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Bhiwani News: फर्जीवाड़े की शिकायत में भी फर्जीवाड़ा
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नगर परिषद के विकास कार्यों को लेकर दी गई फर्जी शिकायत में पार्षदाें के हस्ताक्षर और मुहर।
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भिवानी। नगर परिषद भिवानी में विकास कार्यों से संबंधित कथित फर्जी शिकायत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। वर्ष 2022 में नगर परिषद के विकास कार्यों में अनियमितता रोकने के लिए पार्षदों की ओर से दी गई शिकायत में लगे हस्ताक्षर और मुहर का वर्ष 2026 में विकास कार्यों में घोटाले से जुड़ी शिकायत में गलत इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) को सौंपी गई है। संबंधित पार्षदों ने शपथ पत्र देकर उनके हस्ताक्षर और मोहर के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
दरअसल नगर परिषद की कार्यकारिणी के गठन के दौरान 14 दिसंबर 2022 को नगर परिषद के पार्षदों की ओर से नगर परिषद में होने वाले विकास कार्यों में अनियमितता रोकने के लिए जिला नगर आयुक्त को शिकायत दी गई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर परिषद से करवाए जाने वाले विकास कार्यों, जैसे सफाई, मरम्मत अथवा अन्य कार्यों में ठेकेदार मिलीभगत कर गुणवत्ता से समझौता करते हैं। पार्षदों ने मांग की थी कि ठेकेदारों को भुगतान करने से पहले नगर परिषद के प्रधान, उपप्रधान और संबंधित वार्ड के पार्षद से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य किया जाए। इस शिकायत पर संबंधित पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर और मुहर भी लगाई थी।
आरोप है कि इसी शिकायत में लगे हस्ताक्षर और मुहर का 27 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री के नाम नगर परिषद के विकास कार्यों को लेकर भेजी गई शिकायत में गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। इस शिकायत में रेलवे स्टेशन से घंटाघर तक मॉडल रोड निर्माण में गड़बड़ी, सेक्टर-13 में बरसाती लाइन में पुराने पाइपों के इस्तेमाल तथा शहर में बरसाती पाइपलाइन डालने के कार्य में घोटाले के आरोप लगाए गए थे।
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जब इस शिकायत पर कार्रवाई के लिए मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो जिन 12 पार्षदों के नाम शिकायत में दर्शाए गए थे उन्होंने इस शिकायत से साफ इन्कार कर दिया। पार्षदों ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने इस प्रकार की किसी शिकायत पर न तो हस्ताक्षर किए और न ही अपनी मुहर लगाई।
इसी मामले में 8 जून 2026 को नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता की ओर से संबंधित 12 पार्षदों को कथित फर्जी शिकायत की जांच के संबंध में पत्र जारी किया गया। इसके बाद जिला नगर आयुक्त द्वारा 9 जून को संबंधित पार्षदों को तलब किया गया। हालांकि अभी तक जांच में पार्षदों का पक्ष ही जाना जा रहा है जबकि शिकायत में लगाए गए विकास कार्यों से संबंधित आरोपों की जांच के लिए अभी कोई समिति गठित नहीं की गई है और न ही अलग से कोई जांच शुरू हुई है। संवाद
इन पार्षदों के नाम किए गए फर्जी शिकायत में गलत तरीके से इस्तेमाल
सोनिका, वार्ड नंबर 3 से पार्षद
सुकरम सिंह, वार्ड नंबर 4 से पार्षद
मंजू, वार्ड नंबर 9 से पार्षद
कमलेश, वार्ड नंबर 13 से पार्षद
जयवीर, वार्ड नंबर 14 से पार्षद
कविता, वार्ड नंबर 15 से पार्षद
अनिल कुमार, वार्ड नंबर 16 से पार्षद
अनीता, वार्ड नंबर 18 से पार्षद
सीमा, वार्ड नंबर 21 से पार्षद
ज्योति कामरा, वार्ड नंबर 22 से पार्षद
संजू, वार्ड नंबर 24 से पार्षद
मनीष, वार्ड नंबर 30 से पार्षद
मेरे पास नगर परिषद के पार्षदों की कार्यकारी अभियंता द्वारा एक शिकायत जांच के लिए आई है। जिसमें पार्षदों द्वारा उनके हस्ताक्षर और मुहर का गलत इस्तेमाल कर झूठी शिकायत के माध्यम से नगर परिषद की छवि खराब किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में संबंधित पार्षदों को तलब किया गया है। उनसे यह जाना जा रहा है कि शिकायत किस प्रकार की थी और कैसे उनके नाम का गलत इस्तेमाल हुआ। जांच अभी जारी है। इसमें आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -हरबीर सिंह, जिला नगर आयुक्त, नगर परिषद, भिवानी।
दरअसल नगर परिषद की कार्यकारिणी के गठन के दौरान 14 दिसंबर 2022 को नगर परिषद के पार्षदों की ओर से नगर परिषद में होने वाले विकास कार्यों में अनियमितता रोकने के लिए जिला नगर आयुक्त को शिकायत दी गई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर परिषद से करवाए जाने वाले विकास कार्यों, जैसे सफाई, मरम्मत अथवा अन्य कार्यों में ठेकेदार मिलीभगत कर गुणवत्ता से समझौता करते हैं। पार्षदों ने मांग की थी कि ठेकेदारों को भुगतान करने से पहले नगर परिषद के प्रधान, उपप्रधान और संबंधित वार्ड के पार्षद से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य किया जाए। इस शिकायत पर संबंधित पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर और मुहर भी लगाई थी।
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आरोप है कि इसी शिकायत में लगे हस्ताक्षर और मुहर का 27 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री के नाम नगर परिषद के विकास कार्यों को लेकर भेजी गई शिकायत में गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। इस शिकायत में रेलवे स्टेशन से घंटाघर तक मॉडल रोड निर्माण में गड़बड़ी, सेक्टर-13 में बरसाती लाइन में पुराने पाइपों के इस्तेमाल तथा शहर में बरसाती पाइपलाइन डालने के कार्य में घोटाले के आरोप लगाए गए थे।
जब इस शिकायत पर कार्रवाई के लिए मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो जिन 12 पार्षदों के नाम शिकायत में दर्शाए गए थे उन्होंने इस शिकायत से साफ इन्कार कर दिया। पार्षदों ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने इस प्रकार की किसी शिकायत पर न तो हस्ताक्षर किए और न ही अपनी मुहर लगाई।
इसी मामले में 8 जून 2026 को नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता की ओर से संबंधित 12 पार्षदों को कथित फर्जी शिकायत की जांच के संबंध में पत्र जारी किया गया। इसके बाद जिला नगर आयुक्त द्वारा 9 जून को संबंधित पार्षदों को तलब किया गया। हालांकि अभी तक जांच में पार्षदों का पक्ष ही जाना जा रहा है जबकि शिकायत में लगाए गए विकास कार्यों से संबंधित आरोपों की जांच के लिए अभी कोई समिति गठित नहीं की गई है और न ही अलग से कोई जांच शुरू हुई है। संवाद
इन पार्षदों के नाम किए गए फर्जी शिकायत में गलत तरीके से इस्तेमाल
सोनिका, वार्ड नंबर 3 से पार्षद
सुकरम सिंह, वार्ड नंबर 4 से पार्षद
मंजू, वार्ड नंबर 9 से पार्षद
कमलेश, वार्ड नंबर 13 से पार्षद
जयवीर, वार्ड नंबर 14 से पार्षद
कविता, वार्ड नंबर 15 से पार्षद
अनिल कुमार, वार्ड नंबर 16 से पार्षद
अनीता, वार्ड नंबर 18 से पार्षद
सीमा, वार्ड नंबर 21 से पार्षद
ज्योति कामरा, वार्ड नंबर 22 से पार्षद
संजू, वार्ड नंबर 24 से पार्षद
मनीष, वार्ड नंबर 30 से पार्षद
मेरे पास नगर परिषद के पार्षदों की कार्यकारी अभियंता द्वारा एक शिकायत जांच के लिए आई है। जिसमें पार्षदों द्वारा उनके हस्ताक्षर और मुहर का गलत इस्तेमाल कर झूठी शिकायत के माध्यम से नगर परिषद की छवि खराब किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में संबंधित पार्षदों को तलब किया गया है। उनसे यह जाना जा रहा है कि शिकायत किस प्रकार की थी और कैसे उनके नाम का गलत इस्तेमाल हुआ। जांच अभी जारी है। इसमें आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -हरबीर सिंह, जिला नगर आयुक्त, नगर परिषद, भिवानी।