{"_id":"69c2fb4150561ac28b0acbb6","slug":"order-to-stop-the-flow-of-contaminated-water-from-himachal-to-haryana-ambala-news-c-36-1-amb1002-160278-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: हिमाचल से हरियाणा में बह रहे दूषित पानी पर रोक लगाने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: हिमाचल से हरियाणा में बह रहे दूषित पानी पर रोक लगाने का आदेश
विज्ञापन
नारायणगढ़ में मारकंडा नदी में गिरता गंदा पानी। संवाद
विज्ञापन
- एनजीटी ने दिया आदेश, कालाअंब के उद्योगों से निकल रहा 11.62 एमएलडी प्रदूषित पानी बना मुसीबत, मुख्य सचिव से मांगा एक्शन प्लान
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हिमाचल के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र से हरियाणा में बह रहे प्रदूषित पानी और औद्योगिक कचरे पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने हिमाचल सरकार को निर्देश दिए हैं कि पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमाओं में जा रहे इस प्रदूषित पानी को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
जस्टिस अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को इस बाबत आदेश दिया है। हिमाचल प्रशासन मारकंडा नदी और जट्टन वाला नाला के जरिए गंदे पानी के डायवर्जन और उपचार के लिए एक ठोस कार्ययोजना पेश करेंगे। इन दोनों जगहों से हरियाणा में 11.62 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) गंदा पानी प्रवेश कर रहा है। इस पर अमर उजाला ने भी पड़ताल की थी जिसमें मारकंडा में गिर रहे नालों की हकीकत उजागर की गई।
मारकंडा नदी में घुल रहा जहर
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक सिरमौर जिले के कालाअंब स्थित उद्योगों और घरों का गंदा पानी जट्टन वाला नाला के जरिए मारकंडा नदी में मिल रहा है। जट्टन वाला नाला में बीओडी (बीओडी) का स्तर 134 मिलीग्राम प्रतिलीटर पाया गया है, जो बेहद खतरनाक है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 3 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर का बीओडी प्रदूषित और 30 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर का स्तर घातक माना जाता है।
पंजाब सरकार को भी निगरानी के आदेश
एनजीटी ने केवल हिमाचल ही नहीं, पंजाब सरकार को भी टांगरी नदी (घग्गर की सहायक नदी) की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि मारकंडा नदी में मिलने से पहले टांगरी के उन बिंदुओं की पहचान की जाए जहां से प्रदूषण इसमें मिल रहा है।
2022 से चल रही कानूनी लड़ाई
यह मामला साल 2022 में अंबाला के एक निवासी द्वारा दायर याचिका के बाद गरमाया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कालाअंब के उद्योग न केवल पवित्र मारकंडा नदी को प्रदूषित कर रहे हैं बल्कि इससे सीमावर्ती गांवों के लोगों और मवेशियों में बीमारियां फैल रही हैं। मारकंडा नदी हिमाचल में 24 किमी और हरियाणा में 125 किमी का सफर तय करती है।
Trending Videos
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हिमाचल के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र से हरियाणा में बह रहे प्रदूषित पानी और औद्योगिक कचरे पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने हिमाचल सरकार को निर्देश दिए हैं कि पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमाओं में जा रहे इस प्रदूषित पानी को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
जस्टिस अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को इस बाबत आदेश दिया है। हिमाचल प्रशासन मारकंडा नदी और जट्टन वाला नाला के जरिए गंदे पानी के डायवर्जन और उपचार के लिए एक ठोस कार्ययोजना पेश करेंगे। इन दोनों जगहों से हरियाणा में 11.62 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) गंदा पानी प्रवेश कर रहा है। इस पर अमर उजाला ने भी पड़ताल की थी जिसमें मारकंडा में गिर रहे नालों की हकीकत उजागर की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मारकंडा नदी में घुल रहा जहर
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक सिरमौर जिले के कालाअंब स्थित उद्योगों और घरों का गंदा पानी जट्टन वाला नाला के जरिए मारकंडा नदी में मिल रहा है। जट्टन वाला नाला में बीओडी (बीओडी) का स्तर 134 मिलीग्राम प्रतिलीटर पाया गया है, जो बेहद खतरनाक है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 3 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर का बीओडी प्रदूषित और 30 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर का स्तर घातक माना जाता है।
पंजाब सरकार को भी निगरानी के आदेश
एनजीटी ने केवल हिमाचल ही नहीं, पंजाब सरकार को भी टांगरी नदी (घग्गर की सहायक नदी) की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि मारकंडा नदी में मिलने से पहले टांगरी के उन बिंदुओं की पहचान की जाए जहां से प्रदूषण इसमें मिल रहा है।
2022 से चल रही कानूनी लड़ाई
यह मामला साल 2022 में अंबाला के एक निवासी द्वारा दायर याचिका के बाद गरमाया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कालाअंब के उद्योग न केवल पवित्र मारकंडा नदी को प्रदूषित कर रहे हैं बल्कि इससे सीमावर्ती गांवों के लोगों और मवेशियों में बीमारियां फैल रही हैं। मारकंडा नदी हिमाचल में 24 किमी और हरियाणा में 125 किमी का सफर तय करती है।