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Bhiwani News: राष्ट्रीय महिला छात्रा संसद में लवली प्रोफेशनल विवि रहा ओवरऑल विजेता
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सीबीएलयू में आयोजित महिला छात्रा संसद में ओवरऑल विजेता यूनिवर्सिटी की छात्रा को सम्मानित करतीं
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भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला छात्रा संसद का रविवार को समापन हो गया जिसमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब की टीम ओवरऑल विजेता रही। कार्यक्रम में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुदेश छिकारा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो. सुदेश छिकारा ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने भीतर बेहतर नेतृत्व के गुण विकसित करें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं सशक्त नेतृत्व की दिशा में यह छात्रा संसद एक महत्वपूर्ण पहल है और आज महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि संसद कानून और नीतियां बनाने की सर्वोच्च संस्था है। इस राष्ट्रीय महिला छात्रा संसद का उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, संसदीय अधिकारों की समझ बढ़ाना और लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व कौशल व नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुरेश मालिक ने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका डॉ. अनुराधा, डॉ. सुहाना और डॉ. ईशानी ने निभाई। इस अवसर पर डीन प्रो. संजीव कुमार, प्रो. ललिता गुप्ता, प्रो. दिनेश मदान, प्राचार्य डॉ. संजय गोयल, डॉ. अदम्यवीर सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रथम रनर अप ट्रॉफी मणिपुर यूनिवर्सिटी को मिली
सीबीएलयू में आयोजित महिला छात्रा संसद एआईयू की ओवरऑल विजेता की ट्रॉफी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब के नाम रही। वहीं प्रथम रनर-अप ट्रॉफी मणिपुर यूनिवर्सिटी को मिली। द्वितीय रनर-अप ट्रॉफी चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और तृतीय रनर-अप ट्रॉफी जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने जीती। बेस्ट स्पीकर का अवाॅर्ड लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब को, बेस्ट प्रेसिडेंट मणिपुर यूनिवर्सिटी, मणिपुर को और बेस्ट प्राइम मिनिस्टर अवार्ड पारुल यूनिवर्सिटी, गुजरात को मिला।
मेरा अनुभव रहा कि हमें लोकतंत्र में दिए गए अधिकारों का उपयोग करना चाहिए। हमने इस छात्रा संसद में अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठाई। मैंने संसद में सीखा कि कोई भी निर्णय लेने से पहले हमेशा सोचना चाहिए। क्योंकि संसद में बैठने वाले लोगों का एक निर्णय करोड़ो लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। देश की जनता जिस भरोसे से चुनती है उस पर जिम्मेदारों को खरा उतरना चाहिए। -ध्रुवी चावला, गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी।
यह मेरा पहला अनुभव था जिसमें मैंने जाना कि किस तरह संसद में लोगों के लिए कानून बनाए जाते हैं और उन पर बहस होती है। संसद की कार्य प्रणाली के बारे में हम अब तक सिर्फ सुनते थे लेकिन अब पहली बार इसका हिस्सा बनने का मौका मिला। इसमें यह समझने का अवसर मिला कि किसी क्षेत्र के लिए क्या लाभदायक है और लिया गया एक निर्णय कितने लोगों को प्रभावित करता है।- नितिशा भंडारी, जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर।
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छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो. सुदेश छिकारा ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने भीतर बेहतर नेतृत्व के गुण विकसित करें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं सशक्त नेतृत्व की दिशा में यह छात्रा संसद एक महत्वपूर्ण पहल है और आज महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि संसद कानून और नीतियां बनाने की सर्वोच्च संस्था है। इस राष्ट्रीय महिला छात्रा संसद का उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, संसदीय अधिकारों की समझ बढ़ाना और लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व कौशल व नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
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चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुरेश मालिक ने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका डॉ. अनुराधा, डॉ. सुहाना और डॉ. ईशानी ने निभाई। इस अवसर पर डीन प्रो. संजीव कुमार, प्रो. ललिता गुप्ता, प्रो. दिनेश मदान, प्राचार्य डॉ. संजय गोयल, डॉ. अदम्यवीर सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रथम रनर अप ट्रॉफी मणिपुर यूनिवर्सिटी को मिली
सीबीएलयू में आयोजित महिला छात्रा संसद एआईयू की ओवरऑल विजेता की ट्रॉफी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब के नाम रही। वहीं प्रथम रनर-अप ट्रॉफी मणिपुर यूनिवर्सिटी को मिली। द्वितीय रनर-अप ट्रॉफी चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और तृतीय रनर-अप ट्रॉफी जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने जीती। बेस्ट स्पीकर का अवाॅर्ड लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब को, बेस्ट प्रेसिडेंट मणिपुर यूनिवर्सिटी, मणिपुर को और बेस्ट प्राइम मिनिस्टर अवार्ड पारुल यूनिवर्सिटी, गुजरात को मिला।
मेरा अनुभव रहा कि हमें लोकतंत्र में दिए गए अधिकारों का उपयोग करना चाहिए। हमने इस छात्रा संसद में अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठाई। मैंने संसद में सीखा कि कोई भी निर्णय लेने से पहले हमेशा सोचना चाहिए। क्योंकि संसद में बैठने वाले लोगों का एक निर्णय करोड़ो लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। देश की जनता जिस भरोसे से चुनती है उस पर जिम्मेदारों को खरा उतरना चाहिए। -ध्रुवी चावला, गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी।
यह मेरा पहला अनुभव था जिसमें मैंने जाना कि किस तरह संसद में लोगों के लिए कानून बनाए जाते हैं और उन पर बहस होती है। संसद की कार्य प्रणाली के बारे में हम अब तक सिर्फ सुनते थे लेकिन अब पहली बार इसका हिस्सा बनने का मौका मिला। इसमें यह समझने का अवसर मिला कि किसी क्षेत्र के लिए क्या लाभदायक है और लिया गया एक निर्णय कितने लोगों को प्रभावित करता है।- नितिशा भंडारी, जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर।