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SIR in Haryana: 22 विधानसभा सीटों पर कटेंगे 38 फीसदी तक वोट, बदलेगा चुनावी गणित; भाजपा को नुकसान
Thu, 16 Jul 2026 08:28 AM IST
Nivedita
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 16 Jul 2026 08:28 AM IST
सार
एसआईआर के बाद कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव देखने को मिल सकता है। 22 सीटों पर बड़ी संख्या में नाम हटने की स्थिति में भाजपा और कांग्रेस दोनों के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
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एसआईआर
- फोटो : डीडी न्यूज
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विस्तार
हरियाणा में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का असर कई विधानसभा सीटों पर देखने को मिल सकता है।
राज्य की 22 विधानसभा सीटों पर 20 से 38 फीसदी से अधिक मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। इनमें सबसे ज्यादा भाजपा की 17 सीटें प्रभावित होंगी और कांग्रेस की पांच सीटें हैं। 22 में से 5 विधानसभा क्षेत्रों में 30 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम कटेंगे। इससे भाजपा व कांग्रेस दोनों का चुनावी गणित बदल सकता है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, सत्यापन के दौरान इन 22 विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में दर्ज में मतदाता नहीं मिले। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग ने एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरण, मृत ) श्रेणी में रखा है। यानी इनमें वे लोग शामिल हैं जो दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो अलग-अलग जगह मतदाता सूची में दर्ज हैं।
हालांकि, ऐसे सभी मतदाताओं को एक और मौका दिया जाएगा। यदि वे समय पर अपने दस्तावेजों के साथ निर्वाचन विभाग के सामने दावा पेश करते हैं और उनका दावा सही पाया जाता है तो उनका नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि 15 जुलाई तक प्रदेश के 2.06 करोड़ (99.83 प्रतिशत) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1.70 करोड़ (82.53 प्रतिशत) प्रपत्र डिजिटलाइज भी किए जा चुके हैं। सत्यापन के दौरान 33.66 लाख ऐसे मतदाता हैं जो अनुपस्थित, दूसरे स्थान पर चले गए, मृत या जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं।
निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समय सीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता 24 जुलाई तक अपना गणना (सत्यापन) फॉर्म बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को या ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। यदि कोई मतदाता तय समय तक फॉर्म जमा नहीं करता है, तो उसका नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निपटारा 28 सितंबर तक होगा और 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
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राज्य की 22 विधानसभा सीटों पर 20 से 38 फीसदी से अधिक मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। इनमें सबसे ज्यादा भाजपा की 17 सीटें प्रभावित होंगी और कांग्रेस की पांच सीटें हैं। 22 में से 5 विधानसभा क्षेत्रों में 30 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम कटेंगे। इससे भाजपा व कांग्रेस दोनों का चुनावी गणित बदल सकता है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, सत्यापन के दौरान इन 22 विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में दर्ज में मतदाता नहीं मिले। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग ने एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरण, मृत ) श्रेणी में रखा है। यानी इनमें वे लोग शामिल हैं जो दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो अलग-अलग जगह मतदाता सूची में दर्ज हैं।
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हालांकि, ऐसे सभी मतदाताओं को एक और मौका दिया जाएगा। यदि वे समय पर अपने दस्तावेजों के साथ निर्वाचन विभाग के सामने दावा पेश करते हैं और उनका दावा सही पाया जाता है तो उनका नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि 15 जुलाई तक प्रदेश के 2.06 करोड़ (99.83 प्रतिशत) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1.70 करोड़ (82.53 प्रतिशत) प्रपत्र डिजिटलाइज भी किए जा चुके हैं। सत्यापन के दौरान 33.66 लाख ऐसे मतदाता हैं जो अनुपस्थित, दूसरे स्थान पर चले गए, मृत या जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं।
निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समय सीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता 24 जुलाई तक अपना गणना (सत्यापन) फॉर्म बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को या ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। यदि कोई मतदाता तय समय तक फॉर्म जमा नहीं करता है, तो उसका नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निपटारा 28 सितंबर तक होगा और 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
मतदाता सूची की छंटनी से चुनावी गणित पर पड़ेगा असर
एसआईआर के बाद कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव देखने को मिल सकता है। 22 सीटों पर बड़ी संख्या में नाम हटने की स्थिति में भाजपा और कांग्रेस दोनों के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। दोनों राजनीतिक दलों ने अपने बीएलए-2 को सक्रिय कर दिया है। 24 जुलाई के बाद सभी बीएलए-2 अपने-अपने बूथ पर सक्रिय होंगे और सर्मथकों का नाम जुड़वाने की कोशिश करेंगे। भाजपा के 19051 और कांग्रेस के 15818 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं।पांच जिलों में एसआईआर का काम सौ फीसदी पूरा
एसआईआर अभियान के तहत पांच जिलों यमुनानगर, कैथल, फतेहाबाद, रेवाड़ी और चरखी दादरी में मतदाता सत्यापन का काम शत प्रतिशत पूरा हो गया है। यमुनानगर में 9.18 लाख, कैथल में 8.28 लाख, फतेहाबाद में 7.10 लाख, रेवाड़ी में 7.39 लाख और चरखी दादरी में 4.10 लाख मतदाताओं का सत्यापन हुआ है। राज्य स्तर पर एसआईआर का कुल कार्य 98.83 प्रतिशत पूरा हो चुका है। केवल 2.41 लाख मतदाताओं का सत्यापन शेष है।20 फीसदी से ज्यादा मिसिंग मतदाताओं वाले विधानसभा क्षेत्र
विधानसभा क्षेत्र विधायक दल कुल मतदाता नहीं मिले मतदाता
गुरुग्राम भाजपा 450200 38.93%
फरीदाबाद भाजपा 276003 35.15%
बल्लभगढ़ भाजपा 286136 35.01%
करनाल भाजपा 278854 33.08%
पंचकूला कांग्रेस 229918 30.35%
सोनीपत भाजपा 256026 29.38%
पानीपत सिटी भाजपा 247812 26.86%
फरीदाबाद एनआईटी भाजपा 341919 27.08%
रोहतक कांग्रेस 201663 25.28%
तिगांव भाजपा 401602 24.71%
अंबाला कैंट भाजपा 209621 24.69%
बहादुरगढ़ भाजपा 252866 24.47%
पानीपत ग्रामीण भाजपा 307515 23.98%
थानेसर कांग्रेस 223905 23.57%
सिरसा कांग्रेस 234130 23.53%
यमुनानगर भाजपा 248191 23.25%
बड़खल भाजपा 349508 22.96%
बादशाहपुर भाजपा 541895 21.89%
अंबाला सिटी कांग्रेस 267366 21.51%
पलवल भाजपा 269594 21.22%