फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   A journey of insecurity on the path to becoming a driver, ignoring the rules, 27 young people are being trained at a time in a 20-seater bus at Bhiwani Depot's driver training school

Bhiwani News: चालक बनाने की राह में असुरक्षा का सफर, नियमों को ताक पर रख भिवानी डिपो के चालक प्रशिक्षण स्कूल में 20 सीटर बस में 27 युवाओं को दिया जा रहा एक समय में प्रशिक्षण

Wed, 15 Jul 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 15 Jul 2026 11:11 PM IST
विज्ञापन
A journey of insecurity on the path to becoming a driver, ignoring the rules, 27 young people are being trained at a time in a 20-seater bus at Bhiwani Depot's driver training school
​भिवानी में प्र​शिक्षण चालक बस में सीट न मिलने पर फर्श पर बैठे प्र​शिक्षु। 
राकेश कुमार
विज्ञापन

भिवानी। हरियाणा परिवहन विभाग के भिवानी डिपो में संचालित चालक प्रशिक्षण (ड्राइविंग ट्रेनिंग) स्कूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभागीय दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर प्रशिक्षणार्थियों को क्षमता से अधिक संख्या में बसों में बैठाकर ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता तो प्रभावित हो ही रही है। साथ ही युवाओं की सुरक्षा पर भी जोखिम बढ़ गया है।
रोडवेज विभाग के अधिकारियों के अनुसार चालक प्रशिक्षण स्कूल की एक बस में अधिकतम 20 प्रशिक्षुओं को ही शामिल किया जाना चाहिए ताकि प्रत्येक युवा को ड्राइविंग सीखने के लिए पर्याप्त समय और बेहतर ट्रेनिंग मिल सके लेकिन भिवानी डिपो में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और वर्तमान में एक बस में 27-27 युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है।
विज्ञापन

ट्रेनिंग स्कूल में 4 बसें, अगले बैच से 5 होने की उम्मीद

वर्तमान में भिवानी ट्रेनिंग स्कूल में कुल चार बसें प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध हैं लेकिन किसी बस का चालक अगर छुट्टी पर है तो उसके प्रशिक्षुओं को दूसरी बस में बैठाकर उन्हें सड़क पर वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जबकि बस के अंदर 20 सीट ही मौजूद हैं बाकी युवा पीछे खाली जगह पर नीचे बैठने पर मजबूर हैं। सफर के दौरान नीचे बैठे इन युवाओं की सुरक्षा के भी कोई बंदोबस्त तक नहीं हैं। ब्रेकर या फिर किसी अवरोध के दौरान उसके चोटिल होने की संभावना बनी रहती है। इन सभी युवाओं को बस चलाने का भी मौका नहीं मिल पाता है। हालांकि रोडवेज विभाग अगले ट्रेनिंग बैच में 5 बसें करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बदइंतजामी : ड्राइवर के छुट्टी पर जाने से बढ़ता है बोझ
ट्रेनिंग स्कूल की बदइंतजामी का आलम यह है कि यदि कोई बस ड्राइवर छुट्टी पर चला जाता है तो उस बस के युवाओं को ट्रेनिंग देने की वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय उन्हें दूसरी चालू बसों में भेज दिया जाता है। नियम के अनुसार एक बस में 20 सीटें होती हैं जिस पर केवल 20 युवा ही बैठ सकते हैं। निर्देश ये हैं कि अगर किसी बस का चालक छुट्टी पर है तो उसकी जगह दूसरे चालक का प्रबंध करना चाहिए ना कि इस बस के युवाओं को दूसरी एक बस में बैठाकर प्रशिक्षण दिया जाए। ऐसे में 20 सीटर बस के पीछे ये युवा नीचे बैठ खुद को संभालने में ही सहमे रहते हैं।
---------
ट्रेनिंग बस से ढोया जा रहा सामान, प्रशिक्षुओं से कराई मजदूरी
प्रशिक्षण के लिए आरक्षित इन विशेष बसों का उपयोग रोडवेज कर्मशाला (वर्कशॉप) का सामान ढोने में भी किया जा रहा है। आरोप है कि जब भी कर्मशाला से टायर, यूरिया या अन्य विभागीय सामान दूसरे डिपो या सब-डिपो भेजा जाता है तो इन्हीं बसों का प्रयोग होता है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान ट्रेनिंग ले रहे युवाओं से ही भारी सामान चढ़वाने और उतरवाने का काम लिया जाता है जिससे वे अपने मूल प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं।

--------
ऐसा कोई नियम नहीं है कि 20 प्रशिक्षुओं को ही एक बस में प्रशिक्षण दिया जाए। यदि कोई चालक छुट्टी पर जाता है, तो दूसरे चालक की व्यवस्था का प्रयास किया जाता है या फिर प्रशिक्षुओं को दूसरी बस में एडजस्ट कर दिया जाता है। प्रशिक्षुओं से किसी तरह का सामान नहीं उठवाया जा रहा है और न ही इन बसों का प्रयोग किसी अन्य कार्य में किया जाता है। - दीपक कुंडू, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed