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Bhiwani News: भीड़ के सैलाब में घिरी ओपीडी.... स्टाफ की कमी ने तोड़ी व्यवस्था की रीढ़
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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक कक्ष के अंदर लगी मरीजों की भीड़।
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भिवानी। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में वार्ड सर्वेंट की कमी के चलते इन दिनों व्यवस्था चरमराई हुई है। हालात यह हैं कि रोजाना 1500 से 2000 मरीजों की भीड़ को संभालने के लिए केवल तीन से चार वार्ड सर्वेंट ही ड्यूटी पर तैनात हैं जिससे ओपीडी में अव्यवस्था बढ़ गई है।
चिकित्सक कक्षों के बाहर मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है। मरीज स्वयं ही अपनी मर्जी से कक्षों में घुसकर पहले नंबर लगवाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति यह बन रही है कि एक साथ 60 से 70 मरीज चिकित्सक कक्ष में घुसकर भीड़ लगा लेते हैं और वहीं बैठ जाते हैं। इससे न केवल ओपीडी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि कई मरीज डॉक्टर के सामने खुलकर अपनी समस्या भी नहीं रख पा रहे हैं।
संवाददाता ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान सामान्य रोग, ईएनटी, मनोरोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, त्वचा रोग और बाल रोग ओपीडी के बाहर केवल तीन वार्ड सर्वेंट ही मौजूद मिले जिससे डॉक्टरों और मरीजों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्यों बन रही है समस्या
शहर के मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए पहले नागरिक अस्पताल से डेपुटेशन पर 30 एचकेआरएन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी लेकिन उच्च अधिकारियों के आदेश पर 31 मार्च को सभी एचकेआरएन कर्मचारियों को उनके मूल स्थान नागरिक अस्पताल में आगामी आदेश तक वापस बुला लिया गया। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में वार्ड सर्वेंट की कमी उत्पन्न हो गई।
एसी बंद होने से परेशान रहे चिकित्सक और मरीज
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में सेंट्रल एसी बंद रहने से दिनभर चिकित्सक और मरीज परेशान रहे। डॉक्टरों को गर्मी में ही मरीजों की जांच करनी पड़ी। पूरी तरह बंद ओपीडी भवन में गर्मी से लोग बेहाल नजर आए।
एक्सरे कक्ष, दवा वितरण और पंजीकरण खिड़की पर लगी लंबी लाइनें
एक्सरे जांच के लिए सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। रोजाना करीब 300 मरीज एक्सरे केंद्र पहुंच रहे हैं। वार्ड सर्वेंट की कमी के चलते मरीज स्वयं ही एक्सरे कक्ष में घुस गए जिसके बाद अस्पताल प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कक्ष का गेट बंद करना पड़ा। इसके अलावा पंजीकरण खिड़की और दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। मरीजों को जांच से लेकर दवा लेने तक की पूरी प्रक्रिया में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है।
एचकेआरएन कर्मचारियों को 31 मार्च को अपने मूल स्थान पर वापस बुलाने के आदेश मिले थे। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार ही स्टाफ को वापस बुलाया गया है। इसके अलावा एक्सरे कक्ष में मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। जल्दी ही दूसरी मशीन इंस्टॉल होते ही मरीजों को लाभ होगा। -डॉ. बलवान सिंह, प्रभारी नागरिक अस्पताल भिवानी।
मेडिकल कॉलेज से 30 कर्मचारियों को वापस बुलाया गया है। अगले आदेश तक कर्मचारी नागरिक अस्पताल में ड्यूटी दे रहे हैं। -दीपक, जिला प्रधान, एचकेआरएन स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन।
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चिकित्सक कक्षों के बाहर मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है। मरीज स्वयं ही अपनी मर्जी से कक्षों में घुसकर पहले नंबर लगवाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति यह बन रही है कि एक साथ 60 से 70 मरीज चिकित्सक कक्ष में घुसकर भीड़ लगा लेते हैं और वहीं बैठ जाते हैं। इससे न केवल ओपीडी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि कई मरीज डॉक्टर के सामने खुलकर अपनी समस्या भी नहीं रख पा रहे हैं।
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संवाददाता ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान सामान्य रोग, ईएनटी, मनोरोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, त्वचा रोग और बाल रोग ओपीडी के बाहर केवल तीन वार्ड सर्वेंट ही मौजूद मिले जिससे डॉक्टरों और मरीजों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्यों बन रही है समस्या
शहर के मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए पहले नागरिक अस्पताल से डेपुटेशन पर 30 एचकेआरएन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी लेकिन उच्च अधिकारियों के आदेश पर 31 मार्च को सभी एचकेआरएन कर्मचारियों को उनके मूल स्थान नागरिक अस्पताल में आगामी आदेश तक वापस बुला लिया गया। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में वार्ड सर्वेंट की कमी उत्पन्न हो गई।
एसी बंद होने से परेशान रहे चिकित्सक और मरीज
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में सेंट्रल एसी बंद रहने से दिनभर चिकित्सक और मरीज परेशान रहे। डॉक्टरों को गर्मी में ही मरीजों की जांच करनी पड़ी। पूरी तरह बंद ओपीडी भवन में गर्मी से लोग बेहाल नजर आए।
एक्सरे कक्ष, दवा वितरण और पंजीकरण खिड़की पर लगी लंबी लाइनें
एक्सरे जांच के लिए सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। रोजाना करीब 300 मरीज एक्सरे केंद्र पहुंच रहे हैं। वार्ड सर्वेंट की कमी के चलते मरीज स्वयं ही एक्सरे कक्ष में घुस गए जिसके बाद अस्पताल प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कक्ष का गेट बंद करना पड़ा। इसके अलावा पंजीकरण खिड़की और दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। मरीजों को जांच से लेकर दवा लेने तक की पूरी प्रक्रिया में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है।
एचकेआरएन कर्मचारियों को 31 मार्च को अपने मूल स्थान पर वापस बुलाने के आदेश मिले थे। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार ही स्टाफ को वापस बुलाया गया है। इसके अलावा एक्सरे कक्ष में मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। जल्दी ही दूसरी मशीन इंस्टॉल होते ही मरीजों को लाभ होगा। -डॉ. बलवान सिंह, प्रभारी नागरिक अस्पताल भिवानी।
मेडिकल कॉलेज से 30 कर्मचारियों को वापस बुलाया गया है। अगले आदेश तक कर्मचारी नागरिक अस्पताल में ड्यूटी दे रहे हैं। -दीपक, जिला प्रधान, एचकेआरएन स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन।
