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Bhiwani News: न्यूनतम वेतन की मांग पर सड़कों पर उतरे मिल मजदूर, विधायक आवास पहुंच सौंपा ज्ञापन
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वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन करते बीटीएम मिल के मजदूरों को समझाते पुलिस कर्मी।
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भिवानी। शहर में कपड़ा मिल के मजदूरों ने शनिवार को न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। मजदूर पैदल मार्च करते हुए शहर की सड़कों से गुजरते हुए विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का लाभ उन्हें नहीं दिया जा रहा जिसके चलते उन्होंने मिल का काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है।
कपड़ा मिल मजदूर मनोज कुमार, स्नेहलता, महेश कुमार और संदीप ग्रेवाल ने बताया कि सरकार ने हाल ही में न्यूनतम वेतन 15, 221 रुपये निर्धारित किया था लेकिन मिल प्रशासन उन्हें केवल 11,221 रुपये का ही भुगतान कर रहा है। उनका आरोप है कि शुरुआत में एक माह तक बढ़ा हुआ वेतन दिया गया लेकिन बाद में फिर पुराने वेतन पर ही लौटा दिया गया। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे जरूरत से ज्यादा काम लिया जाता है जबकि उन्हें सीएल और पीएल जैसी अवकाश सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।
मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च चलाना पहले ही मुश्किल है ऐसे में निर्धारित न्यूनतम वेतन न मिलना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती और सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और मिल का कामकाज प्रभावित रहेगा।
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विधायक घनश्याम सर्राफ ने बताया कि मजदूर अपनी शिकायत लेकर उनके पास पहुंचे थे। उन्होंने मिल प्रशासन से इस संबंध में बातचीत की है। विधायक के अनुसार मिल प्रबंधन ने समस्या के समाधान के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि तय समय में समाधान नहीं होता है तो वह स्वयं हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करेंगे।
कपड़ा मिल मजदूर मनोज कुमार, स्नेहलता, महेश कुमार और संदीप ग्रेवाल ने बताया कि सरकार ने हाल ही में न्यूनतम वेतन 15, 221 रुपये निर्धारित किया था लेकिन मिल प्रशासन उन्हें केवल 11,221 रुपये का ही भुगतान कर रहा है। उनका आरोप है कि शुरुआत में एक माह तक बढ़ा हुआ वेतन दिया गया लेकिन बाद में फिर पुराने वेतन पर ही लौटा दिया गया। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे जरूरत से ज्यादा काम लिया जाता है जबकि उन्हें सीएल और पीएल जैसी अवकाश सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।
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मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च चलाना पहले ही मुश्किल है ऐसे में निर्धारित न्यूनतम वेतन न मिलना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती और सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और मिल का कामकाज प्रभावित रहेगा।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने बताया कि मजदूर अपनी शिकायत लेकर उनके पास पहुंचे थे। उन्होंने मिल प्रशासन से इस संबंध में बातचीत की है। विधायक के अनुसार मिल प्रबंधन ने समस्या के समाधान के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि तय समय में समाधान नहीं होता है तो वह स्वयं हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करेंगे।