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Bhiwani News: टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने बुलंद की आवाज, प्राथमिक शिक्षक संघ ने सांसद प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन
Wed, 15 Jul 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:10 PM IST
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शहर में प्रदर्शन करते शिक्षक।
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भिवानी। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला भिवानी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता के विरोध और पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग के लिए बुधवार को प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सांसद के भिवानी स्थित आवास पर पहुंचकर सांसद प्रतिनिधि उनकी पत्नी मुन्नी देवी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान भूपेंद्र चाहर ने की। इससे पहले जिलेभर से पहुंचे प्राथमिक शिक्षक लघु सचिवालय के सामने वाटर पार्क में एकत्रित हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए सांसद आवास पहुंचे।
जिला महासचिव सुमित शर्मा और प्रेस प्रवक्ता अनिल सांगवान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का आधार रही है इसलिए इसे दोबारा लागू किया जाना चाहिए।
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ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मांग की कि शिक्षकों से जुड़े इन मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाया जाए। उन्होंने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक अब सेवा के अंतिम पड़ाव पर हैं और ऐसे समय में टीईटी की अनिवार्यता उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। सांसद प्रतिनिधि मुन्नी देवी ने शिक्षकों को उनकी मांगों को संबंधित मंचों पर उठाने और समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर राज्य सचिव शोभित सांगवान, पूर्व जिला प्रधान अशोक चाहर, भिवानी संगठन सचिव कृष्ण मलिक, कोषाध्यक्ष संजय जांगड़ा,जिला कार्यालय सचिव शिवधन यादव, तोशाम ब्लॉक प्रधान संजय बुसान, बवानीखेड़ा प्रधान सुनील दत्त, कैरू प्रधान सुरेश धारनवास, भिवानी प्रधान रामावतार यादव, बहल प्रधान बाबूलाल लांबा, लोहारू प्रधान अनूप जांगड़ा, सिवानी प्रधान बलबीर पूनिया मौजूद रहे।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान भूपेंद्र चाहर ने की। इससे पहले जिलेभर से पहुंचे प्राथमिक शिक्षक लघु सचिवालय के सामने वाटर पार्क में एकत्रित हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए सांसद आवास पहुंचे।
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जिला महासचिव सुमित शर्मा और प्रेस प्रवक्ता अनिल सांगवान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का आधार रही है इसलिए इसे दोबारा लागू किया जाना चाहिए।
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ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मांग की कि शिक्षकों से जुड़े इन मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाया जाए। उन्होंने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक अब सेवा के अंतिम पड़ाव पर हैं और ऐसे समय में टीईटी की अनिवार्यता उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। सांसद प्रतिनिधि मुन्नी देवी ने शिक्षकों को उनकी मांगों को संबंधित मंचों पर उठाने और समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर राज्य सचिव शोभित सांगवान, पूर्व जिला प्रधान अशोक चाहर, भिवानी संगठन सचिव कृष्ण मलिक, कोषाध्यक्ष संजय जांगड़ा,जिला कार्यालय सचिव शिवधन यादव, तोशाम ब्लॉक प्रधान संजय बुसान, बवानीखेड़ा प्रधान सुनील दत्त, कैरू प्रधान सुरेश धारनवास, भिवानी प्रधान रामावतार यादव, बहल प्रधान बाबूलाल लांबा, लोहारू प्रधान अनूप जांगड़ा, सिवानी प्रधान बलबीर पूनिया मौजूद रहे।