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Chandigarh-Haryana News: बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन
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- निजीकरण, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग के विरोध में तीन दिन की हड़ताल का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की चारों प्रमुख यूनियनों ने हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन करते हुए 16 सदस्यीय समिति बनाई है। मोर्चा ने नूंह और गुरुग्राम में समानांतर लाइसेंस, 15 अगस्त से प्रस्तावित एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग योजना का विरोध करते हुए 11 से 13 अगस्त तक तीन दिन की हड़ताल की घोषणा की है। हिसार में शुक्रवार देर रात बैठक में यह फैसला लिया गया।
चंडीगढ़ में जारी बयान में मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य रविन्द्र घणघस, बलजीत बेनीवाल, देवेंद्र सिंह हुड्डा, सुरेश राठी, इकबाल चांदना, यशपाल देसवाल, बिजेंद्र बराड़ व विजेंदर भाटिया ने बताया कि संयुक्त मोर्चा में हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन, एचएसईबी वर्कर यूनियन और पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन (एससी/बीसी/एसटी) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
29 जुलाई को सभी सर्किलों में प्रदर्शन कर उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 3 से 5 अगस्त तक डिवीजन स्तर तथा 6 से 8 अगस्त तक सब डिवीजन स्तर पर प्रदर्शन होंगे। 10 अगस्त को किसान व ट्रेड यूनियनों के कार्यक्रमों में भागीदारी के बाद 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल रहेगी। मोर्चा ने समानांतर लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग योजना वापस लेने, ठेका कर्मचारियों को नियमित करने, रिक्त पदों पर भर्ती, पुरानी पेंशन बहाल करने, जोखिम भत्ता बढ़ाने, महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाएं, बैकलॉग पद भरने, पदोन्नति और निगमों में पदों के पुनर्गठन सहित विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष उठाईं हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की चारों प्रमुख यूनियनों ने हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन करते हुए 16 सदस्यीय समिति बनाई है। मोर्चा ने नूंह और गुरुग्राम में समानांतर लाइसेंस, 15 अगस्त से प्रस्तावित एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग योजना का विरोध करते हुए 11 से 13 अगस्त तक तीन दिन की हड़ताल की घोषणा की है। हिसार में शुक्रवार देर रात बैठक में यह फैसला लिया गया।
चंडीगढ़ में जारी बयान में मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य रविन्द्र घणघस, बलजीत बेनीवाल, देवेंद्र सिंह हुड्डा, सुरेश राठी, इकबाल चांदना, यशपाल देसवाल, बिजेंद्र बराड़ व विजेंदर भाटिया ने बताया कि संयुक्त मोर्चा में हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन, एचएसईबी वर्कर यूनियन और पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन (एससी/बीसी/एसटी) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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29 जुलाई को सभी सर्किलों में प्रदर्शन कर उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 3 से 5 अगस्त तक डिवीजन स्तर तथा 6 से 8 अगस्त तक सब डिवीजन स्तर पर प्रदर्शन होंगे। 10 अगस्त को किसान व ट्रेड यूनियनों के कार्यक्रमों में भागीदारी के बाद 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल रहेगी। मोर्चा ने समानांतर लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग योजना वापस लेने, ठेका कर्मचारियों को नियमित करने, रिक्त पदों पर भर्ती, पुरानी पेंशन बहाल करने, जोखिम भत्ता बढ़ाने, महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाएं, बैकलॉग पद भरने, पदोन्नति और निगमों में पदों के पुनर्गठन सहित विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष उठाईं हैं।
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