेत गांव के ही दिलप्रीत सिंह और उसके चाचा बलजीत सिंह को ठेके पर दे रखे हैं। करीब 20-25 दिन पहले उन्होंने इस खेत में करीब 300 से 350 फीट गहरा बोरवेल करवाया था, जो फेल हो गया। उन्होंने दूसरा बोरवेल तो करवा लिया, लेकिन पुराने बोर के गड्ढे को खुला छोड़ दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने कई बार आरोपियों को चेतावनी दी थी कि इस होल को पत्थर या किसी भारी चीज से ढक दें ताकि कोई हादसा न हो, लेकिन उन्होंने बात अनसुनी कर दी थी। ठेके पर देने के बाद हरनेक खराब हुए बोरवेल से 15 दिन पहले ही मोटर आदि सामान निकालकर उसे खोला छोड़ गया था।
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