{"_id":"69add61ff5f27519b00a97ef","slug":"in-the-first-ten-days-of-march-the-mercury-crossed-365-degrees-the-highest-temperature-in-ten-years-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-147827-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मार्च के पहले दस दिनों में ही पारा 36.5 डिग्री पार, दस साल में सबसे अधिक तापमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मार्च के पहले दस दिनों में ही पारा 36.5 डिग्री पार, दस साल में सबसे अधिक तापमान
विज्ञापन
गांव दांग खुर्द के खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल।
विज्ञापन
भिवानी। जिले में मार्च माह के पहले दस दिनों में ही अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जो पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि मार्च माह में ही तापमान 36 डिग्री के पार पहुंच गया है जिससे दोपहर के समय गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
तापमान में इस बढ़ोतरी का असर बाजारों में कारोबार से लेकर लोगों के स्वास्थ्य और खेतों में खड़ी फसलों तक पड़ रहा है। दोपहर के समय शहर के बाजार अपेक्षाकृत सूने नजर आ रहे हैं और लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 12 मार्च तक मौसम के खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण आठ मार्च की रात से 11 मार्च के बीच प्रदेश के कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में हवाओं की दिशा में बदलाव आने और हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने की संभावना भी है। हालांकि दिन के तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है जबकि रात्रि के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
ये पड़ेगा फसलों पर प्रभाव
मार्च माह में तापमान तेजी से बढ़ने के कारण गेहूं की फसल पर उच्च तापमान का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिक तापमान से दाने छोटे और हल्के रह जाते हैं। इसके साथ ही फसल उत्पादन में भी कमी आ सकती है। नुकसान को कम करने के लिए पोटेशियम नाइट्रेट के दो छिड़काव दस दिन के अंतराल पर कर सकते हैं। आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें। पीला रतुआ से बचाव का प्रबंध करें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
जिले में पिछले दस वर्षों में मार्च माह का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2016 28.0 18.0
2017 29.0 16.0
2018 30.0 13.0
2019 24.0 12.0
2020 20.2 11.2
2021 31.3 16.2
2022 29.5 12.9
2023 29.7 14.8
2024 26.4 8.8
2025 26.8 9.0
2026 36.5 18
Trending Videos
तापमान में इस बढ़ोतरी का असर बाजारों में कारोबार से लेकर लोगों के स्वास्थ्य और खेतों में खड़ी फसलों तक पड़ रहा है। दोपहर के समय शहर के बाजार अपेक्षाकृत सूने नजर आ रहे हैं और लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 12 मार्च तक मौसम के खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण आठ मार्च की रात से 11 मार्च के बीच प्रदेश के कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में हवाओं की दिशा में बदलाव आने और हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने की संभावना भी है। हालांकि दिन के तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है जबकि रात्रि के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
ये पड़ेगा फसलों पर प्रभाव
मार्च माह में तापमान तेजी से बढ़ने के कारण गेहूं की फसल पर उच्च तापमान का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिक तापमान से दाने छोटे और हल्के रह जाते हैं। इसके साथ ही फसल उत्पादन में भी कमी आ सकती है। नुकसान को कम करने के लिए पोटेशियम नाइट्रेट के दो छिड़काव दस दिन के अंतराल पर कर सकते हैं। आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें। पीला रतुआ से बचाव का प्रबंध करें।
जिले में पिछले दस वर्षों में मार्च माह का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2016 28.0 18.0
2017 29.0 16.0
2018 30.0 13.0
2019 24.0 12.0
2020 20.2 11.2
2021 31.3 16.2
2022 29.5 12.9
2023 29.7 14.8
2024 26.4 8.8
2025 26.8 9.0
2026 36.5 18