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Bhiwani News: छह कमरे असुरक्षित...दो कमरों में पढ़ रहे 120 विद्यार्थी
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गांव खरक खुर्द में राजकीय माध्यमिक विद्यालय में असुरक्षित घोषित बंद पड़ा कमरा
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खरक। गांव खरक खुर्द स्थित शहीद सूबेदार सुंदर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय में करीब 120 बच्चे मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय में कुल आठ कमरे हैं। इनमें से छह कमरों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। इन कमरों को ध्वस्त करने की तैयारी भी हो चुकी है लेकिन नए कमरों के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग से बजट का इंतजार है।
विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए करीब आठ शिक्षक तैनात हैं। पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण अलग-अलग कक्षाएं लगाने के बजाय सभी बच्चों को दो कमरों में बैठाया जा रहा है। एक साथ कई कक्षाएं चलने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक जब एक कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं तो दूसरी कक्षा के बच्चे खाली बैठे रहते हैं या शोर करने लगते हैं। इससे विद्यालय में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है।
गर्मी और उमस के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है। कमरों में दम घुटने जैसी स्थिति बन जाती है। वहीं असुरक्षित घोषित किए गए छह कमरों की तरफ बच्चों का जाना भी खतरे से खाली नहीं है।
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स्कूल प्रबंधन की ओर से छह असुरक्षित कमरों को तोड़कर उनकी जगह नए कमरे बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अधिकारियों ने भी खस्ताहाल कमरों का निरीक्षण किया है। उन्होंने इन कमरों में बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद नए कमरों के निर्माण के लिए बजट मिलने का इंतजार है।
शौचालय भी हो चुका खस्ताहाल
विद्यालय के कमरे ही नहीं, शौचालय भी खस्ताहाल हो चुका है। दूसरा शौचालय नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरी में इसका इस्तेमाल करना पड़ता है। इसकी दीवारों और छत से प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे में बच्चों को शौचालय में जाने पर भी हमेशा डर लगा रहता है।
विद्यालय की तरफ से हमने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कई बार पत्राचार किया है। हमारे स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रस्ताव दिया गया है। परंतु किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। -रेनू शर्मा, मुख्याध्यापक, शहीद सूबेदार सुंदर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय, खरक खुर्द
विद्यालय के जिस हिस्से को असुरक्षित घोषित किया गया है उसे जल्द ही ध्वस्त करवाकर उसकी जगह नए कमरों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। विद्यालय को सूचीबद्ध किया जा चुका है। जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए बोली कराई जाएगी। -दतात्रेय, एसडीई, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भिवानी
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विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए करीब आठ शिक्षक तैनात हैं। पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण अलग-अलग कक्षाएं लगाने के बजाय सभी बच्चों को दो कमरों में बैठाया जा रहा है। एक साथ कई कक्षाएं चलने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक जब एक कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं तो दूसरी कक्षा के बच्चे खाली बैठे रहते हैं या शोर करने लगते हैं। इससे विद्यालय में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है।
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गर्मी और उमस के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है। कमरों में दम घुटने जैसी स्थिति बन जाती है। वहीं असुरक्षित घोषित किए गए छह कमरों की तरफ बच्चों का जाना भी खतरे से खाली नहीं है।
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स्कूल प्रबंधन की ओर से छह असुरक्षित कमरों को तोड़कर उनकी जगह नए कमरे बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अधिकारियों ने भी खस्ताहाल कमरों का निरीक्षण किया है। उन्होंने इन कमरों में बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद नए कमरों के निर्माण के लिए बजट मिलने का इंतजार है।
शौचालय भी हो चुका खस्ताहाल
विद्यालय के कमरे ही नहीं, शौचालय भी खस्ताहाल हो चुका है। दूसरा शौचालय नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरी में इसका इस्तेमाल करना पड़ता है। इसकी दीवारों और छत से प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे में बच्चों को शौचालय में जाने पर भी हमेशा डर लगा रहता है।
विद्यालय की तरफ से हमने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कई बार पत्राचार किया है। हमारे स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रस्ताव दिया गया है। परंतु किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। -रेनू शर्मा, मुख्याध्यापक, शहीद सूबेदार सुंदर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय, खरक खुर्द
विद्यालय के जिस हिस्से को असुरक्षित घोषित किया गया है उसे जल्द ही ध्वस्त करवाकर उसकी जगह नए कमरों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। विद्यालय को सूचीबद्ध किया जा चुका है। जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए बोली कराई जाएगी। -दतात्रेय, एसडीई, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भिवानी