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Chandigarh-Haryana News: लंबित सड़क निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिए ठेकेदारों ने मांगे 2000 करोड़ रुपये
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ठेकेदारों ने उठाया निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि का मामला
कहा, मांगें न मानी तो 15 जून की बैठक में लेंगे हड़ताल का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तारकोल व दूसरी निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के चलते ठेकेदारों ने सड़क निर्माण व मरम्मत के लंबित कार्यों को पूरा कराने के लिए सरकार से 2000 करोड़ रुपये की मांग की है। हरियाणा ठेकेदार एसोसिएशन का कहना है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा व विभागीय अधिकारियों को ठेकेदारों ने समस्या बताई थी लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। 15 जून को चंडीगढ़ में ठेकेदार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जून तक समस्याएं निस्तारित नहीं की गईं तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल 1000 करोड़ के मरम्मत व सड़कों के निर्माण कार्य ठेकेदार करा रहे हैं। तारकोल के साथ ही दूसरी निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे निर्माण व मरम्मत के कार्यों की लागत बढ़ गई है। सरकार से मांग है कि 1000 करोड़ रुपये केइनिर्माण कार्य पूरे कराने के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट दिया जाए। सरकार से यह भी मांग की है कि जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं उनकी समय सीमा मार्च 2027 तक बढ़ाई जाए। अधिकारी काम को लेकर बेवजह दबाव बना रहे हैं। उन्हें ऐसा करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदारों की मांगें पूरी न हुई तो चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लेकर जो निर्माण कार्य जारी हैं उन्हें बंद करवा दिया जाएगा।
कहा, मांगें न मानी तो 15 जून की बैठक में लेंगे हड़ताल का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तारकोल व दूसरी निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के चलते ठेकेदारों ने सड़क निर्माण व मरम्मत के लंबित कार्यों को पूरा कराने के लिए सरकार से 2000 करोड़ रुपये की मांग की है। हरियाणा ठेकेदार एसोसिएशन का कहना है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा व विभागीय अधिकारियों को ठेकेदारों ने समस्या बताई थी लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। 15 जून को चंडीगढ़ में ठेकेदार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जून तक समस्याएं निस्तारित नहीं की गईं तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल 1000 करोड़ के मरम्मत व सड़कों के निर्माण कार्य ठेकेदार करा रहे हैं। तारकोल के साथ ही दूसरी निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे निर्माण व मरम्मत के कार्यों की लागत बढ़ गई है। सरकार से मांग है कि 1000 करोड़ रुपये केइनिर्माण कार्य पूरे कराने के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट दिया जाए। सरकार से यह भी मांग की है कि जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं उनकी समय सीमा मार्च 2027 तक बढ़ाई जाए। अधिकारी काम को लेकर बेवजह दबाव बना रहे हैं। उन्हें ऐसा करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदारों की मांगें पूरी न हुई तो चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लेकर जो निर्माण कार्य जारी हैं उन्हें बंद करवा दिया जाएगा।
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