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Bhiwani News: ब्राह्मण महासम्मेलन और कल्याण आयोग के गठन समेत सात मुद्दों पर बनी सहमति
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ब्राह्मण सम्मेलन में अतिथि का पगड़ी पहनाकर सम्मान करते संस्था पदाधिकारी।
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भिवानी। हरियाणा के ब्राह्मण समाज की रविवार को बड़ चौक स्थित भगवान परशुराम धर्मशाला में हुई बैठक में समाज को सशक्त बनाने के लिए ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन, नवंबर में ब्राह्मण महासम्मेलन सहित सात प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। बैठक में प्रदेशभर से जुटे प्रतिनिधियों ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के बाद ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया, महासचिव सतीश गौतम, संयोजक रामकिशन शर्मा और 12 ब्राह्मण समाज के प्रधान पंडित सुरेश कौशिक ने लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज के हितों की रक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य स्तर पर ब्राह्मण कल्याण आयोग का गठन किया जाना आवश्यक है।
नवंबर में होगा ब्राह्मण महासम्मेलन
प्रतिनिधियों ने हरियाणा में समाज की एकजुटता और हुंकार का प्रतीक बनाने के लिए नवंबर में ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया। महासम्मेलन के माध्यम से समाज की मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने की बात कही गई। बैठक में आरक्षण एवं विवादित कानूनों को लेकर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाले कानूनों में सुधार या उन्हें समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
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सभी संस्थाओं को एक मंच पर लाने का आह्वान किया
बैठक में सभी समविचारी ब्राह्मण संस्थाओं को एक मंच पर लाने का आह्वान किया गया। साथ ही संस्थागत विवादों का निपटारा कर संस्थाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। इसके अलावा हिंदू मंदिरों के सरकारी अधिग्रहण को समाप्त करने की मांग उठाने तथा हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।
परशुराम प्रकटोत्सव पर सरकारी अवकाश की मांग
प्रतिनिधियों ने बताया कि भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव दिवस को सरकारी तौर पर राज्यस्तरीय अवकाश एवं समारोह के रूप में मनाने की मांग सरकार के समक्ष रखी जाएगी। बैठक में अशोक कुमार, सिल्कराम शर्मा, पूर्व सरपंच रामकुमार, प्रधान महाबीर, सत्यवान खरककलां, राधेश्याम कुसुंभी, पुष्कर बापोड़ा, योगेश खरकखुर्द, मदनलाल, प्रदीप शर्मा और अजय गौतम मौजूद रहे।
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बैठक के बाद ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया, महासचिव सतीश गौतम, संयोजक रामकिशन शर्मा और 12 ब्राह्मण समाज के प्रधान पंडित सुरेश कौशिक ने लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज के हितों की रक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य स्तर पर ब्राह्मण कल्याण आयोग का गठन किया जाना आवश्यक है।
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नवंबर में होगा ब्राह्मण महासम्मेलन
प्रतिनिधियों ने हरियाणा में समाज की एकजुटता और हुंकार का प्रतीक बनाने के लिए नवंबर में ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया। महासम्मेलन के माध्यम से समाज की मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने की बात कही गई। बैठक में आरक्षण एवं विवादित कानूनों को लेकर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाले कानूनों में सुधार या उन्हें समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
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सभी संस्थाओं को एक मंच पर लाने का आह्वान किया
बैठक में सभी समविचारी ब्राह्मण संस्थाओं को एक मंच पर लाने का आह्वान किया गया। साथ ही संस्थागत विवादों का निपटारा कर संस्थाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। इसके अलावा हिंदू मंदिरों के सरकारी अधिग्रहण को समाप्त करने की मांग उठाने तथा हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।
परशुराम प्रकटोत्सव पर सरकारी अवकाश की मांग
प्रतिनिधियों ने बताया कि भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव दिवस को सरकारी तौर पर राज्यस्तरीय अवकाश एवं समारोह के रूप में मनाने की मांग सरकार के समक्ष रखी जाएगी। बैठक में अशोक कुमार, सिल्कराम शर्मा, पूर्व सरपंच रामकुमार, प्रधान महाबीर, सत्यवान खरककलां, राधेश्याम कुसुंभी, पुष्कर बापोड़ा, योगेश खरकखुर्द, मदनलाल, प्रदीप शर्मा और अजय गौतम मौजूद रहे।