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Ambala News: रेलवे कर्मचारियों को राहत, अब इस्तीफे के बाद भी 4 महीने तक रख सकेंगे सरकारी आवास
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अंबाला। रेलवे ने उन कर्मचारियों के लिए को राहत दी है जो बेहतर भविष्य के लिए दूसरी सरकारी सेवाओं में जा रहे हैं। रेलवे बोर्ड ने एक अहम फैसला लेते हुए तकनीकी इस्तीफे की स्थिति में सरकारी क्वार्टर खाली करने के नियमों में ढील दे दी है। अब ऐसे कर्मचारी इस्तीफा देने के बाद भी अगले चार महीनों तक अपने रेलवे आवास में रह सकेंगे।
रेलवे बोर्ड द्वारा 18 मार्च को जारी आदेश के अनुसार, जनहित में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। इससे पहले तकनीकी इस्तीफे की स्थिति में आवास रखने के स्पष्ट नियम नहीं थे, जिससे कर्मचारियों को नई जगह ज्वाइन करते समय परिवार के रहने की समस्या का सामना करना पड़ता था। नए नियमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन चार महीनों के लिए कर्मचारी से कोई जुर्माना या बाजार दर पर किराया नहीं वसूला जाएगा। कर्मचारी को केवल वही सामान्य लाइसेंस शुल्क देना होगा, जो वह अपनी सेवा के दौरान दे रहा था।
इन्हें मिलेगी राहत
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य स्थितियों में आवास रखने के पुराने नियम यथावत रहेंगे। तकनीकी इस्तीफे के तहत अब 4 महीने तक रहने की अनुमति सामान्य किराये पर होगी। सेवानिवृत्ति के कुल 8 महीने यानी पहले 4 महीने सामान्य किराया, अगले 4 महीने दोगुना किराया देना होगा। इसी प्रकार इस्तीफा या बर्खास्तगी के तहत केवल 1 महीना का सामान्य किराया लिया जाएगा। रेल कर्मचारी की मृत्यु या लापता होने के तहत मौजूदा नियमों के अनुसार लंबी अवधि की राहत प्रदान की जाएगी।
इन पर लागू नहीं होगा नियम
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह छूट विशेष पदों के लिए आरक्षित बंगलों या आवासों पर लागू नहीं होगी, साथ ही रेलवे ऑडिट विभाग के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
यदि कर्मचारी तकनीकी इस्तीफे की प्रक्रिया में हैं, तो इस आदेश का हवाला देकर अपने संबंधित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आवास बरकरार रखने का आवेदन दे सकते हैं। -एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक,अंबाला मंडल।
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रेलवे बोर्ड द्वारा 18 मार्च को जारी आदेश के अनुसार, जनहित में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। इससे पहले तकनीकी इस्तीफे की स्थिति में आवास रखने के स्पष्ट नियम नहीं थे, जिससे कर्मचारियों को नई जगह ज्वाइन करते समय परिवार के रहने की समस्या का सामना करना पड़ता था। नए नियमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन चार महीनों के लिए कर्मचारी से कोई जुर्माना या बाजार दर पर किराया नहीं वसूला जाएगा। कर्मचारी को केवल वही सामान्य लाइसेंस शुल्क देना होगा, जो वह अपनी सेवा के दौरान दे रहा था।
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इन्हें मिलेगी राहत
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य स्थितियों में आवास रखने के पुराने नियम यथावत रहेंगे। तकनीकी इस्तीफे के तहत अब 4 महीने तक रहने की अनुमति सामान्य किराये पर होगी। सेवानिवृत्ति के कुल 8 महीने यानी पहले 4 महीने सामान्य किराया, अगले 4 महीने दोगुना किराया देना होगा। इसी प्रकार इस्तीफा या बर्खास्तगी के तहत केवल 1 महीना का सामान्य किराया लिया जाएगा। रेल कर्मचारी की मृत्यु या लापता होने के तहत मौजूदा नियमों के अनुसार लंबी अवधि की राहत प्रदान की जाएगी।
इन पर लागू नहीं होगा नियम
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह छूट विशेष पदों के लिए आरक्षित बंगलों या आवासों पर लागू नहीं होगी, साथ ही रेलवे ऑडिट विभाग के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
यदि कर्मचारी तकनीकी इस्तीफे की प्रक्रिया में हैं, तो इस आदेश का हवाला देकर अपने संबंधित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आवास बरकरार रखने का आवेदन दे सकते हैं। -एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक,अंबाला मंडल।