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Bhiwani News: खनन बंद होने पर आठ को सीएम से मिलेंगे खानक के क्रशर मालिक
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 06 Apr 2026 01:24 AM IST
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तोशाम। खानक पहाड़ में खनन कार्य अचानक बंद किए जाने के विरोध में क्रशर मालिक आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सैनी से चंडीगढ़ में मुलाकात करेंगे। यह निर्णय खानक में आयोजित क्रशर मालिकों की बैठक में लिया गया। बैठक में बड़ी संख्या में क्रशर मालिकों ने एचएसआईआईडीसी कंपनी के निर्णय का विरोध किया।
क्रशर एसोसिएशन खानक-डाडम के प्रधान भीष्म महता और अन्य क्रशर मालिकों ने बताया कि एचएसआईआईडीसी कंपनी ने दो अप्रैल की शाम को पहाड़ से माल जल्द उठाने के निर्देश दिए और तीन अप्रैल को मैसेज भेजकर गाड़ियां हटाने के आदेश जारी कर दिए जबकि इस संबंध में कोई स्पष्ट कारण या पूर्व सूचना नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह गलत है। खानक-डाडम क्षेत्र में करीब 150 क्रशर इकाइयां हैं जो खनन कार्य रुकने से बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। आए दिन अलग-अलग कारणों से खनन कार्य बाधित होता रहता है जिससे क्रशर मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। क्रशर मालिकों ने बताया कि अचानक खनन कार्य बंद होने से बाजार में रोड़ी-बजरी के दाम बढ़ गए हैं जिससे ग्राहक अन्य स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली, मजदूरों और कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च लगातार जारी रहते हैं जिससे आर्थिक संकट गहरा रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के माध्यम से आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री से मिलकर सभी समस्याएं उनके समक्ष रखी जाएंगी। इस दौरान राजेश महता, मन्नू मेहता, अवध श्योराण, रमेश श्योराण, पूर्व सरपंच अमर सिंह, बनवारी लाल, जय सिंह सिंधु, जयपाल पन्नू, विकास गोयल, मुकेश बजाज सहित अन्य मौजूद रहे।
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क्रशर एसोसिएशन खानक-डाडम के प्रधान भीष्म महता और अन्य क्रशर मालिकों ने बताया कि एचएसआईआईडीसी कंपनी ने दो अप्रैल की शाम को पहाड़ से माल जल्द उठाने के निर्देश दिए और तीन अप्रैल को मैसेज भेजकर गाड़ियां हटाने के आदेश जारी कर दिए जबकि इस संबंध में कोई स्पष्ट कारण या पूर्व सूचना नहीं दी गई।
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उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह गलत है। खानक-डाडम क्षेत्र में करीब 150 क्रशर इकाइयां हैं जो खनन कार्य रुकने से बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। आए दिन अलग-अलग कारणों से खनन कार्य बाधित होता रहता है जिससे क्रशर मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। क्रशर मालिकों ने बताया कि अचानक खनन कार्य बंद होने से बाजार में रोड़ी-बजरी के दाम बढ़ गए हैं जिससे ग्राहक अन्य स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली, मजदूरों और कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च लगातार जारी रहते हैं जिससे आर्थिक संकट गहरा रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के माध्यम से आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री से मिलकर सभी समस्याएं उनके समक्ष रखी जाएंगी। इस दौरान राजेश महता, मन्नू मेहता, अवध श्योराण, रमेश श्योराण, पूर्व सरपंच अमर सिंह, बनवारी लाल, जय सिंह सिंधु, जयपाल पन्नू, विकास गोयल, मुकेश बजाज सहित अन्य मौजूद रहे।