{"_id":"6a53f43186d0a6d3690bd786","slug":"protest-in-behal-against-kali-kambli-wale-babas-medical-camp-hoardings-torn-down-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-153792-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: काली कंबली वाले बाबा के चिकित्सा शिविर का बहल में विरोध, होर्डिंग्स फाड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: काली कंबली वाले बाबा के चिकित्सा शिविर का बहल में विरोध, होर्डिंग्स फाड़े
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहल (भिवानी)। कस्बे की नई अनाज मंडी में काली कंबली वाले बाबा द्वारा दस जुलाई से 16 जुलाई तक आयोजित कथित चिकित्सा शिविर का तीसरे दिन रविवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने शिविर के प्रचार के लिए मुख्य बाजार में लगे होर्डिंग्स फाड़ दिए। उन्होंने शहीद स्मारक से पुलिस थाना तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शिविर में हस्तक्षेप कर इसे बंद करवाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता लोहारू रोड पर शहीद चौक पर एकत्रित हुए। उन्होंने मुख्य बाजार में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। महंत विकास गिरि महाराज ने कहा कि ऐसे शिविर लोगों को भ्रमित करते हैं। उन्होंने बताया कि इन आयोजनों का न तो वैज्ञानिक आधार है और न ही सनातन धर्म से कोई संबंध है। उन्होंने नए भारत में अंधविश्वास और पाखंड के लिए कोई स्थान न होने की बात कही।
उन्होंने लोगों से वैज्ञानिक सोच अपनाने का आग्रह किया। सामाजिक कार्यकर्ता अमर सोलंकी ने कहा कि कथित चिकित्सा शिविर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीमारी का उपचार केवल योग्य और पंजीकृत चिकित्सकों से ही कराना चाहिए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस थाना पहुंचकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता लोहारू रोड पर शहीद चौक पर एकत्रित हुए। उन्होंने मुख्य बाजार में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। महंत विकास गिरि महाराज ने कहा कि ऐसे शिविर लोगों को भ्रमित करते हैं। उन्होंने बताया कि इन आयोजनों का न तो वैज्ञानिक आधार है और न ही सनातन धर्म से कोई संबंध है। उन्होंने नए भारत में अंधविश्वास और पाखंड के लिए कोई स्थान न होने की बात कही।
विज्ञापन
उन्होंने लोगों से वैज्ञानिक सोच अपनाने का आग्रह किया। सामाजिक कार्यकर्ता अमर सोलंकी ने कहा कि कथित चिकित्सा शिविर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीमारी का उपचार केवल योग्य और पंजीकृत चिकित्सकों से ही कराना चाहिए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस थाना पहुंचकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
विज्ञापन