{"_id":"69cc1070c3d2197d86089fb0","slug":"rain-soaked-mustard-in-the-markets-for-the-second-day-now-private-purchases-have-also-stopped-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-148942-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: दूसरे दिन भी मंडियों में बारिश से भीगी सरसों, अब प्राइवेट खरीद भी ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: दूसरे दिन भी मंडियों में बारिश से भीगी सरसों, अब प्राइवेट खरीद भी ठप
विज्ञापन
भिवानी के कैरू क्षेत्र में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि।
विज्ञापन
भिवानी। दूसरे दिन लगातार हुई बारिश से मंडियों में खुले में पड़ी सरसों भीग गई और प्राइवेट खरीद ठप हो गई। खराब मौसम के कारण हजारों क्विंटल सरसों खरीद के इंतजार में अटकी हुई है वहीं गेहूं की कटाई और सरसों की निकासी का काम भी प्रभावित हो गया है।
मंगलवार को भी मंडियों में पड़ी सरसों पर आसमान से आफत बरसी। खुले में रखी सरसों की ढेरियां बारिश में भीग गईं जिन्हें बचाने के लिए मजदूर झाड़ू से पानी हटाते नजर आए। बारिश से सरसों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है जिसके चलते प्राइवेट एजेंसियां भी फिलहाल खरीद से किनारा कर रही हैं। जिले में सरसों की सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं हुई है हालांकि कुछ किसानों ने बिक्री के लिए गेट पास कटवा लिए हैं।
मौसम खराब होने के बावजूद मंगलवार को जिला मुख्यालय की मंडी में 180 किसान करीब तीन हजार क्विंटल सरसों लेकर पहुंचे। पिछले दो दिनों से बिगड़े मौसम के कारण करीब 10,000 क्विंटल सरसों मंडी में खरीद के इंतजार में पड़ी है। अभी तक किसी भी मंडी में सरकारी एजेंसी ने सरसों की खरीद शुरू नहीं की है जबकि एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद भी शुरू होनी है। लगातार दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण खेतों में गेहूं की कटाई और सरसों की कढ़ाई का कार्य भी प्रभावित हुआ है। अब तक जिला मुख्यालय पर करीब 35,000 क्विंटल सरसों की प्राइवेट खरीद हो चुकी है।
गेहूं की कटाई में लगेगा सप्ताह भर का अधिक समय
लगातार दो दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गेहूं की कटाई बंद हो गई है। फसल पककर तैयार होने के बावजूद नमी बढ़ने से कटाई संभव नहीं है। किसानों के अनुसार फसल को सूखने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा जिसके बाद ही कटाई शुरू हो पाएगी।
बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
जिले के गांव भानगढ़, लेघां, हेतमपुरा, नांगल सहित कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री तक पहुंच गया जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। दिनभर कभी धूप तो कभी बारिश का दौर चलता रहा जिससे किसान मौसम के बदले तेवरों से सहमे रहे।
जिला मुख्यालय की मंडी में सरसों की लगातार आवक हो रही है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि जब तक मौसम साफ नहीं होता तब तक फसल लेकर मंडी में न आएं। जिन किसानों ने गेट पास कटवाए हैं उनकी प्राइवेट बोली पर सरसों बिक रही हैं जिन किसानों ने सरकारी खरीद के लिए गेट पास लिए हैं उनकी भी सरकारी मानकों के हिसाब से खरीद कराई जाएगी। मौसम की वजह से मंगलवार को बोली नहीं हो पाई। -देवेंद्र ढूल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
शिमली मोड व ढांगर के खेतों में ओलावृष्टि से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
कैरू। देवराला-कैरू क्षेत्र में बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। रबी फसल की कटाई कर रहे किसानों पर उस समय संकट मंडरा गया जब बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। गांव देवराला, खापड़बास, इंदीवाली, धारवानबास और बिजलानाबास में हल्की ओलावृष्टि हुई जबकि शिमली मोड व ढांगर गांव में तेज ओलावृष्टि से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा। सुबह करीब 11 बजे मौसम ने करवट ली और बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि हुई। संवाद
तेज हवा ने बिछाई गेहूं की फसल, उत्पादन पर पड़ेगा असर
