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Bhiwani News: पूर्व कृषि मंत्री ने फसल बीमा क्लेम में अनियमितता पर की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
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बहल। पूर्व कृषि मंत्री एवं लोहारू के पूर्व विधायक जेपी दलाल ने भिवानी और चरखी दादरी जिलों के किसानों के खरीफ एवं रबी-2023 फसल बीमा क्लेम के भुगतान के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखा है। उन्होंने क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने, मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और किसानों को लंबित बीमा राशि ब्याज सहित जल्द दिलाने की मांग की है।
जेपी दलाल इससे पहले सिवानी में भारतीय खादी बोर्ड के कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2023 में कपास फसल के नुकसान का आकलन क्रॉप कटिंग प्रयोग के आधार पर किया गया था और जिला स्तरीय समिति ने बीमा क्लेम को मंजूरी भी दे दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने तकनीक आधारित यील्ड असेसमेंट लागू कर बीमा क्लेम राशि में भारी कटौती कर दी जिससे हजारों किसान प्रभावित हुए। उन्होंने पत्र में बताया कि 11 मई को हुई राज्य शिकायत निवारण समिति की बैठक में खरीफ-2023 कपास फसल बीमा क्लेम का भुगतान वास्तविक औसत उपज यानी क्रॉप कटिंग प्रयोग के आधार पर करने का निर्णय लिया गया था।
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इसके बावजूद किसानों को अब तक पूरा भुगतान नहीं किया गया है। जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही पूरे मामले की एसआईटी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने खरीफ एवं रबी-2023 की लंबित बीमा राशि किसानों के खातों में जल्द जमा कराने और करीब दो वर्षों से लंबित भुगतान पर देय ब्याज भी दिलाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में उचित निर्णय लेकर उन्हें न्याय दिलाने की उम्मीद जताई है।
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जेपी दलाल इससे पहले सिवानी में भारतीय खादी बोर्ड के कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2023 में कपास फसल के नुकसान का आकलन क्रॉप कटिंग प्रयोग के आधार पर किया गया था और जिला स्तरीय समिति ने बीमा क्लेम को मंजूरी भी दे दी थी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने तकनीक आधारित यील्ड असेसमेंट लागू कर बीमा क्लेम राशि में भारी कटौती कर दी जिससे हजारों किसान प्रभावित हुए। उन्होंने पत्र में बताया कि 11 मई को हुई राज्य शिकायत निवारण समिति की बैठक में खरीफ-2023 कपास फसल बीमा क्लेम का भुगतान वास्तविक औसत उपज यानी क्रॉप कटिंग प्रयोग के आधार पर करने का निर्णय लिया गया था।
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इसके बावजूद किसानों को अब तक पूरा भुगतान नहीं किया गया है। जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही पूरे मामले की एसआईटी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने खरीफ एवं रबी-2023 की लंबित बीमा राशि किसानों के खातों में जल्द जमा कराने और करीब दो वर्षों से लंबित भुगतान पर देय ब्याज भी दिलाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में उचित निर्णय लेकर उन्हें न्याय दिलाने की उम्मीद जताई है।