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Bhiwani News: सीजन की गर्मी में पहली बार 41 डिग्री तापमान में तप उठी धरती तो गर्म हवाओं ने थकाया
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:04 AM IST
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भिवानी। सीजन की गर्मी का वीरवार को पहली बार सर्वाधिक तापमान देखने को मिला। वीरवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया। इस वजह से धरती भी तप उठी और गर्म हवाओं ने भी लोगों को खूब थकाया। हालांकि 17 व 18 अप्रैल को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना है। शहर की सड़कों पर भी दोपहर के समय वीरानी छाई रही, वहीं अचानक अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री तक उछाल दर्ज किया गया है। इस वजह से आम जनजीवन भी हांफ गया है।
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में 20 अप्रैल तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 15 व 16 अप्रैल को मौसम साफ व खुश्क रहने परंतु 17 व 18 अप्रैल को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना है। राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने से 17 अप्रैल व 18 अप्रैल के दौरान राज्य में बीच-बीच में आंशिक बादलवाही तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने तथा कुछ एक स्थानों पर गरज चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना बन रही है। परंतु इस दौरान बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से 19 व 20 अप्रैल को मौसम साफ व खुश्क रहने तथा दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने व रात्रि तापमान में गिरावट होने की संभावना है।
वाहन चलाते समय भी मुंह पर लगे गर्म हवाओं के थपेड़े
वीरवार का दिन इतना गर्म रहा कि दोपहर के समय सड़क पर दुपहिया वाहन चलाने वालों के चेहरे पर भी गर्म हवाओं के थपेड़े लगे। महिलाओं ने तो स्कूटी चलाते समय अपने चेहरे पर कपड़ा बांध कर गंतव्य की ओर बढ़ना ही बेहतर समझा क्योंकि गर्म हवा से चमड़ी भी झुलसने लगी थी। हालांकि पिछले कुछ दिनों से बारिश की वजह से तापमान में अस्थिरता बनी थी। इस वजह से दिन के समय भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री से भी नीचे पहुंच गया था। ऐसे में अब अधिकतम तापमान 41 डिग्री होना अचानक ही गर्मी की दस्तक है।
गर्मी में लोगों का स्वास्थ्य भी हो रहा प्रभावित
जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। लोगों में पेट दर्द, अपच, हल्के दस्त और उल्टी की शिकायतें सामने आ रही हैं जबकि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बीपी लो की समस्या भी देखने को मिल रही है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि गर्मी के कारण शरीर का तापमान संतुलन प्रभावित होता है जिससे लोग जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार ऐसे मौसम में दूषित भोजन और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसलिए बाहर खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों, रेहड़ियों पर बिकने वाले असंतुलित भोजन और अधिक तले-भुने जंक फूड से बचना चाहिए। इसके बजाय घर का ताजा और संतुलित भोजन लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हरी सब्जियां, ताजे फल, दही और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करना जरूरी है। साथ ही साफ पानी पीना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाना भी जरूरी है ताकि पेट संबंधी बीमारियों से बचा जा सके।
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चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में 20 अप्रैल तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 15 व 16 अप्रैल को मौसम साफ व खुश्क रहने परंतु 17 व 18 अप्रैल को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना है। राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने से 17 अप्रैल व 18 अप्रैल के दौरान राज्य में बीच-बीच में आंशिक बादलवाही तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने तथा कुछ एक स्थानों पर गरज चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना बन रही है। परंतु इस दौरान बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से 19 व 20 अप्रैल को मौसम साफ व खुश्क रहने तथा दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने व रात्रि तापमान में गिरावट होने की संभावना है।
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वाहन चलाते समय भी मुंह पर लगे गर्म हवाओं के थपेड़े
वीरवार का दिन इतना गर्म रहा कि दोपहर के समय सड़क पर दुपहिया वाहन चलाने वालों के चेहरे पर भी गर्म हवाओं के थपेड़े लगे। महिलाओं ने तो स्कूटी चलाते समय अपने चेहरे पर कपड़ा बांध कर गंतव्य की ओर बढ़ना ही बेहतर समझा क्योंकि गर्म हवा से चमड़ी भी झुलसने लगी थी। हालांकि पिछले कुछ दिनों से बारिश की वजह से तापमान में अस्थिरता बनी थी। इस वजह से दिन के समय भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री से भी नीचे पहुंच गया था। ऐसे में अब अधिकतम तापमान 41 डिग्री होना अचानक ही गर्मी की दस्तक है।
गर्मी में लोगों का स्वास्थ्य भी हो रहा प्रभावित
जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। लोगों में पेट दर्द, अपच, हल्के दस्त और उल्टी की शिकायतें सामने आ रही हैं जबकि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बीपी लो की समस्या भी देखने को मिल रही है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि गर्मी के कारण शरीर का तापमान संतुलन प्रभावित होता है जिससे लोग जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार ऐसे मौसम में दूषित भोजन और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसलिए बाहर खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों, रेहड़ियों पर बिकने वाले असंतुलित भोजन और अधिक तले-भुने जंक फूड से बचना चाहिए। इसके बजाय घर का ताजा और संतुलित भोजन लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हरी सब्जियां, ताजे फल, दही और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करना जरूरी है। साथ ही साफ पानी पीना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाना भी जरूरी है ताकि पेट संबंधी बीमारियों से बचा जा सके।

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