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Chandigarh-Haryana News: अब सहायता प्राप्त कॉलेजों में पद नहीं भरने का कारण सरकार को बताना होगा
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- ऐसे पदों को दोबारा भरने के लिए नई अनुमति लेनी होगी, एक वर्ष का अंतर अनिवार्य
- उच्चतर शिक्षा विभाग ने सीधी भर्तियों तथा आरक्षण बैकलॉग व रोस्टर को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी 97 सहायता प्राप्त (एडेड) निजी कॉलेजों में सीधी भर्तियों तथा आरक्षण बैकलॉग व रोस्टर को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है। इसके तहत किसी कॉलेज के स्वीकृत पदों को फिलहाल न भरने का निर्णय लेने पर कॉलेज प्रशासन को सरकार को इसका सटीक कारण बताना होगा। ऐसे पदों को दोबारा भरने के लिए नई अनुमति लेनी होगी और इसके लिए कम से कम एक वर्ष का अंतर अनिवार्य कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि ये नियम 31 अगस्त 2023 से सख्ती से लागू माने जाएं और 20 दिनों के अंदर खाली पदों पर रोस्टर रजिस्टर का सत्यापन करवा लें।
पहले एडेड कॉलेजों में किसी भी तरह की नियुक्तियों पर पाबंदी लगी थी। अप्रैल 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसको हटाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद आरक्षण नीति पर असमंजस होने के चलते 9 माह तक कोई नियुक्ति नहीं हुई थी। अब शिक्षा विभाग की तरफ से एसओपी के माध्यम से पूरी स्थिति को स्पष्ट किया गया है। इसकी कॉपी प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों और मैनेजमेंट को भेजी जा चुकी है। एसओपी के अनुसार 31 अगस्त 2023 से पहले रिक्त पदों पर सब्जेक्ट वाइज आरक्षण नीति लागू होगी। जबकि इस तिथि के बाद रिक्त होने वाले पदों पर कॉलेज को एक यूनिट मानते हुए ओवरऑल पदों पर आरक्षण नीति लागू हो जाएगी।
वहीं, अगर किसी विषय में पहले से आरक्षित वर्ग का बैकलॉग है तो उसको पहले भरना होगा। साथ ही नई भर्तियों से पहले कॉलेजों को अपना रोस्टर रजिस्टर सेवा पोर्टल या नामित अधिकारी से सत्यापित कराना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों व शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से एक ही दिन अलग-अलग विषयों में पद खाली होते हैं तो उन्हें अंग्रेजी वर्णक्रम के अनुसार भरा जाएगा। एक विषय में एक से अधिक पद होने पर पहले चरण में प्रत्येक विषय का केवल एक पद लिया जाएगा ताकि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
सहायता प्राप्त काॅलेजों में स्टाफ की भारी कमी
प्रदेश में एडेड काॅलेजाें में प्रधानाचार्य के 96 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 41 पदों पर प्रधानाचार्य तैनात हैं जबकि 55 पद खाली हैं। शिक्षकों के 2,831 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1,437 पदों पर शिक्षक तैनात हैं और 1,394 पद खाली हैं। गैर शिक्षण स्टाफ के 1,668 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 883 पद पर कर्मचारी तैनात हैं जबकि 785 पद खाली हैं।
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- उच्चतर शिक्षा विभाग ने सीधी भर्तियों तथा आरक्षण बैकलॉग व रोस्टर को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी 97 सहायता प्राप्त (एडेड) निजी कॉलेजों में सीधी भर्तियों तथा आरक्षण बैकलॉग व रोस्टर को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है। इसके तहत किसी कॉलेज के स्वीकृत पदों को फिलहाल न भरने का निर्णय लेने पर कॉलेज प्रशासन को सरकार को इसका सटीक कारण बताना होगा। ऐसे पदों को दोबारा भरने के लिए नई अनुमति लेनी होगी और इसके लिए कम से कम एक वर्ष का अंतर अनिवार्य कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि ये नियम 31 अगस्त 2023 से सख्ती से लागू माने जाएं और 20 दिनों के अंदर खाली पदों पर रोस्टर रजिस्टर का सत्यापन करवा लें।
पहले एडेड कॉलेजों में किसी भी तरह की नियुक्तियों पर पाबंदी लगी थी। अप्रैल 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसको हटाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद आरक्षण नीति पर असमंजस होने के चलते 9 माह तक कोई नियुक्ति नहीं हुई थी। अब शिक्षा विभाग की तरफ से एसओपी के माध्यम से पूरी स्थिति को स्पष्ट किया गया है। इसकी कॉपी प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों और मैनेजमेंट को भेजी जा चुकी है। एसओपी के अनुसार 31 अगस्त 2023 से पहले रिक्त पदों पर सब्जेक्ट वाइज आरक्षण नीति लागू होगी। जबकि इस तिथि के बाद रिक्त होने वाले पदों पर कॉलेज को एक यूनिट मानते हुए ओवरऑल पदों पर आरक्षण नीति लागू हो जाएगी।
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वहीं, अगर किसी विषय में पहले से आरक्षित वर्ग का बैकलॉग है तो उसको पहले भरना होगा। साथ ही नई भर्तियों से पहले कॉलेजों को अपना रोस्टर रजिस्टर सेवा पोर्टल या नामित अधिकारी से सत्यापित कराना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों व शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से एक ही दिन अलग-अलग विषयों में पद खाली होते हैं तो उन्हें अंग्रेजी वर्णक्रम के अनुसार भरा जाएगा। एक विषय में एक से अधिक पद होने पर पहले चरण में प्रत्येक विषय का केवल एक पद लिया जाएगा ताकि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
सहायता प्राप्त काॅलेजों में स्टाफ की भारी कमी
प्रदेश में एडेड काॅलेजाें में प्रधानाचार्य के 96 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 41 पदों पर प्रधानाचार्य तैनात हैं जबकि 55 पद खाली हैं। शिक्षकों के 2,831 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1,437 पदों पर शिक्षक तैनात हैं और 1,394 पद खाली हैं। गैर शिक्षण स्टाफ के 1,668 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 883 पद पर कर्मचारी तैनात हैं जबकि 785 पद खाली हैं।