जूई। क्षेत्र में सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने बताया कि तेज हवा के साथ आई बारिश ने खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर गेहूं जमीन पर गिर गया है जिससे कटाई में दिक्कतें आएंगी और दाने खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं सरसों निकालने का कार्य भी मौसम की मार से प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो गेहूं की कटाई और सरसों निकासी में देरी होगी जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Trending Videos
मंगलवार को भी मंडियों में पड़ी सरसों पर आसमान से आफत बरसी। खुले में रखी सरसों की ढेरियां बारिश में भीग गईं जिन्हें बचाने के लिए मजदूर झाड़ू से पानी हटाते नजर आए। बारिश से सरसों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है जिसके चलते प्राइवेट एजेंसियां भी फिलहाल खरीद से किनारा कर रही हैं। जिले में सरसों की सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं हुई है हालांकि कुछ किसानों ने बिक्री के लिए गेट पास कटवा लिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम खराब होने के बावजूद मंगलवार को जिला मुख्यालय की मंडी में 180 किसान करीब तीन हजार क्विंटल सरसों लेकर पहुंचे। पिछले दो दिनों से बिगड़े मौसम के कारण करीब 10,000 क्विंटल सरसों मंडी में खरीद के इंतजार में पड़ी है। अभी तक किसी भी मंडी में सरकारी एजेंसी ने सरसों की खरीद शुरू नहीं की है जबकि एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद भी शुरू होनी है। लगातार दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण खेतों में गेहूं की कटाई और सरसों की कढ़ाई का कार्य भी प्रभावित हुआ है। अब तक जिला मुख्यालय पर करीब 35,000 क्विंटल सरसों की प्राइवेट खरीद हो चुकी है।
गेहूं की कटाई में लगेगा सप्ताह भर का अधिक समय
लगातार दो दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गेहूं की कटाई बंद हो गई है। फसल पककर तैयार होने के बावजूद नमी बढ़ने से कटाई संभव नहीं है। किसानों के अनुसार फसल को सूखने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा जिसके बाद ही कटाई शुरू हो पाएगी।
बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
जिले के गांव भानगढ़, लेघां, हेतमपुरा, नांगल सहित कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री तक पहुंच गया जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। दिनभर कभी धूप तो कभी बारिश का दौर चलता रहा जिससे किसान मौसम के बदले तेवरों से सहमे रहे।
जिला मुख्यालय की मंडी में सरसों की लगातार आवक हो रही है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि जब तक मौसम साफ नहीं होता तब तक फसल लेकर मंडी में न आएं। जिन किसानों ने गेट पास कटवाए हैं उनकी प्राइवेट बोली पर सरसों बिक रही हैं जिन किसानों ने सरकारी खरीद के लिए गेट पास लिए हैं उनकी भी सरकारी मानकों के हिसाब से खरीद कराई जाएगी। मौसम की वजह से मंगलवार को बोली नहीं हो पाई। -देवेंद्र ढूल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
शिमली मोड व ढांगर के खेतों में ओलावृष्टि से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
कैरू। देवराला-कैरू क्षेत्र में बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। रबी फसल की कटाई कर रहे किसानों पर उस समय संकट मंडरा गया जब बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। गांव देवराला, खापड़बास, इंदीवाली, धारवानबास और बिजलानाबास में हल्की ओलावृष्टि हुई जबकि शिमली मोड व ढांगर गांव में तेज ओलावृष्टि से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा। सुबह करीब 11 बजे मौसम ने करवट ली और बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि हुई। संवाद
तेज हवा ने बिछाई गेहूं की फसल, उत्पादन पर पड़ेगा असर
जूई। क्षेत्र में सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने बताया कि तेज हवा के साथ आई बारिश ने खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर गेहूं जमीन पर गिर गया है जिससे कटाई में दिक्कतें आएंगी और दाने खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं सरसों निकालने का कार्य भी मौसम की मार से प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो गेहूं की कटाई और सरसों निकासी में देरी होगी जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।