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Bhiwani News: गोशाला की व्यवस्थाओं पर बवाल, उपचार में लापरवाही से गाय की मौत का आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:37 AM IST
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Uproar over cow shelter arrangements, allegations of cow death due to negligence in treatment
गायों के मरने पर हुए विवाद को शांत करवाते थाना प्रभारी जरनैल सिंह।
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लोहारू। शहर स्थित गोशाला की व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया। गो रक्षा दल के सदस्य और शहर के कई गणमान्य युवा गोशाला परिसर पहुंच गए और आरोप लगाया कि एक गाय को समय पर उपचार व पर्याप्त सुविधा न मिलने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। आरोपों को लेकर गो रक्षा दल और गोशाला समिति के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कुछ समय के लिए खींचतान की स्थिति बन गई।
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माहौल तनावपूर्ण होता देख थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया और कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत है तो उसे लिखित रूप में गोशाला समिति को दें ताकि समाधान कराया जा सके। पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। विरोध में प्रदीप कुमार, राजेश सारसर, लड्डू खरकड़ी, सतवीर प्रधान, अनिल सोलंकी, सचिन सहित दर्जनों युवा शामिल रहे। इस दौरान गोशाला कर्मचारी और समिति सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।
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मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर भी विवाद
गोरक्षा दल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि गोशाला में मृत पशुओं को खुले गड्ढे में डाल दिया जाता है और विधिवत मिट्टी नहीं डाली जाती। उनका कहना है कि खुले में शव पड़े रहने से कुत्ते उन्हें नोंचते हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है और संक्रमण व बीमारी का खतरा बना रहता है। बताया गया कि चार फरवरी को भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया गया था। उस समय गौशाला समिति ने इसे त्रुटि मानते हुए तुरंत मिट्टी डलवाने की कार्रवाई की थी। दल के सदस्यों का कहना है कि तब से वे नियमित निगरानी कर रहे हैं। सोमवार को व्यवस्थाओं और सुविधाओं में कमी दिखाई देने पर फिर आक्रोश सामने आया।

समिति ने आरोपों को किया खारिज
गोशाला समिति की ओर से कमलेश भोडूका ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि गोशाला में गायों की देखभाल के लिए सरकारी पशु चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से कार्य कर रही है। यदि किसी प्रकार की कमी है तो लिखित शिकायत मिलने पर तत्काल निवारण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग बीमार और असहाय गायों व बछड़ों को गोशाला में छोड़ जाते हैं, जिनकी हालत पहले से गंभीर होती है। ऐसे में पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण सप्ताह में दो से तीन पशुओं की मृत्यु हो जाना असामान्य नहीं है।

परिसर में स्वच्छता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए : सैनी
लोहारू समस्या समाधान से जुड़े प्रदीप सैनी ने कहा कि गोशाला आस्था का केंद्र है और यहां व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि बीमार पशुओं के उपचार की नियमित मॉनिटरिंग हो, मृत पशुओं के निस्तारण की स्पष्ट व्यवस्था सार्वजनिक की जाए तथा परिसर में स्वच्छता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो जनहित में उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।

गोशाला प्रबंधन को जवाबदेह बनाया जाए : अक्षय शास्त्री
अक्षय शास्त्री ने कहा कि गोसेवा केवल भावनात्मक विषय नहीं बल्कि जिम्मेदारी का कार्य है। यदि पशुओं को समय पर उपचार और उचित देखभाल नहीं मिलती तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच करवाने तथा गोशाला प्रबंधन को जवाबदेह बनाने की मांग की।

दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवादों को आपसी संवाद व लिखित शिकायत के माध्यम से सुलझाने की अपील की। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गोशाला की व्यवस्थाओं को लेकर शहर में चर्चा बनी हुई है।
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