{"_id":"69add58b0b172538e70dd94d","slug":"stomach-diseases-are-increasing-due-to-fluctuations-in-weather-and-junk-food-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-147816-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मौसम में उतार-चढ़ाव और जंक फूड से बढ़ रहीं पेट की बीमारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मौसम में उतार-चढ़ाव और जंक फूड से बढ़ रहीं पेट की बीमारियां
विज्ञापन
शहर का मेडिकल कॉलेज ।
विज्ञापन
भिवानी। जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव और जंक फूड के बढ़ते सेवन के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। लोगों में पेट दर्द, अपच, हल्के दस्त और उल्टी की शिकायतें सामने आ रही हैं जबकि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बीपी लो की समस्या भी देखने को मिल रही है। चिकित्सकों के अनुसार दिन में बढ़ती गर्मी, रात में हल्की ठंड और असंतुलित खान-पान इन समस्याओं का मुख्य कारण बन रहे हैं।
रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों की दिनचर्या और खान-पान में भी परिवर्तन हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में शरीर का पाचन तंत्र अधिक संवेदनशील हो जाता है जिससे पेट संबंधी संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
चिकित्सकों की शनिवार को हड़ताल और रविवार को अवकाश होने के कारण निजी मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ अधिक देखने को मिली। कई लोग पेट दर्द, उल्टी-दस्त, गैस, अपच और कमजोरी की शिकायत लेकर दवा लेने पहुंचे।
मेडिकल संचालक व फार्मासिस्ट प्रिंस कुमार और रविंद्र ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण दोपहर के समय तेज गर्मी महसूस हो रही है। इसके चलते बाजार में ओआरएस, ग्लूकोज, एनर्जी ड्रिंक और पेट की दवाओं की मांग बढ़ने लगी है। कई लोग पेट संक्रमण और डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण दवा लेने आ रहे हैं।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड रहने के कारण शरीर का तापमान संतुलन प्रभावित होता है जिससे लोग जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
डॉ. गुप्ता के अनुसार ऐसे मौसम में दूषित भोजन और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसलिए बाहर खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों, रेहड़ियों पर बिकने वाले असंतुलित भोजन और अधिक तले-भुने जंक फूड से बचना चाहिए। इसके बजाय घर का ताजा और संतुलित भोजन लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हरी सब्जियां, ताजे फल, दही और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करना जरूरी है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है। साथ ही साफ पानी पीना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाना भी जरूरी है ताकि पेट संबंधी बीमारियों से बचा जा सके।
पेट की सेहत के लिए संतुलित भोजन जरूरी
पेट की लिए गर्मी के मौसम में दही, केला, लहसुन, प्याज का सेवन कर सकते हैं। फाइबर युक्त भोजन के तौर पर साबुत अनाज, दाल, ताजा फल, जूस का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी न रहने दें। तरल पेय पदार्थों का सेवन करते रहें। भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाएं।
ऐसे करें बचाव
प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड मीट, मीठे अनाज का सेवन करने से बचें। शराब, कैफीन युक्त भोजन के सेवन से बचें।
Trending Videos
रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों की दिनचर्या और खान-पान में भी परिवर्तन हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में शरीर का पाचन तंत्र अधिक संवेदनशील हो जाता है जिससे पेट संबंधी संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सकों की शनिवार को हड़ताल और रविवार को अवकाश होने के कारण निजी मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ अधिक देखने को मिली। कई लोग पेट दर्द, उल्टी-दस्त, गैस, अपच और कमजोरी की शिकायत लेकर दवा लेने पहुंचे।
मेडिकल संचालक व फार्मासिस्ट प्रिंस कुमार और रविंद्र ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण दोपहर के समय तेज गर्मी महसूस हो रही है। इसके चलते बाजार में ओआरएस, ग्लूकोज, एनर्जी ड्रिंक और पेट की दवाओं की मांग बढ़ने लगी है। कई लोग पेट संक्रमण और डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण दवा लेने आ रहे हैं।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड रहने के कारण शरीर का तापमान संतुलन प्रभावित होता है जिससे लोग जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
डॉ. गुप्ता के अनुसार ऐसे मौसम में दूषित भोजन और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसलिए बाहर खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों, रेहड़ियों पर बिकने वाले असंतुलित भोजन और अधिक तले-भुने जंक फूड से बचना चाहिए। इसके बजाय घर का ताजा और संतुलित भोजन लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हरी सब्जियां, ताजे फल, दही और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करना जरूरी है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है। साथ ही साफ पानी पीना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाना भी जरूरी है ताकि पेट संबंधी बीमारियों से बचा जा सके।
पेट की सेहत के लिए संतुलित भोजन जरूरी
पेट की लिए गर्मी के मौसम में दही, केला, लहसुन, प्याज का सेवन कर सकते हैं। फाइबर युक्त भोजन के तौर पर साबुत अनाज, दाल, ताजा फल, जूस का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी न रहने दें। तरल पेय पदार्थों का सेवन करते रहें। भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाएं।
ऐसे करें बचाव
प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड मीट, मीठे अनाज का सेवन करने से बचें। शराब, कैफीन युक्त भोजन के सेवन से बचें।