{"_id":"69f2622e7e422be8aa08e9a5","slug":"residents-are-suffering-from-the-increasing-water-shortage-with-drinking-water-in-the-outer-colonies-dependent-on-tankers-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-150424-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: पानी की बढ़ती किल्लत से शहरवासी बेहाल, बाहरी कॉलोनियों में टैंकरों के सहारे पेयजल व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: पानी की बढ़ती किल्लत से शहरवासी बेहाल, बाहरी कॉलोनियों में टैंकरों के सहारे पेयजल व्यवस्था
विज्ञापन
शहर के बिचला बाजार में पेयजल संकट को लेकर रोष जताते क्षेत्रवासी।
विज्ञापन
भिवानी। गर्मी बढ़ने के साथ शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। बाहरी कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था टैंकरों के सहारे चल रही है जबकि शहर की 25 से अधिक कॉलोनियां अब भी नियमित पेयजल लाइनों से वंचित हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग टैंकरों के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टैंकर आपूर्ति के मुकाबले पानी की मांग डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन 35 से 40 टैंकर भेजे जा रहे हैं जबकि जरूरत करीब 150 टैंकर प्रतिदिन की बनी हुई है। शहर के तीनों जलघर टैंकों में पानी का स्तर घटकर केवल तीन से चार फीट तक रह गया है। ऐसे में नियमित आपूर्ति के बजाय राशनिंग के आधार पर पानी सप्लाई किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के अनुसार सात से 14 मई तक नहरों में पानी पहुंचेगा। तब तक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भंडारित पानी के सहारे ही शहरवासियों को भारी कटौती के साथ पानी उपलब्ध करा रहा है।
कई कॉलोनियों में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। पेयजल संकट के चलते अब लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। जल भंडारण क्षमता नहीं बढ़ पाने के कारण शहर को हर वर्ष गर्मियों में जल संकट का सामना करना पड़ता है।
बिचला बाजार में पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, महिलाओं ने लगाया सड़क पर जाम
भिवानी। बिचला बाजार स्थित बिजली घर गेट के समीप रहने वाले लोग पिछले करीब तीन माह से पेयजल संकट झेल रहे हैं। इससे परेशान होकर बुधवार सुबह करीब 10 बजे क्षेत्रवासियों ने बिजली घर गेट के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक लोगों ने प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सचिन कुमार, शिव चरण, शिवरतन, दीपक कुमार, नरेश कुमार, सुभाष शर्मा, बिमला देवी, देबी देवी, कृष्णा देवी और अनिता देवी सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने बताया कि रामदत्त गली, जीनदयानल गली, कुम्हारों की गली और नाईभाटान की गली में पिछले 90 दिनों से पानी की सप्लाई बेहद कम थी जबकि पिछले एक सप्ताह से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है।
उन्होंने बताया कि कभी-कभार सप्लाई आने पर भी बिजली नहीं रहती। गर्मी के इस दौर में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले तीन महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। पिछले एक सप्ताह से उन्हें महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि सरकार “हर घर नल से जल” का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर नागरिक मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पानी की मोटर चलाने वाला कर्मचारी अभद्र व्यवहार करता है जिसकी शिकायत कई बार जेई से की गई लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सड़क जाम के कारण बिचला बाजार जैसे मुख्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।
शहरी दायरे में पानी की राशनिंग चल रही है। सात मई को नहरों में पानी पहुंचेगा। इसके बाद ही जलघर के टैंकों तक आपूर्ति होगी। फिलहाल भंडारित पानी के हिसाब से शहर में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है। गर्मी में पानी की खपत भी अधिक बढ़ गई है। इसकी वजह से दिक्कत बनी हुई है। -ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, भिवानी।
Trending Videos
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टैंकर आपूर्ति के मुकाबले पानी की मांग डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन 35 से 40 टैंकर भेजे जा रहे हैं जबकि जरूरत करीब 150 टैंकर प्रतिदिन की बनी हुई है। शहर के तीनों जलघर टैंकों में पानी का स्तर घटकर केवल तीन से चार फीट तक रह गया है। ऐसे में नियमित आपूर्ति के बजाय राशनिंग के आधार पर पानी सप्लाई किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के अनुसार सात से 14 मई तक नहरों में पानी पहुंचेगा। तब तक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भंडारित पानी के सहारे ही शहरवासियों को भारी कटौती के साथ पानी उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कई कॉलोनियों में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। पेयजल संकट के चलते अब लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। जल भंडारण क्षमता नहीं बढ़ पाने के कारण शहर को हर वर्ष गर्मियों में जल संकट का सामना करना पड़ता है।
बिचला बाजार में पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, महिलाओं ने लगाया सड़क पर जाम
भिवानी। बिचला बाजार स्थित बिजली घर गेट के समीप रहने वाले लोग पिछले करीब तीन माह से पेयजल संकट झेल रहे हैं। इससे परेशान होकर बुधवार सुबह करीब 10 बजे क्षेत्रवासियों ने बिजली घर गेट के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक लोगों ने प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सचिन कुमार, शिव चरण, शिवरतन, दीपक कुमार, नरेश कुमार, सुभाष शर्मा, बिमला देवी, देबी देवी, कृष्णा देवी और अनिता देवी सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने बताया कि रामदत्त गली, जीनदयानल गली, कुम्हारों की गली और नाईभाटान की गली में पिछले 90 दिनों से पानी की सप्लाई बेहद कम थी जबकि पिछले एक सप्ताह से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है।
उन्होंने बताया कि कभी-कभार सप्लाई आने पर भी बिजली नहीं रहती। गर्मी के इस दौर में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले तीन महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। पिछले एक सप्ताह से उन्हें महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि सरकार “हर घर नल से जल” का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर नागरिक मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पानी की मोटर चलाने वाला कर्मचारी अभद्र व्यवहार करता है जिसकी शिकायत कई बार जेई से की गई लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सड़क जाम के कारण बिचला बाजार जैसे मुख्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।
शहरी दायरे में पानी की राशनिंग चल रही है। सात मई को नहरों में पानी पहुंचेगा। इसके बाद ही जलघर के टैंकों तक आपूर्ति होगी। फिलहाल भंडारित पानी के हिसाब से शहर में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है। गर्मी में पानी की खपत भी अधिक बढ़ गई है। इसकी वजह से दिक्कत बनी हुई है। -ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, भिवानी।
