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गाय, गंगा, गीता और गायत्री भारतीय संस्कृति की पहचान : श्रवण गर्ग
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गांव तालु की गौ लोक धाम में आयोजित वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का अवलोकन करते श्रवण कुमार गर्ग।
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भिवानी। गाय, गंगा, गीता और गायत्री भारतीय संस्कृति की पहचान हैं और गोवंश की रक्षा करना हम सभी का परम धर्म है। यह बात हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग ने गांव तालू स्थित गो लोक धाम में आयोजित वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से गोशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।
श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार की ओर से गोशालाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि बेसहारा गायों और नंदियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। उन्होंने गोशाला संचालकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में संरक्षण दें। उन्होंने कहा कि गाय हमें खेतों के लिए खाद और दूध देती है, जो अमृत के समान है। शास्त्रों में गाय को माता का स्वरूप माना गया है और उसमें सभी देवताओं का वास माना जाता है।
गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि भिवानी जिले की 44 गोशालाओं में से 42 गोशालाओं को गत वर्ष करीब तीन करोड़ 90 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इससे भी अधिक सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन पंचायतों के पास भूमि उपलब्ध है वहां गोशालाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही गो अभ्यारणों केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं और जिन पंचायतों के पास भूमि है वे गो अभ्यारण केंद्र बनवा सकती हैं।
श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में करीब 694 गोशालाएं संचालित हैं जिनमें लगभग चार लाख गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में ऑफ ग्रिड सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं जिससे बिजली के खर्च में कमी आएगी। इसके साथ ही गोशालाओं के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की बिजली दर निर्धारित की गई है जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि गोशालाओं के लिए जमीन खरीदने पर किसी प्रकार का रजिस्ट्री शुल्क नहीं लिया जाता और न ही कोई प्रॉपर्टी टैक्स लगता है। गोशालाओं को मनरेगा से भी जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि एक हजार गायों वाली गोशालाओं को एक ई-रिक्शा तथा एक हजार से अधिक गायों वाली गोशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा गोशालाओं में बायो गैस प्लांट भी लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोशाला प्रधान रामफल, जयप्रकाश मास्टर, मास्टर मामन, सुरेश सरपंच, श्रीनिवास शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
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श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार की ओर से गोशालाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि बेसहारा गायों और नंदियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। उन्होंने गोशाला संचालकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में संरक्षण दें। उन्होंने कहा कि गाय हमें खेतों के लिए खाद और दूध देती है, जो अमृत के समान है। शास्त्रों में गाय को माता का स्वरूप माना गया है और उसमें सभी देवताओं का वास माना जाता है।
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गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि भिवानी जिले की 44 गोशालाओं में से 42 गोशालाओं को गत वर्ष करीब तीन करोड़ 90 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इससे भी अधिक सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन पंचायतों के पास भूमि उपलब्ध है वहां गोशालाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही गो अभ्यारणों केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं और जिन पंचायतों के पास भूमि है वे गो अभ्यारण केंद्र बनवा सकती हैं।
श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में करीब 694 गोशालाएं संचालित हैं जिनमें लगभग चार लाख गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में ऑफ ग्रिड सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं जिससे बिजली के खर्च में कमी आएगी। इसके साथ ही गोशालाओं के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की बिजली दर निर्धारित की गई है जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि गोशालाओं के लिए जमीन खरीदने पर किसी प्रकार का रजिस्ट्री शुल्क नहीं लिया जाता और न ही कोई प्रॉपर्टी टैक्स लगता है। गोशालाओं को मनरेगा से भी जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि एक हजार गायों वाली गोशालाओं को एक ई-रिक्शा तथा एक हजार से अधिक गायों वाली गोशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा गोशालाओं में बायो गैस प्लांट भी लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोशाला प्रधान रामफल, जयप्रकाश मास्टर, मास्टर मामन, सुरेश सरपंच, श्रीनिवास शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
