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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में 1.89 लाख इंतकाल लंबित, अब कैंप लगाने की तैयारी

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- जलसा-ए-आम अभियान जनवरी के हर शनिवार 10, 17, 24 और 31 को आयोजित होगा
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- उपायुक्तों को आदेश, 10 दिनों से अधिक समय से लंबित 50,794 मामलों का पहले करना होगा निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में इंतकाल (म्यूटेशन) के लंबित मामलों को निस्तारित करने के लिए जनवरी में हर शनिवार को विशेष कैंप लगेंगे। प्रदेश की 143 तहसीलों और 7,104 गांवों में 1,89,635 इंतकाल लंबित हैं। सभी उपायुक्तों को 10 दिनों से अधिक समय से लंबित 50,794 मामलों को सबसे पहले निस्तारित करने के आदेश दिए गए हैं। फरीदाबाद, पलवल और अंबाला में सर्वाधिक लंबित मामले हैं।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ बैठक में यह आदेश दिए। डाॅ. मिश्रा ने कहा कि इंतकाल के लंबित मांगों को निस्तारित करने के लिए जलसा-ए-आम अभियान जनवरी के हर शनिवार यानी 10, 17, 24 और 31 जनवरी को चलाया जाएगा। इन पुराने लंबित मामलों के निस्तारित होने के बाद प्रदेश में स्वत: इंतकाल (ऑटो म्यूटेशन) की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच एग्रीस्टैक के क्रियान्वयन, डिजिटल राजस्व सुधारों, भूमि विभाजन मामलों के निस्तारण, अंतर-राज्य सीमा चिह्नांकन, शीतलहर आदि बिंदुओं को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। राजस्व विभाग की उपलिब्ध बताते हुए डाॅॅ. मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में 60 लाख से अधिक भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली के शुभारंभ के बाद से 83,379 संपत्ति विलेख पेपरलेस मोड में पंजीकृत किए जा चुके हैं।
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भूमि विभाजन के अरसे से लंबित मामलों पर जोर देते हुए डॉ. मिश्रा ने पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम की प्रतिस्थापित धारा 111 ए के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए जो त्वरित निस्तारण का प्रावधान करती है। निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रत्येक सहायक कलेक्टर (द्वितीय श्रेणी) को प्रति माह न्यूनतम 12 विभाजन मामलों का निपटान करने का लक्ष्य दिया गया है जबकि कम कार्यभार वाले तहसीलदारों को प्रति माह 20 मामलों का लक्ष्य सौंपा गया है। एग्रीस्टैक के तहत 98 लाख से अधिक किसानों के लिए डाटा बकेट तैयार किए जा चुके हैं जिनमें से 5.12 लाख नामांकन पूरे हो चुके हैं। डॉ. मिश्रा ने ओदश दिए हैं कि एग्रीस्टैक शिविरों में भूमि स्वामियों की पीपीपी आईडी और आधार सीडिंग एक साथ की जाए और इसे एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए।

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ततिमा डिजिटलीकरण का कार्य लगभग पूरा
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. मिश्रा ने बैठक में बताया कि 5 जनवरी तक 6,351 जियो-रेफरेंस्ड गांवों में 60.43 लाख ततिमा रिकॉर्ड डिजिटल किया जा चुका है।महेंद्रगढ़ जिले में 99.7 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। भिवानी में 3.82 लाख और जींद जिले में 4.28 लाख ततीमा रिकाॅर्ड डिजिटल कर दिया गया है। जो भी कार्य जिलों में शेष है वह 31 जनवरी 2026 तक पूरा करना होगा। इसके अलावा हरियाणा–उत्तर प्रदेश सीमा पर 1,221 में से 535 सीमा स्तंभ अब तक स्थापित किए जा चुके हैं। सोनीपत जिले में 74.6 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य 18 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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