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Haryana: शवगृहों की लापरवाही पर मानवाधिकार आयोग सख्त, सरकारी अस्पतालों में नियमित निरीक्षण के आदेश
Thu, 16 Jul 2026 01:19 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:19 PM IST
सार
आयोग ने सभी संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शव संरक्षण के लिए उपलब्ध फ्रीजर चैंबरों का नियमित निरीक्षण किया जाए और उन्हें हर समय कार्यशील रखा जाए।
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सरकारी अस्पतालों में शवगृहों की व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोनीपत और फरीदाबाद से जुड़े मामलों की सुनवाई के बाद आयोग ने सभी संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शव संरक्षण के लिए उपलब्ध फ्रीजर चैंबरों का नियमित निरीक्षण किया जाए और उन्हें हर समय कार्यशील रखा जाए। आयोग ने स्पष्ट किया कि मृतकों की गरिमा और सम्मानजनक संरक्षण सुनिश्चित करना स्वास्थ्य संस्थानों की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है।
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आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने दोनों मामलों में प्रस्तुत रिपोर्टों की समीक्षा के बाद यह निर्देश जारी किए। सोनीपत मामले में पानीपत निवासी जोगेंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि जुलाई 2024 में उनके पुत्र के शव को पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित रखने में लापरवाही बरती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त और चालू फ्रीजर उपलब्ध नहीं होने से परिवार को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।
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वहीं, फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल से मांगी गई रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल में 14 शव संरक्षण फ्रीजर चैंबर हैं, लेकिन इनमें से केवल 10 ही कार्यशील हैं, जबकि चार अस्थायी रूप से बंद हैं। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन पांच से दस पोस्टमार्टम किए जाते हैं।
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सोनीपत के सिविल सर्जन ने आयोग को बताया कि सिविल अस्पताल में आठ डीप फ्रीजर उपलब्ध हैं। इसके अलावा खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में भी तीन मॉर्च्युरी चैंबर संचालित हैं।
आयोग ने कहा कि शवगृहों की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अस्पतालों को समय-समय पर फ्रीजर चैंबरों की जांच, रखरखाव और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करनी होगी, ताकि मृतकों के सम्मान और परिजनों की संवेदनाओं की पूरी रक्षा हो सके।