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Bhiwani News: आठ टन पटाखों से भरे ट्राले में लगी आग, 10 दमकल गाड़ियों ने छह घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:43 AM IST
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A fire broke out in a trolley carrying eight tonnes of firecrackers; 10 fire engines brought it under control after six hours of effort.
जूई नहर लोहानी के समीप पटाखों से भरे ट्राले में आग लगने के बाद पटाखों की पेटियों को बाहर निकालत
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जूई (भिवानी)। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे-709 ई पर गांव लोहानी स्थित जूई नहर के समीप रविवार रात करीब 11 बजे आठ टन पटाखों से भरे बंद बॉडी ट्राले में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण इंजन में शॉर्ट-सर्किट माना जा रहा है। देखते ही देखते आग ट्राले के पिछले हिस्से तक पहुंच गई और पटाखों में विस्फोट होने लगे। दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियों ने छह घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद आग पर काबू पाया।

रात 11 बजकर 50 मिनट पर डायल-112 के माध्यम से दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर दमकल विभाग की पहली गाड़ी मौके पर पहुंच गई। बंद बॉडी ट्राले के पिछले हिस्से में रखे पटाखों तक आग पहुंचने के बाद स्थिति गंभीर हो गई। आग बुझाने के लिए मौके पर जेसीबी बुलाई गई। जेसीबी की सहायता से ट्राले के पिछले हिस्से को उखाड़ा गया। इसके बाद आग पर काबू पाने का कार्य तेज किया गया।
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ट्राला चालक मंदीप और ट्राला मालिक कुसुंभी निवासी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कैथल से करीब आठ टन पटाखों की खेप तमिलनाडु के लिए भेजी जा रही थी। रविवार रात चालक मंदीप पेट्रोल पंप से ट्राला लेकर गांव लोहानी के समीप जूई नहर तक ही पहुंचा था कि केबिन में अचानक शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लग गई। आग इंजन की ओर नीचे से शुरू हुई थी। चालक ने पहले अपनी पानी की बोतल से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। धुआं बढ़ने पर वह केबिन से बाहर निकल आया और डायल-112 पर सूचना दी।
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दमकल कर्मचारियों ने सबसे पहले केबिन में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इसी दौरान ट्राले के पिछले हिस्से से भी धुआं उठने लगा। चालक ने बताया कि ट्राले में पटाखे भरे हुए हैं। इसके बाद कर्मचारियों को बड़े विस्फोट की आशंका सताने लगी। दमकल कर्मियों ने ट्राले का पिछला गेट खोलकर अंदर पानी डालना शुरू किया लेकिन पटाखे फटने की आवाजें आने लगीं। पुलिस की मदद से मौके पर जेसीबी बुलाई गई। जेसीबी ने ट्राले के पिछले हिस्से को उखाड़ दिया। इसके बाद पटाखों की खेप को बाहर निकालकर दूर किया गया और आग बुझाने के प्रयास तेज कर दिए गए।
लीडिंग फायरमैन नरेंद्र, फायर ऑपरेटर भूपेंद्र सिंह, सुनील, संदीप, दलीप, मुकेश, जोगेंद्र तथा अन्य कर्मचारियों ने करीब 10 दमकल गाड़ियों की सहायता से छह घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ट्राला मालिक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि हादसे में ट्राला पूरी तरह से नष्ट हो गया। आग बुझने तक ट्राले के टायर, केबिन और पिछला हिस्सा पूरी तरह जल चुके थे। पटाखों की खेप भी आग और पानी की बौछारों से खराब हो गई। गनीमत रही कि बड़ा विस्फोट नहीं हुआ। यदि विस्फोट होता तो जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका थी।
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