{"_id":"6a1c848a6b3c1305af06d5f4","slug":"centre-approves-50-mbbs-seats-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: 50 एमबीबीएस सीटों को केंद्र की मंजूरी, इसी साल शुरू होगी पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: 50 एमबीबीएस सीटों को केंद्र की मंजूरी, इसी साल शुरू होगी पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
सार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रेवाड़ी एम्स शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जबकि युवाओं को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।
आरती सिंह राव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
Trending Videos
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दे दी है, जिससे इसी वर्ष संस्थान में शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सकेगा। इसी साल जुलाई माह तक एम्स में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाएं शुरू होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी में बन रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रेवाड़ी एम्स शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जबकि युवाओं को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी को भी बढ़ावा देने की दिशा में सभी सिविल अस्पतालों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे अस्पताल अपनी बिजली स्वयं पैदा कर सकेंगे, बिजली खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि जींद मेडिकल कॉलेज लगभग तैयार हो चुका है और इसका हैंडओवर इसी वर्ष मिलने की संभावना है। करनाल जिले के कुटेल में बन रहा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भी अंतिम चरण में है। यमुनानगर, कैथल और सिरसा में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। जींद और कुटेल मेडिकल कॉलेजों का हैंडओवर होने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की मंजूरियां लेकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रेवाड़ी एम्स शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जबकि युवाओं को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी को भी बढ़ावा देने की दिशा में सभी सिविल अस्पतालों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे अस्पताल अपनी बिजली स्वयं पैदा कर सकेंगे, बिजली खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि जींद मेडिकल कॉलेज लगभग तैयार हो चुका है और इसका हैंडओवर इसी वर्ष मिलने की संभावना है। करनाल जिले के कुटेल में बन रहा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भी अंतिम चरण में है। यमुनानगर, कैथल और सिरसा में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। जींद और कुटेल मेडिकल कॉलेजों का हैंडओवर होने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की मंजूरियां लेकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।